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The Scoopp

 

ट्रेड समझौते के बाद भारत-अमेरिका की कूटनीतिक हलचल तेज, QUAD को लेकर जयशंकर–रुबियो की अहम बैठक

वॉशिंगटन: भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए व्यापार समझौते के बाद रणनीतिक साझेदारियों को लेकर दोनों देशों में नई सक्रियता देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने वॉशिंगटन में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात की। इस बातचीत का केंद्र बिंदु QUAD जैसे बहुपक्षीय मंच के ज़रिए सहयोग को और मज़बूत करना रहा।

यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील की औपचारिक घोषणा की है। इसके बाद दोनों देशों के शीर्ष कूटनीतिज्ञों के बीच यह पहली आमने-सामने की बातचीत थी। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि दोनों नेताओं ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता और समृद्धि को साझा प्राथमिकता बताया।

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रिंसिपल डिप्टी प्रवक्ता टॉमी पिगोट के अनुसार, जयशंकर और रुबियो ने QUAD के मंच का उपयोग करते हुए द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि मुक्त, सुरक्षित और समृद्ध इंडो-पैसिफिक क्षेत्र दोनों देशों के दीर्घकालिक हितों के लिए बेहद अहम है।

क्या है QUAD?

QUAD यानी क्वाड्रिलैटरल सिक्योरिटी डायलॉग चार देशों—भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया—का रणनीतिक गठबंधन है। इस समय इसकी अध्यक्षता भारत के पास है। समूह का उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में नियम-आधारित व्यवस्था को मज़बूत करना और समुद्री सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।

पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका ने हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका का खुलकर समर्थन किया है। वॉशिंगटन चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने के लिए भारत को एक अहम रणनीतिक साझेदार के रूप में देखता है।

हालांकि जयशंकर ने सोशल मीडिया पर रुबियो के साथ मुलाकात की तस्वीर साझा की, लेकिन उन्होंने QUAD का सीधे तौर पर उल्लेख नहीं किया। उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान व्यापार, ऊर्जा, परमाणु सहयोग, रक्षा, क्रिटिकल मिनरल्स और अत्याधुनिक तकनीक जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न संस्थागत तंत्रों की शुरुआती बैठकों पर भी सहमति बनी।

QUAD और ट्रंप प्रशासन

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की आक्रामक रणनीति के मद्देनज़र QUAD का महत्व लगातार बढ़ा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल (2017) में इस मंच को दोबारा सक्रिय किया था। बाद में बाइडन प्रशासन ने इसे और विस्तार दिया, जिसमें समुद्री सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य सहयोग और STEM फेलोशिप जैसे मुद्दे शामिल किए गए।

हालांकि 2024 के बाद से QUAD का कोई शिखर सम्मेलन नहीं हो पाया था, जिससे इसकी गति कुछ धीमी पड़ गई थी। लेकिन भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद मौजूदा घटनाक्रम यह संकेत दे रहे हैं कि QUAD एक बार फिर दोनों देशों की रणनीतिक प्राथमिकताओं में ऊपर आता दिख रहा है—और इससे बीजिंग की चिंता बढ़ना तय माना जा रहा है।