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गर्मियों में ट्रेंड बना ‘दूध-सोडा’ ड्रिंक, पीने से पहले समझ लें फायदे और नुकसान

Ranveer Singh की फिल्म Dhurandhar के चर्चे इन दिनों सिर्फ सिनेमाघरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इसका असर लोगों की लाइफस्टाइल पर भी देखने को मिल रहा है। फिल्म में दिखाया गया दूध-सोडा ड्रिंक अब सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है और खासकर गर्मी के मौसम में लोग इसे खूब ट्राई कर रहे हैं।

पहली नजर में यह ड्रिंक थोड़ा अलग जरूर लगता है, क्योंकि इसमें दूध और कार्बोनेटेड पानी का मिश्रण होता है। पारंपरिक और मॉडर्न फ्लेवर का यह कॉम्बिनेशन कई लोगों को आकर्षित कर रहा है, लेकिन सवाल यह है कि यह सेहत के लिए कितना सही है।

अगर पोषण की बात करें तो लगभग 250 मिलीलीटर दूध-सोडा में 160 से 220 कैलोरी तक ऊर्जा मिल सकती है। इसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा 25 से 35 ग्राम के बीच होती है, जबकि फ्लेवर्ड सिरप के कारण शुगर 20 से 30 ग्राम तक पहुंच जाती है। साथ ही दूध होने की वजह से इसमें 5 से 7 ग्राम प्रोटीन और करीब 200 से 250 मिलीग्राम कैल्शियम भी मिलता है, जो शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व हैं।

हालांकि, इसका एक दूसरा पहलू भी है। अधिक शुगर होने के कारण यह ड्रिंक डायबिटीज, मोटापा या फैटी लिवर जैसी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए सही विकल्प नहीं माना जाता। इसके अलावा, दूध और सोडा का मिश्रण हर किसी के पाचन तंत्र को सूट नहीं करता।

विशेषज्ञों के अनुसार, जब सोडा दूध में मिलाया जाता है, तो उसमें मौजूद एसिड दूध के प्रोटीन (केसीन) को फाड़कर दही जैसा बना देता है। यही कारण है कि कुछ लोगों को इसे पीने के बाद पेट में भारीपन, गैस या ब्लोटिंग महसूस हो सकती है।

कार्बोनेशन और लैक्टोज का कॉम्बिनेशन आंतों में दबाव बढ़ा सकता है, जिससे संवेदनशील पेट वाले लोगों को बार-बार शौच की समस्या भी हो सकती है। दूध-सोडा एक ऐसा ड्रिंक है जो स्वाद और ट्रेंड के लिहाज से दिलचस्प जरूर है, लेकिन इसे नियमित रूप से पीना हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं है। बेहतर यही है कि इसे कभी-कभार ही लिया जाए और अगर शरीर में कोई असहजता महसूस हो, तो इससे दूरी बना ली जाए।