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कैबिनेट का बड़ा फैसला: ईसीएलजीएस 5.0 से MSME और एयरलाइंस को मिलेगा नया सहारा

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के असर से जूझ रहे कारोबारों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने अहम कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) 5.0 को मंजूरी दे दी गई है। इस योजना के जरिए प्रभावित सेक्टर्स को अतिरिक्त फंड उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि उनकी नकदी की दिक्कत दूर हो सके।

नई स्कीम के तहत सरकार ने बैंकों को ज्यादा भरोसा देने के लिए लोन पर गारंटी कवर बढ़ाया है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) के लिए 100% गारंटी दी जाएगी, जबकि अन्य सेक्टर्स और एयरलाइंस को 90% तक सुरक्षा कवर मिलेगा। इससे बैंकों के लिए लोन देना आसान होगा और बिजनेस को जरूरी पूंजी मिल सकेगी।

इस योजना में पात्र कंपनियां अपने पीक वर्किंग कैपिटल के 20% तक अतिरिक्त कर्ज ले सकेंगी। MSME और अन्य क्षेत्रों के लिए अधिकतम सीमा 100 करोड़ रुपए तय की गई है। वहीं, एयरलाइन कंपनियों को विशेष राहत देते हुए उनके लिए यह सीमा बढ़ाकर 1,500 करोड़ रुपए प्रति उधारकर्ता कर दी गई है।

लोन की शर्तों को भी काफी लचीला बनाया गया है। MSME और अन्य कारोबारों को 5 साल की अवधि मिलेगी, जिसमें पहले 1 साल तक मूलधन चुकाने की जरूरत नहीं होगी। दूसरी ओर, एयरलाइंस को 7 साल का समय दिया जाएगा, जिसमें शुरुआती 2 साल तक केवल ब्याज का भुगतान करना होगा।

इस स्कीम का एक और बड़ा फायदा यह है कि इसमें किसी प्रकार की गारंटी फीस नहीं ली जाएगी, जिससे उधार लेने वालों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। यह योजना एनसीजीटीसी द्वारा दिशा-निर्देश जारी होने के बाद लागू होगी और 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी।

हालांकि, इसका लाभ उन्हीं उधारकर्ताओं को मिलेगा जिनके खाते 31 मार्च 2026 तक ‘स्टैंडर्ड’ श्रेणी में हैं और जिनके पास पहले से लोन या वर्किंग कैपिटल सुविधा मौजूद है। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से उन व्यवसायों को बड़ी राहत मिलेगी, जो मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के कारण नकदी संकट से जूझ रहे हैं।

(Photo : AI Generated)