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Mother’s Day Special: 75 साल की मां ने बेटी को दी नई जिंदगी, किडनी डोनेट कर पेश की ममता की मिसाल

मां के प्यार और त्याग की मिसाल पेश करने वाली एक भावुक कहानी मध्य प्रदेश से सामने आई है। मदर्स डे के मौके पर यह घटना लोगों के दिलों को छू रही है, जहां 75 वर्षीय मनोरमा असाटी ने अपनी बेटी की जिंदगी बचाने के लिए खुद की किडनी दान कर दी। उम्र के इस पड़ाव पर लिया गया उनका फैसला आज हर किसी के लिए प्रेरणा बन गया है।

दरअसल, शाहगढ़ निवासी 40 वर्षीय कंचन असाटी पिछले कई वर्षों से गंभीर किडनी बीमारी से जूझ रही थीं। बताया जाता है कि करीब दस साल पहले प्रेग्नेंसी के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने लगी थी। जांच में सामने आया कि उनकी दोनों किडनियां धीरे-धीरे काम करना बंद कर रही हैं। इसके बाद इलाज के लिए उन्होंने कई शहरों के बड़े अस्पतालों का रुख किया, लेकिन स्वास्थ्य में कोई खास सुधार नहीं हुआ।

समय के साथ उनकी हालत और खराब होती चली गई। डॉक्टरों ने आखिरकार साफ कर दिया कि अब सिर्फ किडनी ट्रांसप्लांट ही उनकी जान बचा सकता है। इसी बीच साल 2024 में उनके पति डॉ. अमित आनंद असाटी का अचानक निधन हो गया। पति के जाने के बाद कंचन पर दो बच्चों की जिम्मेदारी आ गई और वह डायलिसिस के सहारे जिंदगी गुजारने लगीं।

बेटी को इस हालत में देखकर मां मनोरमा असाटी ने बड़ा फैसला लिया। उन्होंने खुद अपनी किडनी देने की इच्छा जताई। परिवार के कई लोगों की जांच कराई गई, लेकिन किसी का मैच नहीं मिला। आखिर में मनोरमा की रिपोर्ट मैच कर गई, हालांकि उनकी उम्र सबसे बड़ी चुनौती थी।

डॉक्टरों ने परिवार को बताया कि 75 साल की उम्र में किडनी डोनेट करना बेहद जोखिम भरा हो सकता है। इसके बावजूद मनोरमा अपने फैसले पर अडिग रहीं। उनका कहना था कि अगर उनकी वजह से बेटी की जिंदगी बच सकती है, तो वह हर खतरा उठाने को तैयार हैं।

भोपाल के एक निजी अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने यह कठिन ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया। ट्रांसप्लांट के बाद अब मां और बेटी दोनों स्वस्थ हैं। यह कहानी सिर्फ एक मेडिकल सफलता नहीं, बल्कि मां के अटूट प्रेम और त्याग की ऐसी मिसाल है, जिसने यह साबित कर दिया कि मां अपने बच्चों के लिए किसी भी हद तक जा सकती है।