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The Scoopp

 

9 साल बाद नीदरलैंड पहुंचे पीएम मोदी, टेक्नोलॉजी-ट्रेड साझेदारी पर रहेगा फोकस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय नीदरलैंड दौरे पर पहुंच गए हैं। यह यात्रा भारत और नीदरलैंड के बीच आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक रिश्तों को नई मजबूती देने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। पीएम मोदी करीब 9 साल बाद नीदरलैंड पहुंचे हैं और इस दौरान कई बड़े समझौतों पर चर्चा होने की संभावना है।

दौरे के दौरान पीएम मोदी की मुलाकात नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन से होगी। दोनों देशों के बीच सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन एनर्जी, रक्षा और डिजिटल टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर बातचीत होगी। माना जा रहा है कि हाई-टेक इंडस्ट्री इस बैठक का सबसे बड़ा एजेंडा रहेगी।

भारत इस समय देश में चिप निर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। ऐसे में भारत की नजर नीदरलैंड की एडवांस टेक कंपनियों पर है। खासतौर पर ASML जैसी डच कंपनी, जो दुनिया में चिप मैन्युफैक्चरिंग मशीनों की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल है, भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

व्यापार और निवेश को लेकर भी दोनों देशों के बीच नई योजनाओं पर चर्चा हो सकती है। नीदरलैंड भारत में निवेश करने वाले प्रमुख यूरोपीय देशों में शामिल है। बंदरगाह विकास, लॉजिस्टिक्स, कृषि तकनीक और ग्रीन हाइड्रोजन सेक्टर में साझेदारी बढ़ाने की तैयारी बताई जा रही है।

नीदरलैंड वाटर मैनेजमेंट और आधुनिक खेती की तकनीकों के लिए दुनिया भर में मशहूर है। भारत इन क्षेत्रों में डच अनुभव और तकनीक का फायदा उठाना चाहता है ताकि कृषि और जल प्रबंधन को और बेहतर बनाया जा सके। अपने दौरे के दौरान पीएम मोदी नीदरलैंड के राजा विलेम अलेक्जेंडर और रानी मैक्सिमा से भी मुलाकात करेंगे। उनके सम्मान में आधिकारिक कार्यक्रम और स्टेट डिनर आयोजित किए जाने की भी खबर है।

गौरतलब है कि इससे पहले पीएम मोदी 2017 में नीदरलैंड गए थे। वहीं हाल ही में नीदरलैंड के प्रधानमंत्री डिक स्कूफ भारत आए थे, जहां दोनों देशों के बीच डिजिटल इनोवेशन और आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई थी।

विशेषज्ञों के मुताबिक, यह दौरा यूरोप में भारत की नई रणनीतिक नीति का हिस्सा माना जा रहा है। रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक सप्लाई चेन संकट के बाद भारत यूरोपीय देशों के साथ अपने व्यापारिक और तकनीकी रिश्ते मजबूत करने में जुटा हुआ है। रॉटरडैम पोर्ट के जरिए पूरे यूरोप में व्यापारिक पहुंच होने के कारण भारत के लिए नीदरलैंड की रणनीतिक अहमियत काफी बढ़ गई है।