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2030 तक भारत में बड़ा दांव लगाएगी पेप्सिको, तीन राज्यों में खुलेंगे नए यूनिट

भारत के फूड और बेवरेज मार्केट में अपनी मौजूदगी और मजबूत करने के लिए ग्लोबल कंपनी PepsiCo ने बड़ा निवेश प्लान तैयार किया है। कंपनी अगले पांच वर्षों में देश में करीब ₹5,700 करोड़ खर्च करेगी। यह निवेश मुख्य तौर पर स्नैक्स और फूड प्रोडक्ट्स की उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर किया जाएगा।

तमिलनाडु, असम और मध्य प्रदेश बने निवेश के बड़े केंद्र

कंपनी के इंडिया और साउथ एशिया प्रमुख Jagrut Kotecha ने बताया कि 2025 से 2030 के बीच होने वाला यह निवेश तीन अहम राज्यों में केंद्रित रहेगा। मध्य प्रदेश में नया कंसंट्रेट्स प्लांट तैयार किया जा रहा है, जबकि असम और तमिलनाडु में बड़े स्नैक्स मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी अपने नेटवर्क को तेजी से विस्तार दे रही है। तमिलनाडु में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है और वहां जल्द बड़े स्तर का स्नैक्स प्लांट विकसित किया जाएगा।

अगले कुछ महीनों में शुरू होगा उत्पादन

पेप्सिको के मुताबिक, मध्य प्रदेश और असम में तैयार हो रहे प्रोजेक्ट्स जल्द संचालन शुरू कर देंगे। कंपनी का लक्ष्य है कि देशभर में सप्लाई चेन को मजबूत बनाकर तेजी से बढ़ते फूड मार्केट का फायदा उठाया जाए।

भारत क्यों बना कंपनी की प्राथमिकता?

सीईओ कोटेचा के अनुसार भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में शामिल है। बढ़ती आय, मजबूत अर्थव्यवस्था और राजनीतिक स्थिरता जैसी वजहों से कंपनी यहां लंबी अवधि का निवेश कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत अब पेप्सिको के लिए दुनिया के टॉप मार्केट्स में गिना जाता है।

फूड बिजनेस में तेज उछाल

कंपनी की सीएफओ Savita Balachandran ने बताया कि 2025 के दौरान फूड सेगमेंट ने लगभग 11% की ग्रोथ दर्ज की। हालांकि बेवरेज कारोबार को मौसम और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण कुछ दबाव का सामना करना पड़ा। दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी ने भारत में ₹9,789 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया, जबकि नेट प्रॉफिट ₹905 करोड़ रहा।

कंपनी के पास मजबूत कैश रिजर्व

पेप्सिको ने बताया कि उसकी बैलेंस शीट फिलहाल काफी मजबूत स्थिति में है। कंपनी के पास ₹1,600 करोड़ से अधिक कैश रिजर्व मौजूद है, जिससे भविष्य के प्रोजेक्ट्स में निवेश करना आसान होगा। प्रबंधन का कहना है कि आने वाले वर्षों में भी लॉन्ग-टर्म ग्रोथ पर फोकस जारी रहेगा।

क्या होता है कंसंट्रेट्स प्लांट?

कोल्ड ड्रिंक तैयार करने से पहले उसका बेस फॉर्मूला यानी कंसंट्रेट बनाया जाता है। इसी मिश्रण को अलग-अलग बॉटलिंग यूनिट्स तक पहुंचाया जाता है, जहां पानी, चीनी और कार्बोनेशन मिलाकर अंतिम पेय तैयार किया जाता है।

कैश ऑन बुक्स का मतलब क्या है?

किसी कंपनी के पास बैंक या लिक्विड फंड्स के रूप में उपलब्ध तत्काल नकदी को ‘कैश ऑन बुक्स’ कहा जाता है। ज्यादा कैश रिजर्व किसी कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।