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रोम में मोदी-मेलोनी की साझा प्रेस वार्ता: हिंदी बोलकर मेलोनी ने जीता दिल, भारत-इटली रिश्तों को मिला नया दर्जा

इटली की राजधानी रोम में बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-इटली संबंधों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। मेलोनी ने हिंदी में “परिश्रम ही सफलता की कुंजी है” कहकर सबका ध्यान खींचा।

जॉर्जिया मेलोनी ने कहा कि भारत में “परिश्रम” शब्द केवल मेहनत नहीं, बल्कि समर्पण और निरंतर प्रयास की पहचान है। उन्होंने भारतीय संस्कृति और कार्यशैली की तारीफ करते हुए इसे प्रेरणादायक बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में रोम और काशी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रोम को दुनिया “इटरनल सिटी” के नाम से जानती है और भारत में वाराणसी यानी काशी की भी वही पहचान है। मोदी ने कहा कि जब प्राचीन सभ्यताएं मिलती हैं तो बातचीत केवल औपचारिक मुद्दों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि सांस्कृतिक जुड़ाव भी मजबूत होता है। इस मौके पर पीएम मोदी ने मेलोनी को भारत आने का निमंत्रण भी दिया। दोनों नेताओं ने भारत-इटली रिश्तों को “स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” का दर्जा देने का ऐलान किया।

रोम स्थित संयुक्त राष्ट्र के फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन (FAO) ने प्रधानमंत्री मोदी को प्रतिष्ठित “एग्रीकोला मेडल” से सम्मानित किया। यह सम्मान FAO के महानिदेशक क्यू डोंग्यू ने कृषि, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में भारत के योगदान को देखते हुए प्रदान किया।

सम्मान मिलने के बाद पीएम मोदी ने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी नहीं, बल्कि देश के किसानों, पशुपालकों, मछुआरों और कृषि वैज्ञानिकों की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने यह सम्मान भारत के अन्नदाताओं को समर्पित किया।

मोदी ने कहा कि भारत में खेती केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति और परंपरा का अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में धरती को मां और किसान को धरती पुत्र माना जाता है। दोनों देशों ने व्यापार और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। भारत और इटली ने आने वाले समय में व्यापार को 20 अरब यूरो तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। फिलहाल भारत में 400 से अधिक इतालवी कंपनियां काम कर रही हैं।

बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी, अंतरिक्ष और सिविल न्यूक्लियर एनर्जी जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा दोनों देशों ने आतंकवाद और उसकी फंडिंग के खिलाफ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।