मध्य पूर्व में लंबे समय से जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के रिश्तों में नरमी देखने को मिल सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों देश युद्धविराम को करीब 60 दिनों तक बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। इसी दौरान होर्मुज स्ट्रेट को चरणबद्ध तरीके से दोबारा पूरी तरह चालू करने की योजना पर भी चर्चा हो रही है।
फाइनेंशियल टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से बताया कि दोनों देशों के बीच परमाणु मुद्दों पर फिर से बातचीत शुरू करने की जमीन तैयार की जा रही है। खासतौर पर ईरान के संवर्धित यूरेनियम भंडार को लेकर नई वार्ता की संभावना जताई गई है।
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल सप्लाई के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग माना जाता है। पिछले कुछ समय में यहां बढ़े तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों, शिपिंग कारोबार और सप्लाई चेन पर साफ दिखाई दिया था। ऐसे में अगर रास्ता सामान्य रूप से खुलता है तो दुनिया भर के बाजारों को बड़ी राहत मिल सकती है।
अमेरिका और पश्चिमी देशों का कहना है कि ईरान तेजी से परमाणु हथियार बनाने की क्षमता के करीब पहुंच रहा है। हालांकि ईरान लगातार इन आरोपों से इनकार करता आया है और उसका दावा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल ऊर्जा और नागरिक जरूरतों तक सीमित है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मौजूदा बातचीत का मकसद दोनों देशों के बीच तनाव कम करना और आगे के समझौते के लिए माहौल बनाना है।