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शादीशुदा रिश्ते में हर बात बताना नहीं होता सही, एक्सपर्ट्स ने दी अहम सलाह

आजकल पति-पत्नी के रिश्तों में सिर्फ प्यार ही काफी नहीं माना जाता, बल्कि समझदारी और भावनाओं को संभालने का तरीका भी बेहद जरूरी हो गया है। रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स का कहना है कि कई बार जरूरत से ज्यादा खुलापन रिश्ते में तनाव और गलतफहमियां पैदा कर सकता है। इसलिए हर बात बिना सोचे-समझे पार्टनर के सामने रखना सही नहीं माना जाता।

रिश्ते में शब्दों का चुनाव बहुत जरूरी

विशेषज्ञों के मुताबिक कई लोग गुस्से या तनाव में ऐसी बातें बोल देते हैं जो बाद में रिश्ते के लिए परेशानी बन जाती हैं। हर छोटी निराशा, डर या मन की उलझन लगातार शेयर करने से सामने वाला मानसिक दबाव महसूस कर सकता है। इससे रिश्ते में सहजता कम होने लगती है।

आर्थिक तनाव की बातें संभलकर करें शेयर

करियर बदलने की योजना, नौकरी छोड़ने का डर या पैसों को लेकर असुरक्षा जैसी बातें भी सोच-समझकर करनी चाहिए। शादीशुदा जिंदगी में आर्थिक स्थिरता बड़ी जिम्मेदारी मानी जाती है। ऐसे में बार-बार भविष्य को लेकर चिंता जताने से पार्टनर के मन में तनाव और असुरक्षा बढ़ सकती है।

पार्टनर की कमियां बताने का तरीका सही होना चाहिए

रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सीधे तौर पर पार्टनर की आदतों या कमियों पर हमला करना रिश्ते में दूरी ला सकता है। चाहे बात ज्यादा फोन इस्तेमाल करने की हो, गुस्से की हो या भावनात्मक दूरी की, अगर शब्द कठोर हों तो सामने वाला इसे आलोचना समझ सकता है। यही छोटी बातें आगे चलकर बड़े विवाद का कारण बन जाती हैं।

दूसरों के प्रति आकर्षण जताना पड़ सकता है भारी

विशेषज्ञों के अनुसार कुछ लोग रिश्ते में पूरी ईमानदारी दिखाने के लिए दूसरे लोगों के प्रति आकर्षण जैसी बातें भी साझा कर देते हैं। लेकिन ऐसी बातें पति-पत्नी के बीच भरोसे को कमजोर कर सकती हैं। इससे पार्टनर के मन में शक और असुरक्षा की भावना पैदा होने लगती है।

अकेलेपन की भावना जाहिर करते समय रखें सावधानी

आज के समय में कई लोग शादीशुदा होने के बावजूद भावनात्मक अकेलापन महसूस करते हैं। हालांकि एक्सपर्ट्स कहते हैं कि इस भावना को व्यक्त करने का तरीका बेहद अहम होता है। गलत समय या गलत अंदाज में कही गई बात रिश्ते में और ज्यादा दूरी पैदा कर सकती है।

हर सच तुरंत बोलना जरूरी नहीं

रिलेशनशिप जानकारों का मानना है कि समझदारी इसी में है कि कौन-सी बात कब और कैसे कही जाए। शादी का रिश्ता भरोसे, सम्मान और भावनात्मक संतुलन पर टिका होता है। इसलिए कई बार रिश्ते को मजबूत बनाए रखने के लिए शब्दों और भावनाओं को संतुलित रखना जरूरी हो जाता है।

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