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ईरान-अमेरिका परमाणु वार्ता में फिर अड़चन, तेहरान बोला- गारंटी के बिना नहीं होगी कोई डील

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही परमाणु वार्ताओं को लेकर एक बार फिर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। ईरान ने साफ शब्दों में कहा है कि केवल आश्वासनों के आधार पर वह किसी भी समझौते को स्वीकार नहीं करेगा। तेहरान का कहना है कि जब तक उसके राष्ट्रीय हितों और अधिकारों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, तब तक किसी भी प्रस्ताव पर अंतिम सहमति नहीं दी जाएगी।

ईरान की संसद के स्पीकर और प्रमुख वार्ताकार मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने एक वर्चुअल संबोधन में कहा कि उनके देश को अमेरिकी वादों पर भरोसा नहीं है। उन्होंने दोहराया कि किसी भी संभावित समझौते के लिए ठोस गारंटी और व्यावहारिक परिणाम जरूरी हैं।

यह बयान ऐसे समय आया है जब खबरें सामने आई हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने तेहरान को एक संशोधित प्रस्ताव भेजा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस नए प्रस्ताव में पहले की तुलना में अधिक सख्त शर्तें शामिल की गई हैं। हालांकि प्रस्ताव की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि वॉशिंगटन ईरान से अतिरिक्त प्रतिबद्धताओं की मांग कर रहा है।

दूसरी ओर, राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि दोनों देशों के बीच समझौते की संभावनाएं मजबूत हैं। उन्होंने कहा कि ईरान परमाणु हथियार नहीं रखने की उनकी प्रमुख शर्त को स्वीकार कर चुका है। हालांकि ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि यदि बातचीत सफल नहीं होती है तो अमेरिका अन्य विकल्पों पर विचार कर सकता है।

कई महीनों से जारी कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद दोनों देशों के बीच अविश्वास अब भी बड़ा मुद्दा बना हुआ है। ऐसे में आने वाले दिनों में वार्ता की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि दोनों पक्ष अपनी-अपनी शर्तों पर कितना लचीलापन दिखाते हैं।