उत्तराखंड में बिगड़ते मौसम और लगातार हो रही तेज बारिश के चलते केदारनाथ धाम की यात्रा को फिलहाल रोक दिया गया है। मौसम विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट के बाद प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम में सुधार होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी।
भारी वर्षा के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका बढ़ गई है। केदारनाथ मार्ग संवेदनशील क्षेत्र में आता है, इसलिए किसी भी तरह के जोखिम से बचने के लिए यात्रियों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगाई गई है। गढ़वाल मंडल प्रशासन ने यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने की व्यवस्था की है।
प्रशासन के अनुसार, केदारनाथ की ओर जाने वाले यात्रियों को फिलहाल ऋषिकेश और श्रीनगर में आगे बढ़ने से रोका गया है। इसके अलावा गुप्तकाशी, फाटा, रामपुर, शेरसी, सोनप्रयाग और गौरीकुंड जैसे होल्डिंग प्वाइंट्स पर भी श्रद्धालुओं को सुरक्षित रखा गया है। अधिकारियों ने वाहन चालकों और यात्रियों से मौसम संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के दौरान कई इलाकों में तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। इसी चेतावनी को देखते हुए यात्रा मार्ग पर वाहनों की आवाजाही भी सीमित कर दी गई है ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
चारधाम यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव माने जाने वाले केदारनाथ धाम का धार्मिक महत्व बेहद खास है। भगवान शिव को समर्पित यह पवित्र धाम समुद्र तल से लगभग 11,755 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। मान्यता है कि यहां स्थित ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने से भक्तों को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और उनके कष्ट दूर होते हैं।
इस वर्ष 22 अप्रैल 2026 को मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे। यात्रा शुरू होने के बाद से अब तक 10 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। हालांकि हाल के दिनों में खराब मौसम और भूस्खलन की घटनाओं के कारण यात्रा कई बार प्रभावित हुई है। फिलहाल प्रशासन मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।