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The Scoopp

 

शमर जोसेफ का पंच, रदरफोर्ड-होल्डर का धमाका; वेस्टइंडीज ने श्रीलंका को हराकर 2-1 से जीती टी-20 सीरीज

सबीना पार्क, किंग्स्टन में खेले गए तीसरे और निर्णायक टी-20 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को 5 विकेट से मात दी और तीन मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। मैच के हीरो तेज गेंदबाज शमर जोसेफ रहे, जिन्होंने घातक गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट चटकाए। वहीं लक्ष्य का पीछा करते समय शेरफेन रदरफोर्ड और जेसन होल्डर ने विस्फोटक बल्लेबाजी कर मेजबान टीम को यादगार जीत दिलाई।

सीरीज का फैसला करने वाले इस मुकाबले में श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी की और 20 ओवर के अंदर अपनी पूरी टीम गंवाकर 169 रन बनाए। जवाब में वेस्टइंडीज ने कुछ शुरुआती झटकों के बावजूद हिम्मत नहीं हारी और 19.4 ओवर में 5 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। टीम ने मुकाबला दो गेंद बाकी रहते जीत लिया।

मैच की शुरुआत श्रीलंका के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। टॉप ऑर्डर बल्लेबाज तेजी से रन बनाने में सफल नहीं हो सके और कप्तान कुसल मेंडिस केवल 5 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। शुरुआती विकेट गिरने के बाद पथुम निसांका और कामिल मिशारा ने पारी को संभालने की कोशिश की और दूसरे विकेट के लिए उपयोगी साझेदारी की। निसांका ने 17 गेंदों में 26 रन बनाए, जबकि मिशारा ने 23 गेंदों पर 28 रन का योगदान दिया।

हालांकि यह साझेदारी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। इसके बाद पवन रत्नायके बिना खाता खोले आउट हो गए और श्रीलंका की टीम एक बार फिर दबाव में आ गई। मध्यक्रम में कामिंदु मेंडिस ने 20 रन तथा दासुन शनाका ने 16 रन जोड़कर स्कोर आगे बढ़ाने का प्रयास किया, लेकिन वेस्टइंडीज के गेंदबाज लगातार अंतराल पर विकेट निकालते रहे।

एक छोर पर डटे दुनिथ वेलालागे ने टीम की पारी को संभालने का जिम्मा उठाया। उन्होंने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 28 गेंदों में 43 रन बनाए। उनकी पारी में 6 चौके और 1 छक्का शामिल रहा, जिससे श्रीलंका सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचने में सफल रहा। अगर वेलालागे यह पारी नहीं खेलते तो टीम का कुल स्कोर काफी कम रह सकता था।

श्रीलंका की पारी के अंतिम ओवर में शमर जोसेफ ने कहर बरपा दिया। उन्होंने सिर्फ 5 रन खर्च करते हुए तीन बल्लेबाजों को चलता किया। इसी ओवर में वेलालागे, दुष्मंत चमीरा और महीश तीक्षणा उनके शिकार बने। पूरे मुकाबले में जोसेफ ने 5 विकेट झटककर विपक्षी बल्लेबाजी क्रम को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया और अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।

170 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की शुरुआत भी आसान नहीं रही। शुरुआती बल्लेबाज बड़ी साझेदारी बनाने में नाकाम रहे और टीम ने महज 53 रन के स्कोर पर अपने चार महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए। उस समय मैच पूरी तरह श्रीलंका की पकड़ में नजर आ रहा था और मेजबान टीम पर हार का खतरा मंडरा रहा था।

ऐसे मुश्किल समय में शेरफेन रदरफोर्ड ने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने जल्दबाजी दिखाने के बजाय परिस्थिति के अनुसार बल्लेबाजी की और धीरे-धीरे रन गति को बनाए रखा। जैसे-जैसे पारी आगे बढ़ी, रदरफोर्ड ने बड़े शॉट खेलने शुरू किए और श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया।

रदरफोर्ड ने 39 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और अंत तक नाबाद रहे। उन्होंने 40 गेंदों पर 54 रन बनाए, जिसमें 3 चौके और 4 शानदार छक्के शामिल थे। उनकी सूझबूझ भरी पारी ने लक्ष्य का पीछा आसान बना दिया और टीम को मुकाबले में बनाए रखा।

जब मैच आखिरी ओवरों में रोमांचक मोड़ पर पहुंचा, तब अनुभवी ऑलराउंडर जेसन होल्डर ने मैदान पर उतरकर खेल का रुख पलट दिया। उन्होंने महज 5 गेंदों का सामना करते हुए 21 रन की विस्फोटक नाबाद पारी खेली। उनकी तेज बल्लेबाजी ने श्रीलंका के गेंदबाजों की सारी रणनीति बिगाड़ दी और जीत की राह आसान कर दी।

रदरफोर्ड और होल्डर के बीच हुई अहम साझेदारी ने वेस्टइंडीज को दबाव से बाहर निकाला। दोनों बल्लेबाजों ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया, जिसकी बदौलत टीम ने 19.4 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। दो गेंद शेष रहते मिली इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने सीरीज भी अपने नाम कर ली।

इस निर्णायक मुकाबले के लिए वेस्टइंडीज ने अपनी प्लेइंग इलेवन में दो बदलाव किए थे। शमर स्प्रिंगर और रोमारियो शेफर्ड की जगह जेसन होल्डर तथा अकेम ऑगस्टे को अंतिम एकादश में मौका दिया गया। खास तौर पर होल्डर का चयन टीम के लिए बेहद फायदेमंद साबित हुआ, क्योंकि उन्होंने अंत में तेज रन बनाकर मैच खत्म कर दिया।

तीन मैचों की इस टी-20 सीरीज का सफर भी काफी दिलचस्प रहा। पहले मुकाबले में वेस्टइंडीज ने दमदार प्रदर्शन करते हुए 7 विकेट से जीत दर्ज की थी। इसके बाद दूसरे मैच में श्रीलंका ने शानदार वापसी करते हुए 37 रन से जीत हासिल की और सीरीज 1-1 से बराबर कर दी। ऐसे में तीसरा मुकाबला दोनों टीमों के लिए निर्णायक बन गया, जिसमें वेस्टइंडीज ने दबाव झेलते हुए बेहतर खेल दिखाया और ट्रॉफी अपने नाम कर ली।

पूरे मैच पर नजर डालें तो शमर जोसेफ की घातक गेंदबाजी, दुनिथ वेलालागे की संघर्षपूर्ण पारी, शेरफेन रदरफोर्ड की जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी और जेसन होल्डर की तूफानी फिनिशिंग इस मुकाबले के सबसे बड़े आकर्षण रहे। इन प्रदर्शनों की बदौलत वेस्टइंडीज ने न सिर्फ निर्णायक मैच जीता बल्कि घरेलू मैदान पर सीरीज जीतकर अपने प्रशंसकों को जश्न मनाने का मौका भी दिया।