पंजाब में आतंकवाद से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। जालंधर में संयुक्त अभियान के दौरान पुलिस ने एक ऐसे संदिग्ध को गिरफ्तार किया है, जिसके कब्जे से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद हुई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह मामला प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से जुड़ा हो सकता है। पुलिस का कहना है कि समय रहते की गई कार्रवाई ने संभावित बड़े खतरे को टाल दिया और राज्य में शांति भंग करने की कोशिश नाकाम कर दी।
रविवार को पंजाब पुलिस के महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने पूरे मामले की जानकारी साझा करते हुए बताया कि काउंटर इंटेलिजेंस (CI) जालंधर और जालंधर ग्रामीण पुलिस ने संयुक्त रूप से एक विशेष अभियान चलाया था। इस अभियान के दौरान जालंधर के आदमपुर क्षेत्र से जुड़े एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया, जिसके पास से एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) बरामद हुई।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान जालंधर जिले के आदमपुर क्षेत्र के गांव पडियाना निवासी सतबीर सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार वह एक काले रंग की मोटरसाइकिल पर सवार होकर जा रहा था। गुप्त सूचना मिलने के बाद पुलिस टीमों ने धंदौर गांव के पास विशेष नाका लगाकर उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और उचित समय पर उसे रोककर तलाशी ली।
तलाशी के दौरान आरोपी के बैग से लगभग 1.3 किलोग्राम वजन की एक शक्तिशाली IED बरामद की गई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह विस्फोटक केवल सामान्य बम नहीं था, बल्कि इसमें बॉल बेयरिंग और धातु के छर्रे भी लगाए गए थे। ऐसी सामग्री विस्फोट के समय अधिकतम नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से इस्तेमाल की जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के उपकरण का इस्तेमाल भीड़भाड़ वाले इलाके में किया जाता तो भारी जनहानि हो सकती थी।
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि आरोपी का संबंध ISI समर्थित बब्बर खालसा इंटरनेशनल के एक मॉड्यूल से हो सकता है। उन्होंने बताया कि पुलिस को पहले से विश्वसनीय खुफिया इनपुट प्राप्त हुए थे कि कुछ संदिग्धों तक विदेशी हैंडलरों की ओर से विस्फोटकों की खेप पहुंचाई गई है। इसी सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई और आरोपी को विस्फोटक के साथ गिरफ्तार कर लिया गया।
उन्होंने कहा कि पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण राज्य में किसी बड़ी आतंकी घटना की आशंका को समय रहते समाप्त कर दिया गया। यदि यह विस्फोटक अपने निर्धारित स्थान तक पहुंच जाता तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से कई निर्दोष लोगों की जान बचाई जा सकी है।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी को यह विस्फोटक किस माध्यम से मिला और उसका अंतिम लक्ष्य क्या था। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस मॉड्यूल में अन्य स्थानीय लोग भी शामिल हैं या आरोपी किसी बड़े गिरोह का हिस्सा था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार विदेशी हैंडलरों की भूमिका भी जांच के केंद्र में है। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि पाकिस्तान स्थित या अन्य देशों में सक्रिय आतंकवादी नेटवर्क से आरोपी का संपर्क कैसे स्थापित हुआ। मोबाइल फोन, डिजिटल उपकरणों, कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी बारीकी से जांच की जा रही है।
पंजाब पुलिस का कहना है कि इस मामले में केवल आरोपी की गिरफ्तारी ही अंतिम लक्ष्य नहीं है। जांच का मुख्य उद्देश्य पूरे नेटवर्क का खुलासा करना है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की आतंकी गतिविधि को जड़ से समाप्त किया जा सके। इसी वजह से मामले के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक तलाशे जा रहे हैं। यानी यह पता लगाया जा रहा है कि विस्फोटक किसने उपलब्ध कराया, किसके निर्देश पर आरोपी काम कर रहा था और आगे इसे किस तक पहुंचाया जाना था।
अधिकारियों ने बताया कि मामले में जालंधर ग्रामीण जिले के पटारा थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम तथा आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई जारी है और आवश्यकता पड़ने पर अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जाएगी।
जांच टीमों ने आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि पूछताछ से कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि आरोपी पहले भी किसी आतंकी गतिविधि में शामिल रहा है या नहीं। इसके अलावा उसके वित्तीय लेनदेन, यात्रा रिकॉर्ड और संपर्क सूत्रों की भी जांच की जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पिछले कुछ समय से सीमा पार बैठे आतंकी संगठन पंजाब में अपने पुराने नेटवर्क को फिर से सक्रिय करने की कोशिश कर रहे हैं। इसी कारण राज्य में खुफिया निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ अभियान बिना किसी रुकावट के जारी रहेगा।
डीजीपी गौरव यादव ने स्पष्ट किया कि पंजाब पुलिस किसी भी आतंकी गतिविधि को लेकर पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने कहा कि राज्य में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलती है तो उस पर तत्काल कार्रवाई की जाती है।
पुलिस अधिकारियों ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें किसी संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि के बारे में जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस या संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को सूचित करें। उनका कहना है कि आम नागरिकों का सहयोग सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आतंकवादी संगठन अब पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ स्थानीय मॉड्यूल और डिजिटल माध्यमों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। इसलिए जांच एजेंसियां केवल भौतिक साक्ष्यों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि साइबर गतिविधियों और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की भी गहन जांच करती हैं। इसी कारण इस मामले में भी विदेशी हैंडलरों से जुड़े हर संभावित सुराग की जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस ने बरामद IED को सुरक्षित कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। विशेषज्ञ इसकी संरचना, विस्फोटक सामग्री की गुणवत्ता और निर्माण के तरीके का विश्लेषण करेंगे। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि विस्फोटक स्थानीय स्तर पर तैयार किया गया था या सीमा पार से उपलब्ध कराया गया था।
पंजाब पुलिस ने दोहराया है कि आतंकवादी नेटवर्क, संगठित अपराध और सीमा पार से संचालित साजिशों के खिलाफ उसका अभियान लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने तक किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। पुलिस का उद्देश्य केवल इस एक मामले का खुलासा करना नहीं, बल्कि पूरे आतंकी तंत्र को बेनकाब कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की संभावना को समाप्त करना है। फिलहाल पूरे मामले की जांच विभिन्न एजेंसियों के समन्वय से जारी है और आने वाले दिनों में इससे जुड़े और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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