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कैबिनेट के बड़े फैसले: किसान सम्मान निधि को मिला 5 साल का विस्तार, ऊर्जा और खेल क्षेत्र के लिए हजारों करोड़ की मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल और कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (सीसीईए) की अहम बैठक में कई महत्वपूर्ण योजनाओं और परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया को संबोधित करते हुए सरकार के फैसलों की विस्तृत जानकारी दी। कृषि, ऊर्जा, खेल, नवीकरणीय ऊर्जा और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे कई अहम क्षेत्रों से जुड़े फैसलों को मंजूरी मिलने के बाद माना जा रहा है कि आने वाले वर्षों में इन योजनाओं का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था और विकास पर देखने को मिलेगा।

बैठक में सबसे प्रमुख निर्णय प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का रहा। सरकार ने इस योजना की अवधि वित्त वर्ष 2026-27 से बढ़ाकर 2030-31 तक कर दी है। इसके लिए कुल 3.15 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इस फैसले से करोड़ों किसानों को नियमित आर्थिक सहायता मिलती रहेगी और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।

पीएम-किसान योजना के तहत पात्र किसानों के बैंक खातों में प्रतिवर्ष निर्धारित आर्थिक सहायता सीधे भेजी जाती है। इस योजना का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को खेती से जुड़े खर्चों में राहत देना है। सरकार का मानना है कि योजना को आगे बढ़ाने से किसानों की आय को स्थिर रखने और खेती में निवेश बढ़ाने में मदद मिलेगी।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए भी बड़ा कदम उठाया है। मंत्रिमंडल ने “समुद्र मंथन” नामक नई योजना को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य देश में तेल और प्राकृतिक गैस के नए भंडारों की खोज को तेज करना है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 84,084 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

सरकार का मानना है कि भारत में ऊर्जा की मांग लगातार बढ़ रही है और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए घरेलू स्तर पर तेल और गैस की खोज को बढ़ावा देना जरूरी है। समुद्र मंथन योजना के माध्यम से समुद्री क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए नए संसाधनों की तलाश की जाएगी। इससे भविष्य में ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ विदेशी आयात पर होने वाले खर्च में भी कमी आने की उम्मीद है।

कैबिनेट बैठक में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना को मंजूरी देते हुए सरकार ने जलाशयों, झीलों और अन्य जल स्रोतों की सतह पर फ्लोटिंग सोलर परियोजनाएं स्थापित करने का रास्ता साफ कर दिया है। इस योजना का उद्देश्य देश में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को नई गति देना है।

सरकार के अनुसार भारत में जल निकायों का उपयोग करके लगभग 102 गीगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन की क्षमता मौजूद है। शुरुआती चरण में पांच वर्षों के भीतर 5,000 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्टिक क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए प्रति मेगावाट एक करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का मानना है कि इस पहल से स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा, भूमि की बचत होगी और बिजली उत्पादन की लागत में भी सुधार आएगा।

बैठक में खेल क्षेत्र को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया। मंत्रिमंडल ने खेलो इंडिया कार्यक्रम का विस्तार करते हुए अगले पांच वर्षों के लिए 29,000 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। सरकार का उद्देश्य देश में खेल संस्कृति को और मजबूत करना, खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा खेल अधोसंरचना का विस्तार करना है।

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में खेलों को लेकर सरकार की नीतियों का सकारात्मक असर देखने को मिला है। भारतीय खिलाड़ियों ने ओलंपिक, एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों सहित कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन किया है। इसी उपलब्धि को आगे बढ़ाने के लिए खेलो इंडिया योजना के तहत प्रशिक्षण केंद्रों का विस्तार, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता, प्रतिभा खोज कार्यक्रम और खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में भारतीय खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है ताकि वे भविष्य के ओलंपिक, पैरालंपिक और वर्ष 2030 में भारत द्वारा आयोजित किए जाने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। इसके लिए खेल अकादमियों, कोचिंग सुविधाओं और खेल विज्ञान से जुड़ी व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार विभिन्न क्षेत्रों में दीर्घकालिक निवेश के माध्यम से देश के विकास को नई दिशा देना चाहती है। कृषि, ऊर्जा और खेल जैसे क्षेत्रों में किए गए निवेश का उद्देश्य केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करना नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों की चुनौतियों के लिए भी मजबूत आधार तैयार करना है।

बैठक के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) की अलग बैठक आयोजित की गई, जिसमें पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की गई। क्षेत्र में बढ़ते तनाव और समुद्री मार्गों पर सुरक्षा से जुड़े मामलों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

सरकार ने इस बैठक में स्पष्ट किया कि विदेशों में कार्यरत भारतीय नागरिकों, विशेष रूप से समुद्री जहाजों पर काम करने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि किसी भी भारतीय नाविक के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो भारत सरकार उसे गंभीरता से उठाएगी और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रभावी ढंग से अपनी बात रखेगी।

बैठक में संबंधित मंत्रालयों को निर्देश दिए गए कि वे भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाते रहें और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखें। सरकार ने यह भी दोहराया कि विदेशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि कैबिनेट द्वारा लिए गए इन फैसलों का असर कई क्षेत्रों में दिखाई देगा। किसानों को आर्थिक सहायता जारी रहने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है, वहीं तेल एवं गैस खोज में बड़े निवेश से ऊर्जा क्षेत्र को दीर्घकालिक लाभ मिल सकता है। दूसरी ओर फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं के जरिए स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को नई दिशा मिलने की संभावना है।

खेल क्षेत्र के लिए स्वीकृत बड़ा बजट भारत की खेल नीति को भी मजबूती देगा। इससे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी का अवसर मिलेगा। सरकार का मानना है कि इन पहलों के माध्यम से भारत भविष्य में वैश्विक खेल मंचों पर और अधिक मजबूत प्रदर्शन कर सकेगा।

कुल मिलाकर केंद्रीय मंत्रिमंडल की इस बैठक में लिए गए फैसले कृषि, ऊर्जा, खेल, हरित ऊर्जा और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित रहे। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से देश के विकास को नई गति मिलेगी, किसानों को राहत मिलेगी, ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ेगी, खेल प्रतिभाओं को बेहतर अवसर प्राप्त होंगे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास और मजबूत होंगे।