पंजाब में सुरक्षा एजेंसियों ने एक संभावित आतंकी वारदात को अंजाम तक पहुंचने से पहले ही रोकने में कामयाबी हासिल की है। काउंटर इंटेलिजेंस जालंधर और एसबीएस नगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से जुड़े एक कथित आतंकी मॉड्यूल का खुलासा हुआ है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मॉड्यूल से जुड़े एक प्रमुख आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से 86-पी हैंड ग्रेनेड बरामद होने की बात सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, बरामद हथियार को आगे किसी व्यक्ति या निर्धारित स्थान तक पहुंचाया जाना था। हालांकि, इससे पहले ही सुरक्षा एजेंसियों ने आरोपी को दबोच लिया। इस गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है और एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क के पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं और विदेशी स्तर से इसे किस तरह निर्देशित किया जा रहा था।
संयुक्त ऑपरेशन में मिली सफलता
यह कार्रवाई काउंटर इंटेलिजेंस जालंधर और एसबीएस नगर पुलिस ने मिलकर की। जांच एजेंसियों को कथित आतंकी नेटवर्क से जुड़े एक व्यक्ति की गतिविधियों के संबंध में इनपुट मिला था। इसके बाद पुलिस ने जानकारी को विकसित करते हुए आरोपी तक पहुंचने की कार्रवाई शुरू की।
जांच के दौरान आरोपी को गिरफ्तार किया गया और तलाशी में उसके पास से 86-पी हैंड ग्रेनेड बरामद हुआ। हथियार की बरामदगी को पुलिस ने गंभीर सफलता के तौर पर देखा है, क्योंकि कथित तौर पर इसे किसी आगे की कार्रवाई के लिए इस्तेमाल किया जाना था।
पुलिस का मानना है कि समय रहते गिरफ्तारी होने से एक संभावित आतंकी साजिश को रोका जा सका। एजेंसियां अब सिर्फ आरोपी की भूमिका तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि पूरे मॉड्यूल की संरचना और उसके संपर्कों को खंगाल रही हैं।
आदमपुर के पास डीलर से लिया था ग्रेनेड
प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को आरोपी की गतिविधियों से जुड़ी अहम जानकारी मिली है। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने कथित तौर पर विदेशी बैठे हैंडलरों के निर्देश पर जालंधर के आदमपुर के आसपास एक डीलर से हैंड ग्रेनेड हासिल किया था।
इस जानकारी ने जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इससे संकेत मिलता है कि हथियार की सप्लाई केवल स्थानीय स्तर की घटना नहीं हो सकती। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ग्रेनेड आरोपी तक किस माध्यम से पहुंचा और इसके बाद इसे कहां भेजा जाना था।
जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह भी है कि आरोपी ने हथियार हासिल करने के बाद किन लोगों से संपर्क किया। पुलिस उसके मोबाइल फोन, संपर्कों, संभावित डिजिटल गतिविधियों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के जरिए नेटवर्क की अगली कड़ी तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
किसे निशाना बनाना था, इसकी जांच
हैंड ग्रेनेड की बरामदगी के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि इसका इस्तेमाल कहां और किसके खिलाफ किया जाना था। फिलहाल पुलिस ने किसी संभावित लक्ष्य के बारे में कोई अंतिम जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
जांच एजेंसियां आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उसे हथियार किस स्थान पर पहुंचाने का निर्देश मिला था। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या किसी व्यक्ति, प्रतिष्ठान या किसी अन्य स्थान को निशाना बनाने की योजना तैयार की गई थी।
पुलिस के सामने यह पता लगाना भी चुनौती है कि आरोपी केवल हथियार पहुंचाने की भूमिका में था या मॉड्यूल की गतिविधियों में उसकी कोई अन्य जिम्मेदारी भी थी। पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर इस पूरी साजिश की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
विदेशी हैंडलरों की भूमिका पर नजर
मामले की जांच में विदेशी बैठे हैंडलरों का एंगल भी सामने आया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी को निर्देश कौन दे रहा था और विदेश से संचालित कथित नेटवर्क किस तरह पंजाब में अपने संपर्कों के माध्यम से गतिविधियां चला रहा था।
जांच एजेंसियां अब उन लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही हैं, जिन्होंने आरोपी तक निर्देश पहुंचाए। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस मॉड्यूल में एक से ज्यादा स्थानीय लोग शामिल हैं।
विदेशी हैंडलरों और स्थानीय नेटवर्क के बीच संपर्क का तरीका भी जांच का हिस्सा है। एजेंसियां यह समझने का प्रयास कर रही हैं कि हथियारों की व्यवस्था, उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने और संभावित लक्ष्य तय करने की प्रक्रिया किस स्तर पर संचालित की जा रही थी।
स्थानीय मददगारों की तलाश तेज
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब संभावित स्थानीय मददगारों तक पहुंचने पर भी काम कर रही है। किसी भी आतंकी नेटवर्क को संचालित करने के लिए स्थानीय स्तर पर लॉजिस्टिक सहायता, ठिकाने, संपर्क और हथियारों की आवाजाही जैसी गतिविधियां महत्वपूर्ण होती हैं।
इसी वजह से जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि गिरफ्तार आरोपी को हथियार उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति के अलावा और कौन-कौन लोग उसके संपर्क में थे। आदमपुर के आसपास हथियार हासिल करने की कथित गतिविधि की भी जांच की जा रही है।
पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि बरामद ग्रेनेड नेटवर्क के पास मौजूद हथियारों की खेप का हिस्सा था या यह किसी विशेष कार्रवाई के लिए अलग से उपलब्ध कराया गया था। इस संबंध में आगे की जांच से स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
आगे की कड़ी तलाश रही एजेंसियां
पुलिस ने इस मामले में केवल गिरफ्तारी और बरामदगी तक जांच सीमित नहीं रखी है। एजेंसियों का मुख्य उद्देश्य पूरे नेटवर्क की फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक का पता लगाना है।
फॉरवर्ड लिंक के तहत यह पता किया जा रहा है कि आरोपी को हथियार मिलने के बाद उसे आगे किस व्यक्ति तक पहुंचाना था। वहीं बैकवर्ड लिंक के जरिए यह जांच की जा रही है कि हथियार की व्यवस्था कहां से हुई और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय थे।
इस प्रक्रिया में गिरफ्तार आरोपी से मिलने वाली जानकारी अहम मानी जा रही है। पूछताछ के दौरान सामने आने वाले नामों और संपर्कों के आधार पर पुलिस आगे और कार्रवाई कर सकती है।
BKI मॉड्यूल से जुड़ाव की जांच
पुलिस ने इस नेटवर्क को आईएसआई प्रायोजित बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़े मॉड्यूल के रूप में बताया है। ऐसे में जांच एजेंसियों की नजर कथित मॉड्यूल के संगठनात्मक ढांचे पर भी है।
एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि गिरफ्तार आरोपी की संगठन में क्या भूमिका थी और वह कब से इस नेटवर्क के संपर्क में था। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि क्या मॉड्यूल में शामिल अन्य लोग पहले से किसी आपराधिक या आतंकी गतिविधि से जुड़े रहे हैं।
जांचकर्ताओं के लिए यह जानना भी महत्वपूर्ण है कि विदेशी हैंडलरों और स्थानीय आरोपियों के बीच कितनी पुरानी कड़ी है। यदि इस नेटवर्क के अन्य सदस्य सामने आते हैं तो पुलिस को हथियारों की सप्लाई और संभावित आतंकी गतिविधियों से जुड़े कई अहम सुराग मिल सकते हैं।
BNS और एक्सप्लोसिव सब्सटेंसेज एक्ट के तहत केस
इस पूरे मामले को लेकर एसबीएस नगर के थाना सदर नवांशहर में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और एक्सप्लोसिव सब्सटेंसेज एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई है।
एफआईआर दर्ज होने के बाद अब मामले में कानूनी प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। पुलिस आरोपी से पूछताछ के साथ-साथ बरामद किए गए हैंड ग्रेनेड की जांच भी करवा रही है, ताकि उसके स्रोत और इस्तेमाल से जुड़ी परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।
जांच एजेंसियां इस बात को भी गंभीरता से ले रही हैं कि हथियार किस उद्देश्य से हासिल किया गया था। इसके लिए आरोपी के बयानों के अलावा अन्य तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया जा रहा है।
संभावित हमले को लेकर बढ़ी सतर्कता
हथियार की बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और बढ़ गई है। पुलिस इस मामले से जुड़े अन्य संभावित लोगों और स्थानों की जानकारी जुटा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, समय रहते कार्रवाई होने से एक संभावित खतरे को टालने में सफलता मिली है। हालांकि, जांच पूरी होने तक किसी संभावित लक्ष्य या हमले की योजना के बारे में अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
पुलिस अब यह सुनिश्चित करना चाहती है कि नेटवर्क का कोई अन्य सदस्य सक्रिय न रह जाए। इसी उद्देश्य से आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
आतंकी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई जारी
पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राज्य में आतंकी नेटवर्क और संगठित अपराध के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। हाल के वर्षों में सुरक्षा एजेंसियां विदेशी हैंडलरों से जुड़े कथित नेटवर्क, हथियारों की सप्लाई और स्थानीय स्तर पर सक्रिय मददगारों की भूमिका की जांच करती रही हैं।
इस मामले में भी पुलिस का फोकस केवल एक आरोपी को पकड़ने तक सीमित नहीं है। एजेंसियां पूरे नेटवर्क की पहचान कर उसकी सप्लाई चेन और संपर्कों को तोड़ने की कोशिश कर रही हैं।
फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है और जांच एजेंसियां उसके जरिए विदेशी हैंडलरों, हथियार उपलब्ध कराने वाले लोगों तथा संभावित स्थानीय सहयोगियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। बरामद हैंड ग्रेनेड की जांच और आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर आने वाले समय में इस मामले में और गिरफ्तारियां या खुलासे हो सकते हैं।
इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह दिखाया है कि पंजाब में सुरक्षा एजेंसियां संभावित आतंकी गतिविधियों को लेकर सतर्क हैं। हथियार की खेप को उसके कथित अंतिम ठिकाने तक पहुंचने से पहले रोकना पुलिस के लिए अहम उपलब्धि मानी जा रही है। अब जांच की दिशा इस बात पर केंद्रित है कि इस पूरी साजिश की जड़ कहां तक फैली हुई है और इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क के कितने सदस्य पंजाब में मौजूद हैं।