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लुधियाना में गूंजा ‘हर-हर महादेव’, कैलाश खेर और अस्मिता की भक्ति प्रस्तुतियों ने बांधा समां

लुधियाना में आयोजित ‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ भजन संध्या ने शुक्रवार की रात को श्रद्धा, संगीत और आध्यात्मिक भावनाओं से भर दिया। भगवान शिव को समर्पित इस विशेष कार्यक्रम में प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर और भजन गायिका अस्मिता ने अपनी प्रस्तुतियों से ऐसा वातावरण तैयार किया कि आयोजन स्थल पर मौजूद हजारों श्रद्धालु देर रात तक भक्ति में सराबोर नजर आए। जैसे-जैसे भजनों की स्वर लहरियां गूंजती गईं, वैसे-वैसे पंडाल में मौजूद लोगों का उत्साह भी बढ़ता गया। कई मौकों पर पूरा परिसर ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा।

यह आयोजन केवल एक संगीत कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें धार्मिक आस्था और भारतीय सांस्कृतिक परंपरा का भी प्रभावशाली संगम देखने को मिला। शिवभक्ति पर आधारित गीतों और भजनों के बीच श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते दिखाई दिए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने इसकी भव्यता को और बढ़ा दिया। आयोजकों के अनुसार, इस तरह की भजन संध्याओं का उद्देश्य लोगों को भारतीय आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के साथ जोड़ना तथा समाज में सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण वातावरण को बढ़ावा देना है।

पंजाब के 23 शहरों में हो रही विशेष भजन संध्या श्रृंखला का हिस्सा

लुधियाना की यह भजन संध्या पंजाब के 23 शहरों में आयोजित की जा रही विशेष धार्मिक-सांस्कृतिक श्रृंखला का हिस्सा थी। श्रृंखला के माध्यम से भगवान शिव की भक्ति को संगीत के जरिए लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में लुधियाना में आयोजित कार्यक्रम ने भी श्रद्धालुओं के बीच खास उत्साह पैदा किया।

शहर में हुए इस आयोजन को लेकर लोगों में पहले से ही काफी उत्सुकता दिखाई दे रही थी। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं ने भजनों का आनंद लेने के साथ भगवान शिव की आराधना में हिस्सा लिया। मंच से उठती भक्ति की धुनों और दर्शकों की ओर से लगते जयकारों ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। संगीत और आस्था का यह मेल देर रात तक जारी रहा।

कार्यक्रम में केवल धार्मिक भावनाओं की अभिव्यक्ति ही देखने को नहीं मिली, बल्कि भारतीय परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़े संदेशों को भी प्रमुखता दी गई। आयोजकों का कहना था कि आधुनिक समय में ऐसे कार्यक्रम लोगों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

कैलाश खेर की आवाज पर झूमे श्रद्धालु

शाम की सबसे खास प्रस्तुतियों में प्रसिद्ध सूफी और भजन गायक कैलाश खेर का कार्यक्रम रहा। अपनी विशिष्ट आवाज और गायकी के लिए पहचाने जाने वाले कैलाश खेर ने भगवान शिव को समर्पित भजनों की प्रस्तुति देकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। उनकी आवाज में भक्ति की गहराई और संगीत की ऊर्जा का ऐसा प्रभाव दिखाई दिया कि दर्शक लंबे समय तक कार्यक्रम से जुड़े रहे।

कैलाश खेर की प्रस्तुति के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह नजर आया। लोग भजनों के साथ ताल मिलाते और भक्ति के भाव में झूमते दिखाई दिए। मंच से आती संगीत की धुनों के बीच ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे लगातार सुनाई देते रहे। इस दौरान पूरा आयोजन स्थल शिवभक्ति के रंग में डूबा नजर आया।

कैलाश खेर के अलावा भजन गायिका अस्मिता ने भी अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में आध्यात्मिक ऊर्जा भर दी। उनकी भक्ति रचनाओं ने दर्शकों को भगवान शिव की आराधना के भाव से जोड़ने का काम किया। दोनों कलाकारों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को संगीत और भक्ति का ऐसा स्वरूप दिया, जिसने मौजूद लोगों को लंबे समय तक बांधे रखा।

अरविंद केजरीवाल ने भी की शिरकत

भजन संध्या में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी विशेष रूप से शामिल हुए। उनकी मौजूदगी ने कार्यक्रम को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बनाया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान शिव की भक्ति पर केंद्रित ऐसे आयोजनों की सराहना की और धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों के महत्व पर अपनी बात रखी।

केजरीवाल ने कहा कि भारतीय समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका है। भगवान शिव की आराधना से जुड़े कार्यक्रम लोगों को आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं को समझने का अवसर भी प्रदान करते हैं। उन्होंने ऐसे आयोजनों को सामाजिक सौहार्द और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने वाला माध्यम बताया।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों के बीच भी धार्मिक उत्साह स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। मंचीय प्रस्तुतियों के बीच नेताओं, जनप्रतिनिधियों और अन्य गणमान्य लोगों की मौजूदगी ने आयोजन की गरिमा को बढ़ाया।

धार्मिक स्थलों के विकास और तीर्थ यात्रा योजना का भी उल्लेख

भजन संध्या के दौरान पंजाब सरकार की ओर से धार्मिक स्थलों के विकास से संबंधित प्रयासों और मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के नए रूटों का भी उल्लेख किया गया। धार्मिक स्थलों तक लोगों की पहुंच और तीर्थ यात्रा से जुड़ी योजनाओं को लेकर कार्यक्रम में जानकारी साझा की गई।

इस अवसर पर पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। विधायक अशोक पराशर पप्पी, कुलवंत सिंह सिद्धू, दलजीत सिंह भोला ग्रेवाल, मदन लाल बग्गा और मनविंदर सिंह गियासपुरा समेत अन्य गणमान्य लोगों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों की उपस्थिति ने आयोजन को व्यापक स्वरूप प्रदान किया।

धार्मिक आयोजन के बीच सरकारी योजनाओं और धार्मिक स्थलों से संबंधित विषयों का उल्लेख भी किया गया, जिससे कार्यक्रम में भक्ति के साथ-साथ जनसरोकार से जुड़े पहलुओं की झलक देखने को मिली।

देर रात तक जारी रहा भक्ति और संगीत का दौर

जैसे-जैसे रात आगे बढ़ी, भजन संध्या का उत्साह कम होने के बजाय और बढ़ता गया। मंच पर कलाकारों की प्रस्तुतियों के साथ श्रद्धालुओं की भागीदारी लगातार बनी रही। भगवान शिव के नाम के जयकारों और भक्ति गीतों ने वातावरण को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया।

कार्यक्रम में पहुंचे लोगों के लिए यह शाम संगीत सुनने से कहीं अधिक धार्मिक अनुभव लेकर आई। श्रद्धालु भजनों में रमते नजर आए और कई लोग पूरे समय भगवान शिव की भक्ति में लीन दिखाई दिए। आयोजन स्थल पर मौजूद भीड़ की प्रतिक्रिया से भी कार्यक्रम की लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता था।

आयोजकों की ओर से इस श्रृंखला को भारतीय आध्यात्मिक परंपरा को आम लोगों तक पहुंचाने की पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया। उनका कहना था कि धार्मिक संगीत के माध्यम से लोगों को अपनी संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों के करीब लाया जा सकता है।

लुधियाना में हुई ‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ भजन संध्या ने इसी उद्देश्य को प्रभावी तरीके से सामने रखा। कैलाश खेर और अस्मिता की प्रस्तुतियों, श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने इसे एक भव्य धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन का रूप दिया। देर रात तक गूंजते ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष ने इस शाम को यादगार बना दिया। शिवभक्ति, संगीत और सांस्कृतिक भावनाओं के इस संगम ने लुधियाना में आयोजित कार्यक्रम को श्रद्धालुओं के लिए विशेष अनुभव बना दिया।