पंजाब में एक बार फिर मानसून की गतिविधियां बढ़ने लगी हैं। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलता दिखाई दे रहा है और आने वाले दिनों में कई जिलों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक 17 और 18 अगस्त को पंजाब के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है। इस दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की भी संभावना है।
मौसम में इस बदलाव से उमस और गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, बारिश का असर पूरे प्रदेश में एक जैसा नहीं रहेगा। कुछ जिलों में जहां कई स्थानों पर बारिश हो सकती है, वहीं दक्षिणी और मालवा क्षेत्र के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश तक ही मौसम सीमित रहने का अनुमान है।
17 और 18 अगस्त को बढ़ सकती है बारिश की गतिविधि
मौसम विभाग के अनुसार पंजाब में अगले दो दिनों के दौरान मानसून की सक्रियता बनी रह सकती है। खासकर 17 और 18 अगस्त को राज्य के कई हिस्सों में बादल छाने के साथ बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में हल्की बारिश होगी, जबकि कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश भी दर्ज की जा सकती है।
बारिश के साथ कुछ जगहों पर गरज और बिजली चमकने की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम में अचानक होने वाले बदलाव को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। बारिश के दौरान तापमान में भी कुछ कमी देखने को मिल सकती है, जिससे दिन के समय गर्मी से राहत मिलने की संभावना है।
मौसम विभाग के मुताबिक यह बारिश सभी जिलों में समान रूप से नहीं होगी। पंजाब के उत्तरी और मध्य हिस्सों में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत ज्यादा देखने को मिल सकती हैं, जबकि कुछ दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्रों में मौसम आंशिक रूप से बादल वाला रहने और कहीं-कहीं हल्की बारिश होने के आसार हैं।
इन जिलों में बारिश के ज्यादा आसार
पंजाब के कई प्रमुख जिलों को लेकर मौसम विभाग ने बारिश की संभावना जताई है। पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, रूपनगर और मोहाली में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
इन जिलों में मौसम के दौरान आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। कहीं-कहीं बारिश के साथ गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है। उत्तरी पंजाब में मानसून की गतिविधि का प्रभाव अपेक्षाकृत ज्यादा रहने का अनुमान है, जबकि दोआबा और माझा क्षेत्र के कई हिस्सों में भी बारिश की संभावना बनी हुई है।
जालंधर, लुधियाना और पटियाला जैसे मैदानी जिलों में बारिश होने से तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है। वहीं पठानकोट, गुरदासपुर और होशियारपुर जैसे जिलों में भी बादल और बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
रूपनगर और मोहाली में भी स्थानीय स्तर पर बारिश की संभावना बनी हुई है। हालांकि मौसम विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि बारिश हर स्थान पर एक जैसी नहीं होगी। कुछ इलाकों में केवल हल्की बौछारें पड़ सकती हैं, जबकि अन्य स्थानों पर इससे अधिक बारिश दर्ज होने की संभावना है।
मालवा के इन इलाकों में छिटपुट बारिश
पंजाब के मालवा क्षेत्र में बारिश की गतिविधि कुछ सीमित रह सकती है। बठिंडा, फरीदकोट, मोगा, संगरूर और मानसा सहित कई इलाकों में छिटपुट बारिश होने के आसार हैं।
इन क्षेत्रों में सभी जगह बारिश होने के बजाय कुछ चुनिंदा स्थानों पर बूंदाबांदी या हल्की बारिश हो सकती है। मौसम के इस बदलाव के दौरान बादल छाने से तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
मालवा क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए भी अगले दो दिन मौसम पर नजर रखना जरूरी रहेगा, क्योंकि स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर बारिश की तीव्रता में अंतर हो सकता है। किसानों के लिए भी मानसून की इस गतिविधि का महत्व है, क्योंकि बारिश का असर फसलों और खेतों की नमी पर पड़ सकता है।
चंडीगढ़ में भी बादल और बारिश का अनुमान
पंजाब के साथ-साथ चंडीगढ़ में भी मौसम करवट ले सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक शहर में दिनभर आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। इस दौरान एक-दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। बारिश होने पर कुछ समय के लिए तापमान में गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।
हालांकि बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ने से उमस की स्थिति भी बन सकती है। इसलिए मौसम सुहावना होने के साथ-साथ कुछ समय के लिए चिपचिपी गर्मी का अहसास भी कराया जा सकता है।
तापमान में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं
पंजाब में आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान 32 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। वहीं न्यूनतम तापमान लगभग 24 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
बारिश और बादल रहने के कारण दिन के तापमान पर असर पड़ सकता है। हालांकि फिलहाल तापमान में किसी बड़े बदलाव का अनुमान नहीं है। बादलों के कारण धूप की तीव्रता कम रहने पर दिन में गर्मी अपेक्षाकृत कम महसूस हो सकती है।
रात के समय भी तापमान सामान्य से बहुत अधिक ऊपर जाने की संभावना नहीं है। बारिश के बाद कुछ इलाकों में वातावरण ठंडा हो सकता है, लेकिन नमी बढ़ने के कारण उमस बनी रह सकती है।
15 अगस्त को भी कई जगह हुई थी बारिश
पंजाब में मानसून की सक्रियता का असर पहले भी देखने को मिला है। 15 अगस्त को राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई थी। इसके बाद अब 17 और 18 अगस्त को एक बार फिर बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
इससे संकेत मिलता है कि मानसूनी गतिविधियां फिलहाल पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार 18 अगस्त के बाद मानसून की स्थिति कमजोर पड़ने की संभावना है। यानी अगले दो दिनों के बाद बारिश की गतिविधियों में कमी देखने को मिल सकती है।
इस वजह से 17 और 18 अगस्त का समय पंजाब में बारिश के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके बाद मौसम में धीरे-धीरे बदलाव आने की संभावना है और कई क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता कम हो सकती है।
18 अगस्त के बाद कमजोर पड़ सकता है मानसून
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 17 और 18 अगस्त को बारिश की गतिविधियां रहने के बाद मानसून की स्थिति कमजोर पड़ सकती है। इसका मतलब यह है कि आने वाले दिनों में बारिश का सिलसिला पहले की तुलना में कम हो सकता है।
हालांकि मानसून के दौरान स्थानीय मौसम परिस्थितियों में तेजी से बदलाव संभव है। इसलिए किसी एक क्षेत्र में बारिश कम होने के बावजूद आसपास के इलाकों में बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम विभाग के ताजा अपडेट के आधार पर ही किसी इलाके के लिए सटीक स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
फिलहाल पंजाब के लोगों के लिए अगले दो दिन मौसम के लिहाज से राहत देने वाले हो सकते हैं। बादल, हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें कई इलाकों में तापमान को नियंत्रित रखने में मदद कर सकती हैं।
बारिश को लेकर लोगों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
बारिश के दौरान सड़कों पर पानी जमा होने की स्थिति बन सकती है, खासकर उन इलाकों में जहां कम समय में तेज बौछारें पड़ें। ऐसे में वाहन चालकों को सावधानी से सफर करना चाहिए। गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर अनावश्यक रूप से खड़े रहने से भी बचना बेहतर रहेगा।
शहरी क्षेत्रों में बारिश के दौरान ट्रैफिक की रफ्तार प्रभावित हो सकती है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों और निचले इलाकों में पानी जमा होने की स्थिति पैदा हो सकती है। इसलिए लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
कुल मिलाकर पंजाब में मानसून ने एक बार फिर करवट ली है। 17 और 18 अगस्त को कई जिलों में बारिश के आसार हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में केवल छिटपुट बौछारें देखने को मिल सकती हैं। पठानकोट से लेकर मोहाली और लुधियाना से लेकर पटियाला तक कई इलाकों में मौसम बदलने की संभावना है। दूसरी ओर बठिंडा, मानसा, संगरूर और आसपास के क्षेत्रों में बारिश सीमित रह सकती है। 18 अगस्त के बाद मानसून कमजोर पड़ने की संभावना के चलते अगले दो दिन पंजाब के मौसम के लिए खास माने जा रहे हैं।