भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने स्थानीय वाहन चालकों के लिए टोल पास बनवाने की प्रक्रिया को आसान और डिजिटल बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। देशभर के 121 टोल प्लाजा पर अब FASTag लोकल पास की सुविधा ऑनलाइन उपलब्ध करा दी गई है। इसका फायदा उन लोगों को मिलेगा, जो रोजाना किसी टोल प्लाजा से होकर अपने घर, दफ्तर या अन्य नियमित गंतव्य तक आते-जाते हैं।
इस नई व्यवस्था के तहत पात्र वाहन मालिकों को स्थानीय मासिक पास बनवाने के लिए टोल प्लाजा के दफ्तर में जाकर लंबी प्रक्रिया पूरी करने की आवश्यकता नहीं होगी। वे अपने मोबाइल फोन से ही ‘राजमार्ग यात्रा’ एप के माध्यम से लोकल पास के लिए आवेदन कर सकेंगे। ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू होने से न केवल यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि कागजी दस्तावेज जमा करने और उनका सत्यापन कराने के लिए टोल प्लाजा के चक्कर लगाने की परेशानी भी कम होगी।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मंगलवार को इस सुविधा के विस्तार की जानकारी देते हुए बताया कि डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य स्थानीय यात्रियों के लिए टोल पास हासिल करने की प्रक्रिया को ज्यादा सुविधाजनक बनाना है। NHAI की यह पहल टोल संग्रह प्रणाली में तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ाने और सेवाओं को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
टोल प्लाजा पर जाने की जरूरत नहीं
अब तक स्थानीय मासिक पास हासिल करने की प्रक्रिया कई यात्रियों के लिए समय लेने वाली थी। संबंधित टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले वाहन मालिकों को पास के लिए आवेदन करने के दौरान खुद वहां पहुंचना पड़ता था। इसके साथ उन्हें अपने निवास स्थान से जुड़े दस्तावेज भी प्रस्तुत करने होते थे, ताकि यह साबित किया जा सके कि वे निर्धारित क्षेत्र के निवासी हैं।
डिजिटल लोकल पास सुविधा के विस्तार के बाद इस प्रक्रिया को काफी हद तक ऑनलाइन कर दिया गया है। पात्र व्यक्ति ‘राजमार्ग यात्रा’ मोबाइल एप खोलकर स्थानीय पास के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के बाद जरूरी जानकारी और दस्तावेजों का सत्यापन डिजिटल माध्यम से किया जा सकेगा।
इस बदलाव का सबसे बड़ा लाभ उन लोगों को मिलने की उम्मीद है, जिन्हें नौकरी, कारोबार, पढ़ाई या अन्य रोजमर्रा के कामों के लिए एक ही टोल प्लाजा से लगातार गुजरना पड़ता है। ऐसे यात्रियों को हर बार सामान्य टोल शुल्क देने की बजाय स्थानीय मासिक पास का विकल्प मिल जाता है।
20 किलोमीटर के दायरे में रहने वालों को लाभ
स्थानीय पास की सुविधा सभी वाहन चालकों के लिए सामान्य रूप से उपलब्ध नहीं है। इसके लिए संबंधित टोल प्लाजा के आसपास निर्धारित क्षेत्र में रहने की शर्त लागू होती है। मौजूदा डिजिटल व्यवस्था के अनुसार किसी टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र लोग लोकल पास के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इस सुविधा का मकसद मुख्य रूप से उन स्थानीय निवासियों को राहत देना है, जिनका किसी टोल रोड से नियमित आवागमन होता है। उदाहरण के तौर पर यदि कोई व्यक्ति अपने घर से रोजाना काम के लिए जाता है और उसके नियमित रास्ते में टोल प्लाजा पड़ता है, तो उसके लिए मासिक स्थानीय पास सामान्य टोल भुगतान की तुलना में अधिक सुविधाजनक विकल्प हो सकता है।
पास की मदद से संबंधित टोल प्लाजा पर एक महीने के दौरान असीमित यात्राएं की जा सकती हैं। इस तरह रोजाना या बार-बार टोल पार करने वाले स्थानीय लोगों को हर यात्रा के दौरान अलग से शुल्क देने की जरूरत नहीं पड़ती।
जुलाई में शुरू हुई थी डिजिटल सुविधा
NHAI ने डिजिटल लोकल पास व्यवस्था को अचानक पूरे नेटवर्क पर लागू नहीं किया है। इसकी शुरुआत एक पायलट पहल के रूप में की गई थी। जुलाई 2026 में दिल्ली के अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 यानी UER-2 पर स्थित मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा से डिजिटल स्थानीय पास सुविधा शुरू की गई थी।
पहले चरण के अनुभव के बाद अब इस व्यवस्था का विस्तार देश के 121 टोल प्लाजा तक किया गया है। इससे संकेत मिलता है कि NHAI स्थानीय पास की प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यापक स्तर पर उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
पायलट स्तर पर डिजिटल सुविधा शुरू करने का उद्देश्य यह देखना भी रहा होगा कि स्थानीय यात्रियों के आवेदन, दस्तावेज सत्यापन और पास जारी करने की प्रक्रिया को तकनीक के जरिए कितनी आसानी से संचालित किया जा सकता है। अब इसके दायरे को बढ़ाकर अधिक टोल प्लाजा और अधिक यात्रियों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
‘राजमार्ग यात्रा’ एप से आवेदन
स्थानीय पास लेने के लिए यात्रियों को ‘राजमार्ग यात्रा’ मोबाइल एप का इस्तेमाल करना होगा। यह व्यवस्था यात्रियों को अपने मोबाइल फोन से आवेदन करने का विकल्प देती है। इससे उन्हें टोल प्लाजा के कार्यालय में जाकर आवेदन जमा करने की पारंपरिक प्रक्रिया से राहत मिलेगी।
डिजिटल आवेदन के दौरान संबंधित व्यक्ति को आवश्यक जानकारी उपलब्ध करानी होगी। स्थानीय निवासी होने की पात्रता की जांच के लिए जरूरी दस्तावेज भी प्रक्रिया का हिस्सा हो सकते हैं। सत्यापन पूरा होने के बाद पात्र वाहन के लिए स्थानीय पास की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
इस व्यवस्था से टोल प्लाजा पर कर्मचारियों और वाहन चालकों के बीच होने वाली कागजी प्रक्रिया को कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही आवेदन से जुड़े रिकॉर्ड डिजिटल रूप में उपलब्ध रहने से प्रक्रिया को ट्रैक करना भी आसान हो सकता है।
बार-बार यात्रा करने वालों के लिए खास सुविधा
स्थानीय पास का महत्व उन लोगों के लिए ज्यादा है, जिन्हें किसी टोल प्लाजा से रोजाना या लगभग रोजाना गुजरना पड़ता है। सामान्य व्यवस्था में हर बार टोल शुल्क चुकाने पर यात्रियों का खर्च बढ़ता है। ऐसे में पात्र स्थानीय निवासियों के लिए मासिक पास आर्थिक और व्यावहारिक दोनों दृष्टि से उपयोगी हो सकता है।
एक महीने के दौरान संबंधित टोल प्लाजा पर अनलिमिटेड यात्रा की सुविधा मिलने से नियमित यात्रियों को बार-बार भुगतान करने की परेशानी से छुटकारा मिलता है। इसके अलावा FASTag आधारित व्यवस्था होने के कारण टोल भुगतान और पास से जुड़ी प्रक्रिया को डिजिटल तरीके से संचालित किया जा सकता है।
यह सुविधा खास तौर पर उन क्षेत्रों में उपयोगी हो सकती है, जहां राष्ट्रीय राजमार्ग या प्रमुख टोल सड़क स्थानीय लोगों के दैनिक आवागमन का हिस्सा है। गांवों, कस्बों और शहरों से रोजाना आने-जाने वाले लोगों को इससे समय की बचत हो सकती है।
टोल व्यवस्था को डिजिटल बनाने पर जोर
NHAI पिछले कुछ समय से टोल संग्रह और राजमार्ग सेवाओं में डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ाने पर जोर दे रहा है। FASTag पहले ही देश में इलेक्ट्रॉनिक टोल भुगतान का प्रमुख माध्यम बन चुका है। अब लोकल पास की प्रक्रिया को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
इसका एक उद्देश्य टोल संचालन को अधिक पारदर्शी बनाना है। ऑनलाइन आवेदन और डिजिटल रिकॉर्ड के कारण स्थानीय पास से जुड़े विवरण को व्यवस्थित तरीके से संभालना आसान हो सकता है। वहीं यात्रियों के लिए भी आवेदन प्रक्रिया ज्यादा स्पष्ट और सुविधाजनक बनाने की कोशिश की जा रही है।
सरकार की इस पहल को सड़क परिवहन सेवाओं को नागरिक केंद्रित बनाने की व्यापक कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है। तकनीक के जरिए ऐसी सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने से लोगों को सरकारी या टोल संबंधी कामों के लिए बार-बार कार्यालयों में जाने की आवश्यकता कम होती है।
121 टोल प्लाजा तक पहुंचा लाभ
अब तक डिजिटल लोकल पास सुविधा का दायरा एक टोल प्लाजा तक सीमित था, लेकिन विस्तार के बाद यह सुविधा 121 टोल प्लाजा पर उपलब्ध हो गई है। इससे बड़ी संख्या में स्थानीय यात्रियों को ऑनलाइन आवेदन की सुविधा मिलने की संभावना है।
हालांकि, स्थानीय पास का लाभ लेने से पहले वाहन मालिकों को अपने संबंधित टोल प्लाजा के लिए लागू पात्रता शर्तों की जांच करनी होगी। विशेष रूप से 20 किलोमीटर के दायरे में निवास से जुड़ी शर्त महत्वपूर्ण है। पास केवल पात्र स्थानीय यात्रियों के लिए ही जारी किया जाएगा।
इसलिए यात्रियों को आवेदन करते समय सही जानकारी और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। डिजिटल प्रक्रिया का उद्देश्य नियमों को खत्म करना नहीं, बल्कि पात्र लोगों के लिए आवेदन और सत्यापन की प्रक्रिया को आसान बनाना है।
आगे और विस्तार की उम्मीद
मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा से शुरू हुई डिजिटल स्थानीय पास सुविधा का 121 टोल प्लाजा तक विस्तार NHAI की डिजिटल टोल व्यवस्था को आगे बढ़ाने वाला कदम है। इससे यह संकेत मिलता है कि भविष्य में ऐसी सुविधाओं को अन्य टोल प्लाजा तक भी विस्तार दिया जा सकता है।
स्थानीय यात्रियों के लिए सबसे बड़ा बदलाव यह है कि उन्हें पास के लिए आवेदन करने के लिए टोल प्लाजा पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं रहेगी। मोबाइल एप के जरिए आवेदन करने की सुविधा समय और मेहनत दोनों बचा सकती है।
कुल मिलाकर, NHAI का यह कदम उन वाहन चालकों के लिए राहत लेकर आया है, जिनका रोजाना का सफर टोल प्लाजा से होकर गुजरता है। 121 टोल प्लाजा पर FASTag लोकल पास की ऑनलाइन सुविधा शुरू होने से स्थानीय यात्रियों को डिजिटल माध्यम से मासिक पास प्राप्त करने का विकल्प मिलेगा। 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र लोग इस सुविधा का इस्तेमाल कर संबंधित टोल प्लाजा पर महीने भर असीमित यात्रा कर सकेंगे। इससे स्थानीय आवागमन को अधिक सुगम बनाने के साथ-साथ टोल सेवाओं को भी ज्यादा डिजिटल और नागरिक-केंद्रित बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।