पंजाब सरकार ने रक्षाबंधन के मौके पर प्रदेश की महिलाओं के लिए बड़ा एलान किया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत नई रजिस्ट्रेशन करवाने वाली पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 28 अगस्त को सम्मान राशि भेजी जाएगी। सरकार ने इस घोषणा को महिलाओं के सम्मान, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण से जोड़ते हुए इसे रक्षाबंधन के अवसर पर विशेष पहल बताया है।
पटियाला के गांव देदना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने महिलाओं के आर्थिक रूप से मजबूत होने को परिवार और समाज की प्रगति के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं के पास अपने खर्च और जरूरतों को पूरा करने के लिए आर्थिक संसाधन होते हैं, तो इससे उनके घरेलू निर्णयों में भागीदारी बढ़ती है। सरकार का उद्देश्य भी महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाकर उन्हें अधिक आत्मनिर्भर बनाना है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ के अंतर्गत सामान्य वर्ग की 18 वर्ष से अधिक उम्र की पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है। वहीं अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित पात्र महिलाओं के लिए यह राशि 1,500 रुपये प्रतिमाह निर्धारित की गई है। सरकार ने इस योजना को व्यापक स्तर पर लागू करने के लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
सरकार का अनुमान है कि पंजाब की करीब 97 प्रतिशत महिलाएं इस योजना से लाभान्वित होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना केवल वित्तीय मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य महिलाओं के सम्मान और उनके सामाजिक अधिकारों को मजबूत करना भी है।
रक्षाबंधन के दिन नई लाभार्थियों के खातों में राशि भेजने की घोषणा को सरकार की ओर से खास महत्व दिया गया है। रक्षाबंधन को आम तौर पर भाई-बहन के रिश्ते और स्नेह के पर्व के रूप में मनाया जाता है। पंजाब सरकार इस अवसर को माताओं और बेटियों के सम्मान से जोड़कर महिलाओं के लिए अपनी कल्याणकारी योजनाओं को रेखांकित कर रही है। 28 अगस्त को नई रजिस्ट्रेशन कराने वाली पात्र महिलाओं को मिलने वाली राशि इसी दिशा में एक कदम के तौर पर पेश की गई है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की दूसरी योजनाओं और उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पंजाब में लोगों को राहत देने के लिए बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में लगातार काम किया जा रहा है। सरकार का दावा है कि इन सुविधाओं को मजबूत करने के साथ आम लोगों पर आर्थिक बोझ कम करने की कोशिश की जा रही है।
भगवंत मान ने स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार की योजनाओं को भी सामने रखा। उन्होंने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का मुफ्त कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार इस योजना के जरिए अब तक 1,044 करोड़ रुपये से ज्यादा का मुफ्त उपचार कराया जा चुका है। सरकार इसे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बता रही है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण किसी परिवार को इलाज से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसी सोच के तहत सरकार की ओर से स्वास्थ्य सुविधाओं को व्यापक बनाने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार की नीतियों का उद्देश्य लोगों को समय पर और बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी मुख्यमंत्री ने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के नीट परिणाम का आंकड़ा सामने रखा। भगवंत मान के मुताबिक वर्ष 2021 में सरकारी स्कूलों से नीट परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों की संख्या 80 थी, जो 2026 में बढ़कर 882 तक पहुंच गई है।
मुख्यमंत्री ने इस बढ़ोतरी को सरकारी शिक्षा व्यवस्था में हो रहे बदलाव का उदाहरण बताया। उनका कहना था कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर अवसर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सुधार का सीधा असर विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ता है और सरकार इसी दिशा में लगातार प्रयास कर रही है।
भगवंत मान ने अपने संबोधन में विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस पर सत्ता की राजनीति और आंतरिक खींचतान में उलझे रहने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का ध्यान राजनीतिक विवादों के बजाय पंजाब के लोगों को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है।
उन्होंने अकाली दल पर भी गंभीर आरोप लगाए। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में पंजाब की संपत्तियों का नुकसान हुआ और प्रदेश में नशे की समस्या को बढ़ावा मिला। भगवंत मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार पंजाब के हितों को केंद्र में रखकर काम कर रही है और उसका उद्देश्य राज्य को विकास के रास्ते पर आगे ले जाना है।
कार्यक्रम में खेलों से जुड़ी एक बड़ी घोषणा भी की गई। मुख्यमंत्री ने पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में 509 नए खेल मैदान जनता को समर्पित किए। सरकार की ओर से इसे युवाओं को खेलों से जोड़ने और उन्हें नशे से दूर रखने की मुहिम का हिस्सा बताया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब का खेलों से पुराना और मजबूत रिश्ता रहा है। राज्य ने देश को कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिए हैं और सरकार चाहती है कि गांवों और शहरों के युवाओं को अपने आसपास ही खेल सुविधाएं मिलें। नए खेल मैदान तैयार होने से बच्चों और युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि युवाओं को अनुशासन, मेहनत और सकारात्मक सोच से जोड़ने का माध्यम भी हैं। सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक युवा खेल गतिविधियों में हिस्सा लें और नशे जैसी सामाजिक समस्याओं से दूर रहें।
मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों को लेकर भी सरकार की प्राथमिकताएं गिनाईं। उन्होंने कहा कि स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं पर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक सरकार का उद्देश्य जनता से प्राप्त धन को सार्वजनिक सुविधाओं के माध्यम से लोगों तक वापस पहुंचाना है।
मावां-धीयां सत्कार योजना की बात करें तो इसके जरिए सरकार सीधे महिलाओं को आर्थिक सहायता देने पर जोर दे रही है। योजना में आयु और सामाजिक वर्ग के आधार पर अलग-अलग मासिक सहायता निर्धारित की गई है। सामान्य वर्ग की पात्र महिलाओं को 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति वर्ग की पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये हर महीने दिए जाने की बात मुख्यमंत्री ने दोहराई।
9,300 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान इस योजना के व्यापक दायरे को दर्शाता है। सरकार के अनुमान के मुताबिक राज्य की लगभग 97 प्रतिशत महिलाएं इसके दायरे में आ सकती हैं। ऐसे में योजना को पंजाब में महिलाओं से जुड़ी बड़ी सामाजिक और आर्थिक पहल के तौर पर देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण को केवल सरकारी सहायता देने तक सीमित नहीं बताया। उनके अनुसार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना परिवार में उनकी भूमिका को मजबूत करता है और उन्हें सामाजिक-आर्थिक फैसलों में अधिक सक्रिय भागीदारी का अवसर देता है। इसी कारण सरकार महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधारने को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल कर रही है।
28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन नई रजिस्ट्रेशन कराने वाली महिलाओं के खातों में सम्मान राशि भेजे जाने का एलान इसी योजना को लेकर सरकार की अगली बड़ी पहल है। इससे नई लाभार्थियों को सीधे बैंक खाते के जरिए आर्थिक सहायता मिलने का रास्ता खुलेगा। सरकार इस पूरी प्रक्रिया को महिलाओं के सम्मान और आत्मनिर्भरता से जोड़कर प्रस्तुत कर रही है।
पटियाला के देदना गांव में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने एक साथ महिला कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल और विकास योजनाओं का उल्लेख किया। उनके संबोधन का मुख्य जोर इस बात पर रहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे आम लोगों तक पहुंचे।
पंजाब सरकार की ओर से रक्षाबंधन के अवसर पर किया गया यह एलान महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता से जुड़ा अहम कदम है। नई रजिस्ट्रेशन कराने वाली पात्र महिलाओं को 28 अगस्त को मिलने वाली सम्मान राशि के साथ सरकार ने महिला सशक्तिकरण को त्योहार के अवसर से जोड़ने की कोशिश की है। वहीं 9,300 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान और व्यापक लाभार्थी कवरेज के दावे से यह योजना राज्य की बड़ी सामाजिक कल्याण योजनाओं में शामिल होती दिखाई दे रही है।