Skip to main content

The Scoopp

 

महाराष्ट्र पहाड़ हादसा: कुणाल के परिवार में आखिर क्या चल रहा था? आईफोन वाली कहानी पर मौसी ने दिया बड़ा बयान

महाराष्ट्र में पिता, मां और बेटे की मौत से जुड़े पहाड़ हादसे के मामले में अब परिवार की ओर से एक अहम सफाई सामने आई है। शुरुआती जानकारी में यह दावा किया गया था कि बेटे कुणाल ने आईफोन को लेकर हुए विवाद के बाद आत्महत्या जैसा कदम उठाया और इसी घटनाक्रम में परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई। हालांकि, अब कुणाल की मौसी पल्लवी ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि घटना को मोबाइल फोन से जोड़ना सही नहीं है और इस तरह की बातें बिना पूरी जानकारी के फैलाई जा रही हैं।

पल्लवी के मुताबिक, परिवार के भीतर जो परिस्थितियां बनी थीं, उनका संबंध किसी आईफोन या मोबाइल खरीदने की मांग से नहीं था। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बिना तथ्य जाने किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें। उनका कहना था कि बाहर के लोग परिवार की वास्तविक स्थिति से परिचित नहीं थे, इसलिए घटना को लेकर तरह-तरह की बातें फैलाना उचित नहीं है।

परिवार से सामने आई जानकारी के मुताबिक, कुणाल की सबसे बड़ी इच्छा अपने माता-पिता को एक साथ देखना थी। वह चाहता था कि दोनों के बीच जो भी मतभेद हैं, वे खत्म हों और उसके माता-पिता साथ रह सकें। हालांकि, माता-पिता के वैवाहिक संबंधों की वास्तविक स्थिति क्या थी और क्या दोनों का औपचारिक रूप से तलाक हुआ था, इस बारे में फिलहाल स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

घटना को लेकर पुलिस की जांच भी परिवार के अंदर चल रहे तनाव की ओर इशारा कर रही है। DCP पंकज अतुलकर के अनुसार, परिवार में पिछले दो से तीन महीनों से विवाद की स्थिति बनी हुई थी। लगातार चल रहे मतभेदों के कारण घर का माहौल तनावपूर्ण था। पुलिस इस पारिवारिक विवाद और उससे जुड़े घटनाक्रम को भी मामले की जांच में महत्वपूर्ण मान रही है।

इस पूरे मामले में मृतक मां संगीता चांदगुडे का सोशल मीडिया पर डाला गया आखिरी वीडियो भी चर्चा में है। 21 अगस्त को बेटे के साथ जान गंवाने वाली संगीता ने हादसे से ठीक एक दिन पहले अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो अपलोड किया था। इस वीडियो में उन्होंने रिश्तों, प्रेम और भावनाओं के महत्व पर बात की थी।

संगीता ने अपने संदेश में कहा था कि जीवन में ऐसे व्यक्ति के लिए सब कुछ करने का कोई अर्थ नहीं है जो प्यार और रिश्तों को महत्व नहीं देता। वीडियो सामने आने के बाद इसे परिवार की परिस्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, इस वीडियो का हादसे से सीधा संबंध था या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए सोशल मीडिया पर सामने आ रही व्याख्याओं को तथ्य मानना उचित नहीं होगा।

परिवार के भीतर तनाव को लेकर सामने आईं अलग-अलग बातें

हादसे के बाद परिवार के सदस्यों की ओर से माता-पिता के रिश्ते और उनके बीच चल रहे विवाद को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। दोनों पक्षों की बातों में अंतर होने के कारण घटना की पारिवारिक पृष्ठभूमि और भी महत्वपूर्ण हो गई है।

संगीता के मायके पक्ष का कहना है कि मुरलीधर और संगीता के बीच लंबे समय से मतभेद चल रहे थे। इन विवादों में संपत्ति से जुड़े मुद्दे भी शामिल बताए जा रहे हैं। मायके वालों के अनुसार, पति-पत्नी के बीच लंबे समय से बनी दूरी का असर परिवार के माहौल पर पड़ रहा था।

मायके पक्ष के मुताबिक, कुणाल अपने माता-पिता के बीच बने मतभेदों से परेशान था। उसकी इच्छा थी कि दोनों अपने विवाद खत्म करें और पहले की तरह साथ रहें। परिवार की ओर से सामने आई इस बात से यह संकेत मिलता है कि कुणाल के लिए माता-पिता का रिश्ता काफी मायने रखता था।

वहीं, मुरलीधर के परिवार की ओर से इस रिश्ते को लेकर एक अलग कहानी बताई गई है। मुरलीधर की बहन शोभा राजेंद्र मस्के ने बताया कि दोनों ने करीब 22 साल पहले प्रेम विवाह किया था। उनके मुताबिक, इस शादी को मुरलीधर के माता-पिता की मंजूरी नहीं मिली थी।

शोभा के अनुसार, मुरलीधर के माता-पिता इस विवाह के पक्ष में नहीं थे और शादी में भी शामिल नहीं हुए थे। उनका दावा है कि शादी के बाद भी संगीता को ससुराल पक्ष की ओर से स्वीकार नहीं किया गया। इस वजह से दंपती के रिश्ते और परिवार के भीतर के समीकरणों को लेकर लंबे समय से तनाव बना रहा।

इस तरह एक ही परिवार के दो पक्षों की ओर से अलग-अलग तस्वीर सामने आ रही है। संगीता के मायके वाले जहां लंबे समय से चले आ रहे विवाद और संपत्ति से जुड़े मुद्दों की बात कर रहे हैं, वहीं मुरलीधर के परिवार की ओर से शादी के समय से ही मौजूद पारिवारिक असहमति और संगीता को स्वीकार न किए जाने की बात कही जा रही है।

आईफोन वाली कहानी पर परिवार ने उठाए सवाल

मामले में सबसे ज्यादा चर्चा जिस दावे की हुई, वह आईफोन से जुड़ा था। शुरुआती रिपोर्टों में यह बात सामने आई कि कुणाल की मौत के पीछे महंगे मोबाइल फोन को लेकर कोई विवाद या इच्छा वजह बनी थी। इस जानकारी के सामने आने के बाद घटना को एक अलग ही नजरिए से देखा जाने लगा।

लेकिन कुणाल की मौसी पल्लवी ने इस दावे पर साफ तौर पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन को घटना की वजह बताना सही नहीं है। उनके अनुसार, लोगों को परिवार की वास्तविक परिस्थितियों की जानकारी नहीं है और फिर भी अलग-अलग तरह की बातें कही जा रही हैं।

परिवार की इस सफाई के बाद अब जांच का फोकस केवल मोबाइल या किसी एक घटना तक सीमित नहीं रह जाता। पुलिस के मुताबिक, पिछले कई महीनों से परिवार में विवाद की स्थिति थी। इसलिए यह समझना जरूरी होगा कि उस दौरान परिवार के सदस्यों के बीच किस तरह के मतभेद चल रहे थे और उनका कुणाल तथा उसके माता-पिता पर क्या असर पड़ा।

हादसे से पहले संगीता का वीडियो बना चर्चा का विषय

संगीता चांदगुडे का यूट्यूब चैनल भी इस मामले में लोगों का ध्यान खींच रहा है। हादसे से सिर्फ एक दिन पहले उन्होंने रिश्तों और प्रेम से संबंधित वीडियो साझा किया था। इसमें उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि रिश्तों में प्यार और भावनाओं की कद्र होना जरूरी है।

उनका यह वीडियो अब हादसे के बाद सामने आया है, इसलिए लोग इसे घटना की पृष्ठभूमि से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, किसी सोशल मीडिया पोस्ट को घटना की वजह मान लेना तब तक सही नहीं होगा, जब तक जांच में उसका कोई स्पष्ट संबंध स्थापित न हो।

वीडियो में संगीता ने प्रेम को महत्व न देने वाले व्यक्ति के लिए कुछ करने की निरर्थकता की बात कही थी। यह संदेश सामान्य रूप से रिश्तों और भावनात्मक जुड़ाव पर केंद्रित था। हादसे से इसका सीधा संबंध था या नहीं, इस बारे में आधिकारिक तौर पर कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

पुलिस जांच में पिछले दो-तीन महीने अहम

DCP पंकज अतुलकर के बयान के अनुसार, परिवार के भीतर पिछले दो से तीन महीने से विवाद चल रहा था। पुलिस के लिए यह अवधि इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी दौरान परिवार में तनाव की स्थिति बनी रही।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही होंगी कि विवाद की शुरुआत किस मुद्दे से हुई, इसमें कौन-कौन से लोग शामिल थे और परिवार के सदस्यों के बीच संबंध किस तरह बदलते गए। साथ ही, पुलिस इस बात को भी समझने का प्रयास कर रही है कि कुणाल अपने माता-पिता के रिश्ते को लेकर किस तरह की स्थिति में था।

परिवार की ओर से सामने आई जानकारी के अनुसार, कुणाल अपने माता-पिता को अलग नहीं देखना चाहता था। वह चाहता था कि दोनों साथ रहें और आपसी मतभेद खत्म हों। ऐसे में परिवार के भीतर लंबे समय से चल रहे तनाव की भूमिका जांच में अहम हो सकती है।

एक घटना, लेकिन सामने आईं कई अलग तस्वीरें

महाराष्ट्र के इस मामले में अभी तक सामने आई जानकारियों को देखें तो घटना के पीछे की पारिवारिक परिस्थितियों को लेकर एकराय नहीं है। एक तरफ आईफोन से जुड़ी शुरुआती कहानी सामने आई, जिसे अब परिवार की ओर से अफवाह बताया जा रहा है। दूसरी ओर पुलिस ने पिछले दो-तीन महीनों से चल रहे पारिवारिक विवाद की पुष्टि की है।

इसके अलावा, संगीता के मायके पक्ष और मुरलीधर के परिवार की ओर से भी रिश्ते की पृष्ठभूमि को लेकर अलग-अलग दावे किए गए हैं। एक पक्ष संपत्ति सहित लंबे समय से चल रहे विवादों की बात करता है, जबकि दूसरा पक्ष 22 साल पहले हुए प्रेम विवाह और संगीता को ससुराल में स्वीकार न किए जाने की कहानी सामने रखता है।

इन अलग-अलग दावों के बीच फिलहाल किसी एक वजह को अंतिम कारण मानना जल्दबाजी होगी। पुलिस की जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि परिवार में वास्तव में किस तरह के विवाद चल रहे थे और उनका इस दुखद घटना से क्या संबंध था।

फिलहाल परिवार ने आईफोन को लेकर कही जा रही बातों से दूरी बना ली है। कुणाल की मौसी का कहना है कि घटना को मोबाइल फोन से जोड़कर अफवाह फैलाना बंद किया जाना चाहिए। परिवार की बातों से यह जरूर सामने आया है कि कुणाल अपने माता-पिता को साथ देखना चाहता था और उनके बीच चल रहे मतभेदों से चिंतित था।

मामले में सामने आ रही हर जानकारी को जांच के संदर्भ में देखना जरूरी है। सोशल मीडिया पोस्ट, पारिवारिक दावे और शुरुआती रिपोर्टों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय पुलिस की जांच और आधिकारिक तथ्यों का इंतजार करना ही उचित होगा। महाराष्ट्र के इस हादसे ने परिवार के भीतर लंबे समय से चले आ रहे मतभेदों और उनके संभावित प्रभावों को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं, जिनके जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे।