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The Scoopp

 

फरीदकोट में दो ग्रेनेड के साथ कनाडा का पीआर युवक गिरफ्तार, पुलिस को आतंकी कनेक्शन का शक

पंजाब के फरीदकोट में बाबा फरीद आगमन पर्व से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने एक युवक को गिरफ्तार कर कथित आतंकी साजिश का खुलासा किया है। काउंटर इंटेलिजेंस की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी के कब्जे से दो ग्रेनेड बरामद किए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये विस्फोटक किस मकसद से मंगवाए गए थे और इनके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं।

गिरफ्तार किए गए युवक की पहचान गुरु अर्जन देव नगर निवासी नवजोत सिंह उर्फ नव के तौर पर हुई है। पुलिस के मुताबिक, नवजोत कनाडा का स्थायी निवासी यानी पीआर होल्डर है और हाल ही में भारत वापस आया था। उसके भारत लौटने की तारीख 12 सितंबर बताई जा रही है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी के संपर्क पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठनों से हो सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में जांच अभी जारी है और उसके नेटवर्क से जुड़ी जानकारी पूछताछ के बाद ही स्पष्ट होगी।

फिरोजपुर से फरीदकोट आते समय पकड़ा गया

काउंटर इंटेलिजेंस को आरोपी की गतिविधियों के बारे में जानकारी मिलने के बाद उसकी निगरानी की गई। बताया जा रहा है कि टीम ने उसे उस समय दबोचा, जब वह फिरोजपुर की तरफ से एक्टिवा पर सवार होकर फरीदकोट की ओर आ रहा था। तलाशी के दौरान उसके पास से दो ग्रेनेड बरामद किए गए।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपी इन ग्रेनेड को कहां ले जा रहा था और उसे इन्हें किसने उपलब्ध कराया। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया है कि विस्फोटक सामग्री ड्रोन के माध्यम से भारत में पहुंचाई गई हो सकती है। इसी बिंदु को लेकर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है कि ड्रोन के जरिए सामग्री किस स्थान पर गिराई गई और उसे वहां से किसने उठाया।

बाबा फरीद आगमन पर्व से पहले कार्रवाई

फरीदकोट में 19 सितंबर से पांच दिवसीय बाबा फरीद आगमन पर्व शुरू होना है। धार्मिक आयोजन को लेकर शहर में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में आयोजन से ठीक पहले दो ग्रेनेड के साथ युवक की गिरफ्तारी को सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हालांकि, पुलिस ने फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया है कि बरामद ग्रेनेड का इस्तेमाल किसी धार्मिक आयोजन या किसी विशेष स्थान को निशाना बनाने के लिए किया जाना था। जांच का मुख्य फोकस आरोपी के कथित संपर्कों, विस्फोटक हासिल करने के तरीके और संभावित योजना की जानकारी जुटाने पर है।

सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या उसके साथ अन्य लोग भी जुड़े हुए हैं। यदि ड्रोन के जरिए विस्फोटक भारत पहुंचाने की बात जांच में पुष्ट होती है, तो एजेंसियां इसके पीछे मौजूद पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश करेंगी।

यूएपीए और एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत मामला

नवजोत सिंह के खिलाफ थाना स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल, फाजिल्का में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने उस पर एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम यानी यूएपीए के तहत धाराएं लगाई हैं।

केस दर्ज होने के बाद जांच एजेंसियां आरोपी से पूछताछ कर रही हैं। पूछताछ के दौरान उसके मोबाइल फोन, संपर्कों, सोशल मीडिया गतिविधियों और विदेश में मौजूद संभावित कनेक्शन की भी जांच की जा सकती है। पुलिस यह समझने का प्रयास कर रही है कि आरोपी की किसी संदिग्ध व्यक्ति या संगठन से बातचीत हुई थी या नहीं।

जांच का एक अहम हिस्सा यह भी होगा कि कथित तौर पर ड्रोन के जरिए भेजी गई सामग्री कहां से आई थी। एजेंसियां उस रूट और नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाने में लगी हैं, जिसके माध्यम से विस्फोटक सामग्री आरोपी तक पहुंची।

12 सितंबर को कनाडा से लौटा था भारत

आरोपी के पिता सूबा सिंह ने बताया कि उनका बेटा कनाडा का पीआर है और वह 12 सितंबर को भारत वापस आया था। परिवार के मुताबिक, भारत आने के कुछ दिन बाद ही यह कार्रवाई हुई।

सूबा सिंह ने बताया कि वीरवार शाम नवजोत ने परिवार को जानकारी दी थी कि उसका कोई कोरियर आने वाला है। इसके बाद वह बेटे के साथ कोरियर लेने के लिए सादिक चौक की ओर गए थे। पिता के अनुसार, इसी दौरान पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया।

परिवार की ओर से मामले को लेकर अलग पक्ष रखा गया है। आरोपी के पिता ने कहा कि उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी नहीं है और उन्होंने मामले में न्याय की मांग की है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि बरामद सामग्री आरोपी तक किस तरह पहुंची और उसकी इसमें क्या भूमिका थी।

जांच में खंगाला जा रहा है पूरा नेटवर्क

दो ग्रेनेड की बरामदगी के बाद जांच केवल आरोपी तक सीमित नहीं रहने की संभावना है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि नवजोत के संपर्क में कौन-कौन लोग थे। खासकर विदेश से लौटने के बाद उसने किन लोगों से मुलाकात की और किन नंबरों पर बातचीत की, इसकी पड़ताल की जा सकती है।

पुलिस यह भी जानना चाहती है कि आरोपी के पास विस्फोटक पहुंचाने के लिए किसी स्थानीय व्यक्ति ने मदद की थी या नहीं। अगर ड्रोन से सामग्री पहुंचाए जाने की बात सही साबित होती है, तो सीमा पार से सक्रिय नेटवर्क और स्थानीय स्तर पर उससे जुड़े लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।

जांच एजेंसियां आरोपी के डिजिटल रिकॉर्ड और दूसरे संभावित सबूतों को भी खंगाल सकती हैं। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि वह किन लोगों के संपर्क में था और कथित तौर पर उसे किस तरह के निर्देश दिए गए थे।

संभावित निशाने को लेकर भी पूछताछ

गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि बरामद किए गए ग्रेनेड का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था। अभी तक पुलिस ने किसी निश्चित लक्ष्य या स्थान की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।

बाबा फरीद आगमन पर्व के मद्देनजर फरीदकोट में सुरक्षा व्यवस्था पहले से महत्वपूर्ण है। ऐसे में जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश करेंगी कि आरोपी की गतिविधियों का आगामी धार्मिक आयोजन से कोई संबंध था या नहीं। किसी संभावित निशाने के बारे में जानकारी मिलने पर सुरक्षा एजेंसियां उसके आधार पर आगे की कार्रवाई कर सकती हैं।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस ने आरोपी को ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया है और उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। आतंकी संगठनों से कथित संपर्क और ड्रोन के माध्यम से विस्फोटक पहुंचने की बात जांच का हिस्सा है। इन दावों की पुष्टि विस्तृत जांच और आगे मिलने वाले सबूतों के आधार पर होगी।

पर्व से पहले बढ़ी सुरक्षा

बाबा फरीद आगमन पर्व फरीदकोट में होने वाला प्रमुख धार्मिक आयोजन है। पांच दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और अन्य लोगों के शहर में आने की उम्मीद रहती है। आयोजन से पहले हुई इस गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी और कड़ी कर सकती हैं।

पुलिस के सामने अब आरोपी से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाने की चुनौती है। इसके साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि बरामद ग्रेनेड कहां से आए, इन्हें किसने भेजा और आरोपी इन्हें लेकर कहां जा रहा था। इन सवालों के जवाब जांच आगे बढ़ने के साथ सामने आने की उम्मीद है।

फिलहाल नवजोत सिंह पुलिस की हिरासत में है और उससे पूछताछ की जा रही है। एजेंसियां उसके कथित आतंकी संपर्कों और विस्फोटक सामग्री की सप्लाई चेन के बारे में जानकारी जुटा रही हैं। वहीं, परिवार ने मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है।