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The Scoopp

 

व्हाइट हाउस में ट्रंप-जिनपिंग की शाही मेजबानी, टेक दिग्गजों के बीच स्टेट डिनर

अमेरिका और चीन के बीच रिश्तों में व्यापार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रणनीतिक मुद्दों को लेकर जारी खींचतान के बीच चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का वॉशिंगटन दौरा कई मायनों में खास रहा। गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन के सम्मान में व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम में भव्य स्टेट डिनर आयोजित किया। इस आयोजन में दोनों देशों के शीर्ष अधिकारियों के अलावा टेक्नोलॉजी और बिजनेस जगत की कई चर्चित हस्तियां भी मौजूद रहीं।

इस पूरे कार्यक्रम में कूटनीति के साथ-साथ खान-पान और प्रतीकात्मक उपहारों पर भी खास ध्यान दिया गया। फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप ने डिनर की तैयारियों की अगुवाई की। व्हाइट हाउस के मुताबिक मेन्यू में अमेरिकी सामग्री को चीनी खान-पान की हल्की झलक के साथ पेश किया गया था।

जिनपिंग को ट्रंप ने दिया करीब 3 फीट ऊंचा बाल्ड ईगल स्टैच्यू

डिनर के दौरान ट्रंप ने जिनपिंग को अमेरिका के राष्ट्रीय पक्षी बाल्ड ईगल की एक बड़ी प्रतिमा उपहार में दी। यह करीब तीन फीट ऊंची बताई गई है। ट्रंप ने इसे अमेरिकी स्वतंत्रता और ऊंची उड़ान भरने वाली भावना का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह प्रतिमा बीजिंग में सम्मानजनक जगह पर रखी जाएगी।

ट्रंप ने अपने भाषण में अमेरिका और चीन के लोगों के बीच संबंधों को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की राजनीतिक व्यवस्थाएं अलग हैं, लेकिन लोगों के बीच संबंध कायम हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि उनके और जिनपिंग के बीच संबंधों में लगातार संपर्क और संवाद की अहम भूमिका है।

जिनपिंग ने भी अपने संबोधन में दोनों देशों के संबंधों को आगे बढ़ाने और आपसी सहयोग की जरूरत पर जोर दिया। उनके भाषण में अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय के रिश्तों, साझा इतिहास और भविष्य में संपर्क बढ़ाने की बात प्रमुख रही।

खाने की मेज पर दिखी अमेरिका-चीन रिश्तों की झलक

स्टेट डिनर का मेन्यू भी इस आयोजन का खास हिस्सा रहा। व्हाइट हाउस ने बताया कि भोजन की शुरुआत येलो स्क्वैश से तैयार वेलूते सूप से हुई। इसमें जंगली मशरूम, ताजी हर्ब्स, क्रिस्पी पैनसेटा और स्कैलियन ऑयल शामिल था। सूप को मुलायम और क्रीमी बनावट के साथ तैयार किया गया था।

मुख्य भोजन के तौर पर तिल की परत में तैयार सी-बास मछली परोसी गई। इसके साथ बेबी बोक चॉय, रोस्टेड गार्डन एगप्लांट और हर्ब्स से बनी सॉस दी गई। बोक चॉय चीन में लोकप्रिय हरी सब्जी है और इसका इस्तेमाल मेन्यू में अमेरिकी सामग्री के साथ चीनी स्वाद की झलक देने के लिए किया गया।

डेजर्ट में वनीला क्रेमेक्स, खट्टी चेरी की तैयारी और अखरोट से बनी फ्रांजिपेन शामिल थी। इसके साथ आइसक्रीम परोसी गई, जिसमें व्हाइट हाउस में तैयार किया गया शहद इस्तेमाल किया गया था। डिनर की शुरुआत 1972 में रिचर्ड निक्सन और झोउ एनलाई के बीच हुए ऐतिहासिक ‘टोस्ट टू पीस’ की याद दिलाने वाली अमेरिकी स्पार्कलिंग वाइन से हुई।

जिनपिंग ने अमेरिका के साथ साझा इतिहास का जिक्र किया

जिनपिंग ने अपने संबोधन में अमेरिका और चीन के पुराने संबंधों को याद किया। उन्होंने 1972 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन की चीन यात्रा का उल्लेख किया। इसी दौर में दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल हुई थी।

जिनपिंग ने निक्सन के साथ-साथ पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री हेनरी किसिंजर की भूमिका को भी याद किया। 1970 के दशक में अमेरिका और चीन के बीच संबंधों को सामान्य बनाने की प्रक्रिया में किसिंजर की कूटनीतिक भूमिका महत्वपूर्ण रही थी।

उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका और चीन के एक साथ जापान के खिलाफ लड़ने का भी जिक्र किया। यह संदर्भ दोनों देशों के साझा इतिहास को सामने रखने की कोशिश के तौर पर देखा गया।

जिनपिंग ने यह संदेश भी दिया कि चीन का विकास अमेरिका के खिलाफ नहीं है। उन्होंने दोनों देशों के लिए सहयोग और साथ-साथ विकास की संभावनाओं पर जोर दिया।

1 लाख अमेरिकी छात्रों को चीन आने का न्योता

जिनपिंग ने अपने संबोधन में लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने की दिशा में एक बड़ी घोषणा भी की। उन्होंने अगले पांच वर्षों में एक लाख अमेरिकी युवाओं को चीन आने और पढ़ाई तथा एक्सचेंज कार्यक्रमों में हिस्सा लेने का न्योता दिया। उनके मुताबिक दोनों देशों के भविष्य के रिश्तों में युवा पीढ़ी और लोगों के बीच संपर्क की अहम भूमिका होगी।

यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच रणनीतिक और तकनीकी प्रतिस्पर्धा जारी है। छात्र आदान-प्रदान और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने को दोनों समाजों के बीच संवाद का एक अलग माध्यम माना जा रहा है।

AI पर ट्रंप और जिनपिंग की भाषा में दिखा अंतर

व्हाइट हाउस में हुई बातचीत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी प्रमुख विषय रहा। ट्रंप ने AI और ‘सुपरइंटेलिजेंस’ को भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया। वहीं जिनपिंग ने AI के विकास के साथ मानव नियंत्रण बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

जिनपिंग ने कहा कि अमेरिका और चीन दोनों AI के क्षेत्र में अग्रणी देश हैं और दोनों के पास इस तकनीक को विकसित करने के साथ उसे जिम्मेदारी से संभालने की क्षमता और जिम्मेदारी भी है। उन्होंने AI के विकास को मानव नियंत्रण में रखने की बात कही।

दोनों देशों के बीच AI को लेकर सहयोग और प्रतिस्पर्धा दोनों चल रहे हैं। उन्नत चिप्स, AI मॉडल, तकनीकी सुरक्षा और भविष्य की तकनीकी क्षमता से जुड़े मुद्दे अमेरिका-चीन संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं।

व्यापार समझौते की अवधि दो महीने बढ़ी

ट्रंप-जिनपिंग मुलाकात से पहले अमेरिका और चीन ने अपने व्यापारिक समझौते की अवधि को दो महीने बढ़ाने पर सहमति बनाई। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट के मुताबिक यह व्यवस्था अब 10 जनवरी तक जारी रहेगी, जबकि इसकी पिछली समयसीमा 10 नवंबर थी।

इस विस्तार से दोनों देशों को टैरिफ, व्यापार प्रतिबंधों, दुर्लभ खनिजों और अन्य आर्थिक मुद्दों पर आगे बातचीत के लिए अतिरिक्त समय मिला है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव में कमी के बावजूद कई महत्वपूर्ण मुद्दे अभी भी बातचीत के दायरे में हैं।

व्हाइट हाउस में ट्रंप-जिनपिंग की लंबी बैठक

स्टेट डिनर से पहले दोनों नेताओं के बीच व्हाइट हाउस में आमने-सामने बातचीत हुई। बैठक में व्यापार और AI के अलावा सुरक्षा तथा अमेरिका-चीन संबंधों से जुड़े कई मुद्दे एजेंडे में रहे। दोनों नेताओं की बातचीत ऐसे समय हुई जब ताइवान, तकनीकी प्रतिस्पर्धा और रणनीतिक हितों को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं।

ट्रंप ने सार्वजनिक तौर पर बैठक को सकारात्मक बताया। वहीं जिनपिंग ने अमेरिका और चीन के बीच रणनीतिक स्थिरता और दीर्घकालिक संबंधों पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने सार्वजनिक मंच से सहयोग और संवाद की आवश्यकता पर बात की, जबकि कई संवेदनशील मुद्दे बंद कमरे की बातचीत का हिस्सा रहे।

ट्रंप ने जिनपिंग को व्हाइट हाउस का निर्माण भी दिखाया

जिनपिंग की मेजबानी के दौरान ट्रंप ने उन्हें व्हाइट हाउस परिसर में चल रहे निर्माण कार्य की जानकारी भी दी। इनमें नया बॉलरूम और हेलिपैड शामिल हैं। ट्रंप ने चीन की अपनी यात्रा के दौरान ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में आयोजित भव्य कार्यक्रम का संदर्भ भी दिया था और अमेरिकी परिसर में बन रहे नए हॉल को लेकर अपनी महत्वाकांक्षा जाहिर की थी।

इस पूरे दौरे में ट्रंप ने जिनपिंग की मेजबानी में असाधारण स्तर की औपचारिकता दिखाई। इससे पहले वह जिनपिंग के अमेरिका पहुंचने पर ज्वाइंट बेस एंड्रयूज जाकर उनका स्वागत भी कर चुके थे। वहां रेड कार्पेट, सैन्य सम्मान और फ्लाईओवर के साथ स्वागत किया गया था।

स्टेट डिनर में टेक्नोलॉजी जगत की बड़ी हस्तियां

इस आयोजन की सबसे ज्यादा चर्चा होने वाली बातों में से एक इसका हाई-प्रोफाइल गेस्ट लिस्ट भी रही। डिनर में अमेरिका के टेक और बिजनेस सेक्टर से जुड़े कई बड़े नाम शामिल हुए। इनमें अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस, टेस्ला और स्पेसएक्स के एलन मस्क, गूगल के सुंदर पिचाई, ओपनएआई से जुड़े सैम ऑल्टमैन और ग्रेग ब्रॉकमैन, एनवीडिया के जेन्सेन हुआंग और डेल टेक्नोलॉजीज के माइकल डेल जैसे नाम शामिल रहे।

टेक दिग्गजों की मौजूदगी इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि ट्रंप और जिनपिंग की बातचीत में AI, सेमीकंडक्टर और तकनीकी प्रतिस्पर्धा जैसे विषय अहम रहे। ऐसे में टेक उद्योग के प्रमुख लोगों का एक ही स्थान पर जुटना इस आयोजन को सामान्य राजकीय भोज से अलग बनाता है।

अमेरिकी मीडिया की एंट्री को लेकर भी विवाद

जिनपिंग के दौरे के दौरान व्हाइट हाउस और कुछ अमेरिकी मीडिया संस्थानों के बीच प्रेस एक्सेस को लेकर विवाद भी सामने आया। CNN, MS NOW और पॉलिटिको के पत्रकारों को व्हाइट हाउस परिसर में प्रवेश से रोके जाने के बाद मामला अदालत तक पहुंचा। एक संघीय जज ने प्रभावित मीडिया संस्थानों की पहुंच बहाल करने का आदेश दिया।

इसके बाद भी पत्रकारों को प्रवेश मिलने में देरी हुई। रिपोर्टों के मुताबिक प्रशासन को पत्रकारों के पास दोबारा सक्रिय करने और उन्हें उपलब्ध कराने में समय लगा। इस पूरे घटनाक्रम का असर जिनपिंग के स्वागत समारोह की मीडिया कवरेज पर भी पड़ा।

इस दौरान ट्रंप ने चीनी पत्रकारों को लेकर मजाक भी किया और उन्हें ज्यादा दोस्ताना बताया। मीडिया एक्सेस का विवाद ऐसे समय सामने आया जब दुनिया का ध्यान व्हाइट हाउस में अमेरिका और चीन के नेताओं की बातचीत पर था।

कुल मिलाकर, जिनपिंग की वॉशिंगटन यात्रा में औपचारिक कूटनीति, व्यापार वार्ता, AI की प्रतिस्पर्धा और दोनों देशों के बीच पुराने संबंधों की याद, सभी पहलू एक साथ दिखाई दिए। भव्य स्टेट डिनर में परोसे गए व्यंजनों से लेकर बाल्ड ईगल की प्रतिमा और टेक उद्योग की बड़ी हस्तियों की मौजूदगी तक, कार्यक्रम में प्रतीकात्मकता और कूटनीति दोनों का मिश्रण नजर आया। साथ ही व्यापार समझौते की अवधि बढ़ाने और AI जैसे मुद्दों पर बातचीत ने संकेत दिया कि अमेरिका-चीन संबंधों में प्रतिस्पर्धा के साथ संवाद का सिलसिला भी जारी है।