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लुधियाना में आज से गूंजेगी हनुमंत कथा, पंडित धीरेंद्र शास्त्री के पहुंचते ही भक्तों में दिखा उत्साह

लुधियाना में पहली बार आयोजित होने जा रही पांच दिवसीय श्री हनुमंत कथा को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री शुक्रवार देर रात लुधियाना पहुंच गए। उनके आगमन के साथ ही कथा को लेकर शहर में धार्मिक माहौल और अधिक उत्साहपूर्ण हो गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु देर रात तक उनके दर्शन के लिए इंतजार करते रहे और उनके सामने आते ही जय श्रीराम तथा हनुमान जी के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के लुधियाना पहुंचने का कार्यक्रम पहले विमान के जरिए होना था। उन्हें लेकर आने वाले चार्टर्ड विमान को हलवारा एयरपोर्ट पर उतरने की अनुमति नहीं मिल सकी। लैंडिंग क्लियरेंस नहीं मिलने के कारण विमान को चंडीगढ़ एयरपोर्ट की ओर मोड़ना पड़ा। चंडीगढ़ में विमान उतरने के बाद पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री सड़क मार्ग से लुधियाना के लिए रवाना हुए।

लुधियाना की सीमा में प्रवेश से पहले ही उनके स्वागत के लिए श्रद्धालुओं और आयोजन समिति के सदस्य तैयार खड़े थे। समराला टोल प्लाजा के पास बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए। जैसे ही पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का काफिला वहां पहुंचा, श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ उनका स्वागत किया। इस दौरान धार्मिक जयकारों के बीच उनका अभिनंदन किया गया। आयोजन से जुड़े पदाधिकारियों ने भी उनका स्वागत करते हुए कथा को लेकर अपनी तैयारियों की जानकारी दी।

समराला से लुधियाना की ओर बढ़ने के बाद पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने निर्धारित निवास पर पहुंचे। उनके पहुंचने की खबर फैलते ही आसपास के इलाके में भी श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ गई। कैलाश नगर रोड स्थित निवास पर देर रात बड़ी संख्या में लोग उनके दर्शन की प्रतीक्षा में मौजूद रहे। इसके बाद उन्होंने निवास की छत से वहां जुटे श्रद्धालुओं को दर्शन दिए और आशीर्वाद दिया।

रात का समय होने के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। लोग लंबे समय तक वहां मौजूद रहे और पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की एक झलक पाने के लिए प्रतीक्षा करते रहे। जैसे ही उन्होंने छत से श्रद्धालुओं की ओर हाथ उठाकर अभिवादन किया, वहां मौजूद लोगों ने जय श्रीराम और हनुमान जी के जयकारे लगाने शुरू कर दिए। कुछ देर के लिए पूरा माहौल धार्मिक उत्सव जैसा नजर आया।

लुधियाना में होने वाली इस कथा को लेकर पिछले कई दिनों से तैयारियां चल रही हैं। आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं की संभावित संख्या को ध्यान में रखते हुए विभिन्न व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया है। कथा स्थल पर लोगों के प्रवेश और बैठने की व्यवस्था के साथ-साथ पार्किंग, सुरक्षा तथा यातायात प्रबंधन को लेकर भी तैयारी की गई है। आयोजन के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां संबंधित लोगों को सौंपी गई हैं।

आयोजन समिति के अनुसार, पांच दिनों तक चलने वाली श्री हनुमंत कथा में भगवान श्री हनुमान से जुड़े धार्मिक और आध्यात्मिक प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा। कथा का उद्देश्य श्रद्धालुओं को भगवान हनुमान की भक्ति, सेवा, समर्पण और धार्मिक मूल्यों से जुड़े संदेशों से जोड़ना बताया गया है। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के श्रीमुख से कथा सुनने के लिए लुधियाना के अलावा आसपास के इलाकों से भी लोगों के पहुंचने की संभावना है।

यह आयोजन लुधियाना के लिए इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि शहर में पहली बार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ओर से श्री हनुमंत कथा का आयोजन किया जा रहा है। इसी वजह से स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ पंजाब के दूसरे जिलों में रहने वाले भक्तों में भी कार्यक्रम को लेकर रुचि देखी जा रही है। समिति को उम्मीद है कि कथा के अलग-अलग दिनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आयोजन स्थल पर पहुंचेंगे।

कथा के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोजन स्थल पर कई स्तरों पर व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रवेश व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। बैठने के स्थानों को लेकर भी तैयारी की गई है ताकि बड़ी संख्या में आने वाले लोगों को कार्यक्रम के दौरान सुविधा मिल सके। इसके साथ ही वाहनों की पार्किंग और कार्यक्रम स्थल के आसपास यातायात को नियंत्रित रखने के लिए भी योजना तैयार की गई है।

सुरक्षा व्यवस्था पर भी आयोजन समिति की ओर से विशेष ध्यान दिया गया है। बड़ी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए आयोजन से जुड़े लोगों को विभिन्न जिम्मेदारियां दी गई हैं। श्रद्धालुओं के आवागमन, प्रवेश और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग स्तर पर प्रबंध किए गए हैं। समिति का प्रयास है कि पांचों दिन कार्यक्रम निर्धारित व्यवस्था के अनुसार सुचारु रूप से चलता रहे।

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के लुधियाना पहुंचने से पहले ही शहर में कथा को लेकर धार्मिक गतिविधियां तेज हो गई थीं। उनके आगमन के बाद श्रद्धालुओं के उत्साह में और बढ़ोतरी देखने को मिली। देर रात उनके दर्शन के लिए लोगों का जुटना इस बात का संकेत रहा कि कथा को लेकर भक्तों में काफी उत्सुकता है। जयकारों और धार्मिक नारों के बीच श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया।

समिति की ओर से बताया गया है कि कथा के दौरान भगवान श्रीराम और हनुमान जी की भक्ति से जुड़े विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश दिए जाएंगे। भक्ति के साथ सेवा, संस्कार और समर्पण जैसे विषयों पर भी जोर रहेगा। आयोजकों ने लोगों से कथा में पहुंचकर आध्यात्मिक कार्यक्रम का हिस्सा बनने की अपील की है।

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के आगमन के दौरान जिस तरह से श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया, उससे कथा के प्रति लोगों की दिलचस्पी का अंदाजा लगाया जा सकता है। चंडीगढ़ एयरपोर्ट से सड़क मार्ग के जरिए लुधियाना पहुंचने के बाद रास्ते में भी उनके स्वागत की तैयारी की गई थी। समराला टोल प्लाजा पर आयोजन समिति के पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं ने काफिले का इंतजार किया और वहां उनका अभिनंदन किया।

इसके बाद कैलाश नगर रोड स्थित निवास पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच गए। देर रात तक लोग वहां मौजूद रहे। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के छत पर आने के बाद श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से जय श्रीराम और हनुमान जी के जयकारे लगाए। दर्शन के बाद उन्होंने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। इस दौरान वहां मौजूद लोगों के बीच धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा।

अब शनिवार से पांच दिवसीय श्री हनुमंत कथा का मुख्य आयोजन शुरू होगा। कथा के आगामी दिनों में भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। पंजाब के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए आयोजन समिति लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी कर रही है।

आयोजकों के मुताबिक कथा में शामिल होने वाले लोगों के लिए जरूरी व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए पूरी तैयारी की गई है। आयोजन को सफल और व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने के लिए समिति के सदस्यों को अलग-अलग दायित्व दिए गए हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रवेश, पार्किंग, सुरक्षा और यातायात से जुड़े इंतजामों को प्राथमिकता दी गई है।

लुधियाना में होने वाला यह धार्मिक आयोजन अगले पांच दिनों तक श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की मौजूदगी में होने वाली कथा में हनुमान भक्ति से जुड़े प्रसंगों के साथ भगवान श्रीराम के प्रति समर्पण और सेवा भाव से संबंधित आध्यात्मिक संदेश सुनने को मिलेंगे। कथा को लेकर शहर में पहले से ही उत्सुकता बनी हुई है और उनके लुधियाना पहुंचने के बाद यह उत्साह और स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

आयोजन समिति ने लुधियाना और आसपास के क्षेत्रों के लोगों से कथा में शामिल होने की अपील की है। समिति के अनुसार, श्रद्धालुओं को कथा के दौरान धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण में भगवान हनुमान की भक्ति से जुड़े प्रसंग सुनने का अवसर मिलेगा। पांच दिनों तक चलने वाले इस आयोजन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और अब श्रद्धालुओं की नजरें कथा के पहले दिन के कार्यक्रम पर हैं।