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The Scoopp

 

दिल्ली से चेन्नई जाने वाली इंडिगो फ्लाइट में धमकी से हड़कंप: टॉयलेट में मिला ‘डू नॉट फ्लाय’ संदेश

दिल्ली से चेन्नई के लिए रवाना होने वाली इंडिगो की एक फ्लाइट में धमकी भरा संदेश मिलने के बाद एयरपोर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। शुक्रवार दोपहर सामने आई इस घटना के बाद विमान को उड़ान भरने से रोक दिया गया। विमान के टॉयलेट में एक संदेश मिला था, जिसमें फ्लाइट को उड़ान नहीं भरने देने की बात लिखी गई थी। सूचना मिलने के बाद विमान को सुरक्षा जांच के लिए अलग स्थान पर ले जाने का फैसला किया गया।

यह घटना इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E 6091 से जुड़ी है। विमान को दिल्ली से चेन्नई के लिए रवाना होना था। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, फ्लाइट दोपहर करीब 3:15 बजे उड़ान भरने वाली थी। हालांकि, उड़ान की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही धमकी से जुड़ी सूचना सामने आ गई। इसके बाद विमान को नियमित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाने के बजाय सुरक्षा जांच के लिए भेज दिया गया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान के टॉयलेट में अंग्रेजी में ‘DO NOT FLY 6E 6091’ लिखा हुआ मिला। इस संदेश का अर्थ था कि फ्लाइट संख्या 6E 6091 को उड़ान नहीं भरनी चाहिए। संदेश मिलने के बाद यह पता लगाने की जरूरत महसूस हुई कि इसे किसने लिखा और क्या इसके पीछे कोई वास्तविक खतरा था। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट नहीं होता कि संदेश लिखने वाले व्यक्ति का उद्देश्य क्या था।

उड़ान से पहले मिली सूचना, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

इस मामले में एयर ट्रैफिक कंट्रोल यानी एटीसी को एक कॉल के जरिए फ्लाइट के संबंध में धमकी भरे संदेश की जानकारी दी गई थी। सूचना मिलने के बाद विमान की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाए गए। उस समय फ्लाइट उड़ान भरने की तैयारी में थी और विमान को पुशबैक भी किया जा चुका था।

पुशबैक वह प्रक्रिया है, जिसमें एयरपोर्ट पर खड़े विमान को विशेष वाहन की मदद से पार्किंग स्टैंड से पीछे की ओर खींचकर टैक्सीवे की दिशा में लाया जाता है, ताकि वह रनवे की ओर बढ़ सके। इस प्रक्रिया के बाद विमान को सामान्य रूप से उड़ान की अगली तैयारियों के लिए आगे बढ़ना था। लेकिन धमकी की सूचना मिलने पर पूरी प्रक्रिया रोक दी गई।

सुरक्षा से जुड़े सूत्रों के अनुसार, विमान को एंटी-सबोटाज जांच के लिए आइसोलेशन बे में ले जाने का निर्णय लिया गया। आइसोलेशन बे एयरपोर्ट का ऐसा निर्धारित स्थान होता है, जहां किसी संभावित सुरक्षा खतरे की स्थिति में विमान को अन्य विमानों और सामान्य गतिविधियों से अलग रखकर जांच की जा सकती है।

इस तरह की जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि विमान, उसके भीतर मौजूद सामान और संबंधित हिस्सों में कोई संदिग्ध वस्तु या संभावित खतरा तो नहीं है। हालांकि, इस घटना में जांच के नतीजों को लेकर उपलब्ध जानकारी में कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

टॉयलेट में कहां लिखा था संदेश, इसकी पुष्टि नहीं

विमान में मिले संदेश को लेकर एक अहम सवाल यह भी है कि उसे किस जगह और किस तरीके से लिखा गया था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि संदेश विमान के एक टॉयलेट में मिला। लेकिन यह तत्काल स्पष्ट नहीं हो पाया कि इसे किसी कागज पर लिखा गया था या सीधे टॉयलेट की दीवार पर अंकित किया गया था।

जांच के दौरान इस बात का पता लगाना महत्वपूर्ण हो सकता है कि संदेश विमान में कब और किस परिस्थिति में छोड़ा गया। इसके लिए संबंधित स्थान की जांच और उपलब्ध परिस्थितियों का आकलन किया जा सकता है। हालांकि, फिलहाल यह कहना उचित नहीं होगा कि संदेश किस यात्री ने लिखा या वह किस समय विमान में मौजूद था, क्योंकि ऐसी किसी जानकारी की पुष्टि नहीं हुई है।

धमकी भरा संदेश मिलने के बाद सुरक्षा संबंधी प्रक्रियाओं को प्राथमिकता दी गई। विमान को उड़ान भरने से रोकना और उसे जांच के लिए अलग स्थान पर ले जाना इसी एहतियाती कार्रवाई का हिस्सा था। ऐसी परिस्थितियों में संदेश की गंभीरता का आकलन करने से पहले सुरक्षा जांच पूरी करना जरूरी होता है।

कितने यात्री सवार थे, इसकी जानकारी सामने नहीं आई

फ्लाइट में यात्रा कर रहे लोगों की संख्या के बारे में भी तत्काल कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी। इसी तरह, घटना के कारण यात्रियों को कितनी देर तक इंतजार करना पड़ा या उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई अथवा नहीं, इस बारे में भी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई।

इंडिगो की ओर से इस घटना पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई थी। इसलिए उड़ान के आगे के कार्यक्रम, यात्रियों की स्थिति और सुरक्षा जांच के अंतिम नतीजे को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

फिलहाल, सामने आई जानकारी के आधार पर इतना स्पष्ट है कि दिल्ली से चेन्नई जाने वाली फ्लाइट 6E 6091 को धमकी से संबंधित सूचना मिलने के बाद उड़ान भरने से रोक दिया गया और जांच के लिए आइसोलेशन बे में भेजा गया। विमान के टॉयलेट में मिले संदेश की वास्तविकता और उसके पीछे की वजह का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।

पहले भी इंडिगो की फ्लाइट में मिला था बम लिखा संदेश

विमान में धमकी से जुड़ी यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब इससे पहले भी इंडिगो की एक दूसरी फ्लाइट में संदिग्ध संदेश मिलने की जानकारी सामने आ चुकी है। 26 अगस्त को लखनऊ से बेंगलुरु पहुंची इंडिगो की फ्लाइट में सफाई के दौरान एक टिश्यू पेपर मिला था, जिस पर अंग्रेजी में ‘BOMB’ लिखा हुआ था। इस शब्द के सामने आने के बाद विमान और एयरपोर्ट की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ गई थी।

उस मामले में इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E321 लखनऊ से सुबह करीब 7 बजे बेंगलुरु के लिए रवाना हुई थी। विमान सुबह लगभग 9:40 बजे बेंगलुरु एयरपोर्ट पर उतरा। यात्रियों के विमान से उतरने के बाद सामान्य सफाई की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान सफाईकर्मियों की नजर टिश्यू पेपर पर पड़ी, जिस पर बम होने का संकेत देने वाला शब्द लिखा था।

संदिग्ध संदेश मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया और विमान की जांच की गई। हालांकि, उस घटना में जांच के दौरान विमान के भीतर कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली थी। इस तरह उस मामले में जांच के बाद किसी विस्फोटक के मौजूद होने की पुष्टि नहीं हुई।

विमान सुरक्षा में ऐसे संदेशों को क्यों लिया जाता है गंभीरता से?

विमान में इस प्रकार का कोई भी संदेश मिलने पर सुरक्षा एजेंसियों को उसकी अनदेखी करने के बजाय निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार जांच करनी होती है। भले ही बाद में कोई खतरा न मिले, लेकिन शुरुआती स्तर पर यह मानकर चलना जरूरी होता है कि सूचना की सत्यता की पुष्टि की जाए।

विमान की जांच के दौरान संबंधित स्थानों और परिस्थितियों का आकलन किया जा सकता है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं है। इस प्रक्रिया में विमान को कुछ समय के लिए परिचालन से अलग रखना भी जरूरी हो सकता है।

हालांकि, हर धमकी भरे संदेश का अर्थ यह नहीं होता कि विमान में वास्तव में विस्फोटक या कोई खतरनाक वस्तु मौजूद है। इसकी पुष्टि केवल उचित जांच के आधार पर ही की जा सकती है। दिल्ली-चेन्नई इंडिगो फ्लाइट के मामले में भी संदेश मिलने और विमान को जांच के लिए भेजे जाने की जानकारी सामने आई है, लेकिन अंतिम जांच रिपोर्ट के बिना खतरे की वास्तविक स्थिति के बारे में दावा नहीं किया जा सकता।

फिलहाल, इस घटना में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि फ्लाइट 6E 6091 की उड़ान से पहले धमकी संबंधी सूचना मिलने पर प्रक्रिया रोक दी गई। विमान को अलग स्थान पर ले जाकर जांच करने का फैसला किया गया। संदेश किसने लिखा, उसे कहां लिखा गया था और उसका उद्देश्य क्या था, इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे।