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अधिक मास की कालाष्टमी-जन्माष्टमी आज, भूलकर भी न करें ये 4 गलतियां, व्रत का पुण्य हो सकता है कम

अधिक मास, जिसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है, धार्मिक दृष्टि से बेहद शुभ माना जाता है। इस बार 8 जून को अधिक मासिक कृष्ण जन्माष्टमी और कालाष्टमी का विशेष संयोग बन रहा है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण के साथ काल भैरव की पूजा का भी विशेष महत्व बताया गया है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पावन अवसर पर पूजा-पाठ, जप-तप और दान-पुण्य करने से व्यक्ति को सुख, समृद्धि और आर्थिक उन्नति का आशीर्वाद प्राप्त हो सकता है। वहीं शास्त्रों में कुछ ऐसे कार्यों का भी उल्लेख मिलता है, जिनसे व्रत और पूजा का प्रभाव कम हो सकता है। इसलिए श्रद्धालुओं को इन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

1. अनावश्यक विवाद से रहें दूर
कालाष्टमी और कृष्ण जन्माष्टमी के दिन किसी के साथ बहस, झगड़ा या कटु व्यवहार करने से बचना चाहिए। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन मन, वचन और कर्म की शुद्धता बनाए रखना आवश्यक होता है। किसी के प्रति बुरा विचार रखना भी उचित नहीं माना जाता।

2. दिन में अधिक देर तक न सोएं
व्रत और उपासना के दौरान आलस्य से दूरी रखने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि अष्टमी तिथि पर दिन के समय सोने से साधना का प्रभाव कम हो सकता है और व्रत का पूर्ण लाभ नहीं मिल पाता।

3. बाल, नाखून या दाढ़ी न कटवाएं
सनातन परंपरा में पर्व और व्रत के दिनों में बाल कटवाना, शेविंग करना या नाखून काटना शुभ नहीं माना जाता। कहा जाता है कि ऐसा करने से सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित हो सकती है और कार्यों में बाधाएं आने की आशंका बढ़ जाती है।

4. तामसिक भोजन से करें परहेज
अधिक मास की अष्टमी पर मांसाहार, लहसुन-प्याज जैसे तामसिक पदार्थों के सेवन से बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि सात्विक भोजन और संयमित जीवनशैली से ही व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है।

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इस दिन स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए, मंदिर और घर को साफ रखना चाहिए तथा श्रद्धा भाव से भगवान श्रीकृष्ण और काल भैरव की आराधना करनी चाहिए। ऐसा करने से जीवन में सुख-शांति और सकारात्मकता बनी रहती है।

(Photo : AI Generated)