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The Scoopp

 

केतन हत्याकांड में नया खुलासा: शादी से पहले ही सिया ने जताई थी रिश्ता टूटने की आशंका, स्नैपचैट चैट जांच के घेरे में

पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। अब जांच एजेंसियों के हाथ एक ऐसी स्नैपचैट बातचीत लगी है, जिसने पूरे मामले को नई दिशा दे दी है। सामने आई चैट में मुख्य आरोपी सिया गोयल अपनी एक दोस्त से शादी को लेकर ऐसी बात कहती दिखाई दे रही है, जिससे यह संकेत मिलता है कि वह पहले से ही इस रिश्ते के भविष्य को लेकर आश्वस्त नहीं थी। पुलिस फिलहाल इस चैट की सत्यता और उससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

जानकारी के अनुसार यह बातचीत 25 मई की बताई जा रही है, यानी केतन अग्रवाल की मौत से करीब 24 दिन पहले की। चैट में सिया अपनी दोस्त से शादी की बुकिंग के लिए आधार कार्ड की कॉपी भेजने को कहती है। इसी दौरान वह एक संदेश लिखती है कि “आधार कार्ड फ्रंट और बैक भेज दे, उस शादी के लिए जो शायद होने ही नहीं वाली है।” यही लाइन अब जांच एजेंसियों के लिए अहम सुराग बन गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह केवल मजाक था या इसके पीछे पहले से कोई बड़ी योजना चल रही थी।

केतन अग्रवाल की मौत 18 जून को पुणे के प्रसिद्ध लोहगढ़ किले से गिरने के बाद हुई थी। शुरुआती तौर पर इसे हादसा माना गया, लेकिन बाद में जांच में हत्या की आशंका मजबूत हुई। पुलिस का आरोप है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर इस पूरी साजिश को अंजाम दिया। दोनों की शादी नवंबर में होने वाली थी और परिवार शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था।

जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से कई अहम डिजिटल सबूत मिले हैं। अधिकारियों के मुताबिक, सिया और चेतन बातचीत के दौरान सामान्य भाषा की बजाय कोडवर्ड, निकनेम और इमोजी का इस्तेमाल करते थे ताकि किसी को उनकी योजना का अंदाजा न लग सके। दोनों के मोबाइल से डिलीट किया गया काफी डेटा भी रिकवर किया गया है। अब विशेषज्ञ इन सांकेतिक संदेशों को समझने की कोशिश कर रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हत्या की योजना कब और कैसे बनाई गई थी।

इसी बीच पुलिस ने सिया के घर से एक और मोबाइल फोन बरामद किया है। दावा किया जा रहा है कि यह फोन छिपाकर रखा गया था। अब इसे फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) भेजा गया है, जहां इसकी विस्तृत जांच की जाएगी। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस डिवाइस से भी मामले से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिल सकते हैं।

मामले की सुनवाई के दौरान पुणे की वडगांव अदालत ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दोनों को येरवदा जेल में रखा गया है। पुलिस ने अदालत से दोनों की रिमांड बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने यह मांग स्वीकार नहीं की। अब आगे की जांच उपलब्ध सबूतों और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी।

सुनवाई के दौरान एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। पुलिस दोनों आरोपियों का नार्को या पॉलीग्राफ टेस्ट कराना चाहती थी, लेकिन अदालत में दोनों ने इसके लिए सहमति देने से इनकार कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी भी आरोपी की इच्छा के विरुद्ध इस तरह का परीक्षण नहीं कराया जा सकता। इससे पहले सिया के वकील की ओर से यह कहा गया था कि वह पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए तैयार है, लेकिन अदालत में स्वयं सिया ने इसकी अनुमति नहीं दी।

उधर जांच के दौरान तीसरे व्यक्ति की भूमिका को लेकर भी संदेह गहरा गया है। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने महाराष्ट्र के बीड जिले से एक युवक को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि वह पुणे के बालेवाड़ी स्थित एक निजी कंपनी में काम करता है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी सिया और चेतन ने हत्या की योजना इस युवक के साथ साझा की थी। हालांकि अभी तक उसकी आधिकारिक पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि उसकी भूमिका केवल जानकारी रखने तक सीमित थी या वह किसी अन्य रूप में भी इस साजिश से जुड़ा हुआ था। जरूरत पड़ने पर उसे सरकारी गवाह भी बनाया जा सकता है।

पुलिस जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार पूरी वारदात की योजना करीब 19 दिनों के भीतर तैयार की गई। अधिकारियों का दावा है कि 31 मई के आसपास सिया ने पहली बार केतन की हत्या करने का विचार बनाया। दरअसल, सगाई के बाद केतन अक्सर सिया को अपने साथ घूमाने ले जाता था। उसे ट्रैकिंग का शौक था और इसी वजह से वह उसे लोहगढ़ किले पर भी लेकर गया था। पुलिस का मानना है कि उसी दौरान सिया के मन में हत्या की योजना बनी।

इसके बाद 5 जून के आसपास सिया ने दोबारा लोहगढ़ जाने का दबाव बनाया, लेकिन उस समय केतन तैयार नहीं हुआ। इसी दौरान परिवार के साथ इंडोनेशिया के बाली जाने की यात्रा भी तय थी। पुलिस के अनुसार, विदेश यात्रा रद्द कराने के उद्देश्य से सिया ने केतन का पासपोर्ट छिपा दिया ताकि यात्रा न हो सके। हालांकि इस दावे की भी जांच की जा रही है।

जांच अधिकारियों के मुताबिक 14 जून को सिया ने एक बार फिर केतन को लोहगढ़ चलने के लिए तैयार किया। पुलिस का आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद उसने केतन को पहाड़ी से धक्का देने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में पेड़ का सहारा मिलने से उसकी जान बच गई। जब केतन ने धक्का देने की वजह पूछी तो सिया ने कहा कि वहां सांप दिखाई दिया था और उसे बचाने के लिए उसने ऐसा किया। घर लौटने पर केतन ने परिवार को यही बताया कि सिया ने उसकी जान बचाई है। उस समय किसी को भी इस घटना पर शक नहीं हुआ।

चार दिन बाद यानी 18 जून को पुलिस के अनुसार तीसरी और अंतिम कोशिश की गई। बताया जा रहा है कि 19 जून को सिया का जन्मदिन मनाने के लिए केतन ने महाबलेश्वर के एक लग्जरी रिजॉर्ट में बुकिंग कर रखी थी। उससे पहले सिया ने प्री-वेडिंग फोटोशूट का बहाना बनाकर एक बार फिर लोहगढ़ किले चलने की बात कही। जांच में दावा किया गया है कि इस बार चेतन चौधरी भी चुपचाप उनके पीछे-पीछे वहां पहुंचा था। जब केतन पहाड़ी की ओर देख रहा था, तभी दोनों ने कथित रूप से पीछे से धक्का देकर उसे नीचे गिरा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

मामले ने एक और भावुक मोड़ तब लिया जब केतन अग्रवाल की मौत के कुछ ही दिनों बाद उनके दादा देवीचंद अग्रवाल का भी निधन हो गया। परिवार के अनुसार वह लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थे और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। परिजनों का कहना है कि पोते की मौत का गहरा सदमा भी उनके स्वास्थ्य पर भारी पड़ा। अब परिवार लगातार इस मामले में जल्द से जल्द न्याय की मांग कर रहा है।

फिलहाल पुलिस डिजिटल सबूत, बरामद मोबाइल फोन, रिकवर की गई चैट, फोरेंसिक रिपोर्ट और संभावित गवाहों के बयानों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की जा रही है ताकि अदालत में मजबूत साक्ष्यों के साथ आरोपपत्र पेश किया जा सके। वहीं, वायरल स्नैपचैट चैट और कोडवर्ड वाली बातचीत ने इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड को और भी रहस्यमय बना दिया है। आने वाले दिनों में फोरेंसिक रिपोर्ट और डिजिटल विश्लेषण से कई नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।