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कॉकरोच जनता पार्टी: क्या यह बन सकती है आधिकारिक राजनीतिक दल? जानिए चुनाव आयोग की पूरी प्रक्रिया

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद “कॉकरोच जनता पार्टी” अचानक सुर्खियों में आ गई है। सोशल मीडिया पर चलाए गए “कॉकरोच इज बैक” अभियान ने तेजी से लोगों का ध्यान खींचा और कुछ ही दिनों में इस मुहिम से बड़ी संख्या में लोग जुड़ गए। इसी बढ़ती लोकप्रियता के बीच अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या यह ऑनलाइन आंदोलन आगे चलकर एक आधिकारिक राजनीतिक पार्टी का रूप ले सकता है। बताया जा रहा है कि हरियाणा के पानीपत के एक वकील ने इस संगठन के रजिस्ट्रेशन के लिए चुनाव आयोग से संपर्क भी किया है।

राजनीतिक पार्टी बनने के लिए समय सीमा का नियम

जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 29A के अनुसार, किसी भी नए राजनीतिक संगठन को बनने के 30 दिनों के भीतर भारत निर्वाचन आयोग में पंजीकरण के लिए आवेदन करना होता है। यही प्रक्रिया किसी भी पार्टी को कानूनी रूप से मान्यता दिलाने और चुनावी मैदान में उतरने का पहला कदम होती है।

कम से कम 100 वोटर सदस्य होना जरूरी

किसी भी नई पार्टी के लिए यह अनिवार्य शर्त है कि उसके पास कम से कम 100 ऐसे सदस्य हों जिनका नाम मतदाता सूची में दर्ज हो। हर सदस्य के पास वैध वोटर आईडी होना जरूरी होता है, जिसकी पुष्टि आयोग द्वारा की जाती है।

संविधान और शपथ पत्र का प्रावधान

पार्टी को अपने उद्देश्य, ढांचे और नियमों को स्पष्ट करने वाला एक लिखित संविधान या मेमोरेंडम जमा करना पड़ता है। इसमें यह भी उल्लेख होना चाहिए कि पार्टी भारतीय संविधान, लोकतांत्रिक व्यवस्था, धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद के सिद्धांतों का पालन करेगी। साथ ही पदाधिकारियों को यह हलफनामा देना होता है कि वे किसी अन्य राजनीतिक दल से जुड़े नहीं हैं।

आवेदन शुल्क और जरूरी दस्तावेज

रजिस्ट्रेशन के लिए ₹10,000 का डिमांड ड्राफ्ट चुनाव आयोग के नाम से जमा करना होता है। इसके साथ पदाधिकारियों की जानकारी, सदस्य सूची, पता और अन्य जरूरी दस्तावेज भी आवेदन में शामिल किए जाते हैं।

सार्वजनिक सूचना और आपत्तियों की प्रक्रिया

आवेदन मिलने के बाद आयोग पार्टी के प्रस्तावित नाम और विवरण को सार्वजनिक करता है। इसके लिए एक राष्ट्रीय और एक स्थानीय अखबार में सूचना प्रकाशित की जाती है। इसके बाद आम जनता को 30 दिनों तक आपत्ति दर्ज करने का मौका दिया जाता है, जिसके आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाता है।

क्या कॉकरोच चुनाव चिह्न मिल सकता है?

हालांकि पार्टी का नाम चर्चा में है, लेकिन “कॉकरोच” को चुनाव चिह्न के रूप में मिलना लगभग असंभव माना जाता है। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार नई पार्टियों को आमतौर पर जीव-जंतु या पक्षियों के प्रतीक चिह्न नहीं दिए जाते। ऐसे में पार्टी को उपलब्ध अन्य मान्य चुनाव चिह्नों में से चयन करना पड़ सकता है।

रजिस्ट्रेशन के बाद क्या दर्जा मिलता है?

सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद चुनाव आयोग इसे “रजिस्टर्ड अनरिकॉग्नाइज्ड पॉलिटिकल पार्टी” का दर्जा देता है। इसके बाद पार्टी अपने उम्मीदवार चुनावों में उतार सकती है और राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा बन सकती है।