अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की संपत्ति और कमाई के स्रोतों को लेकर सामने आए नए फाइनेंशियल डिस्क्लोजर ने उनकी आर्थिक स्थिति में बड़े बदलाव का संकेत दिया है। लंबे समय तक रियल एस्टेट, होटल और गोल्फ कारोबार के लिए पहचाने जाने वाले ट्रम्प की कमाई में अब क्रिप्टोकरेंसी का दबदबा दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, डिजिटल एसेट्स से जुड़ा उनका कारोबार अब उनके पारंपरिक बिजनेस से भी ज्यादा बड़ा कमाई का जरिया बन चुका है।
अमेरिकी ऑफिस ऑफ गवर्नमेंट एथिक्स में जमा की गई सालाना रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में ट्रम्प और उनके परिवार से जुड़े क्रिप्टो वेंचर्स से करीब 1.4 बिलियन डॉलर यानी 13 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई हुई। यह आंकड़ा इसलिए चर्चा में है क्योंकि ट्रम्प का नाम दशकों से प्रॉपर्टी और लग्जरी बिजनेस से जुड़ा रहा है, लेकिन अब क्रिप्टो सेक्टर उनकी आर्थिक ताकत का नया केंद्र बनकर उभर रहा है।
रिपोर्ट में सबसे ज्यादा ध्यान ट्रम्प परिवार की क्रिप्टो कंपनी वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल पर गया है। यह वेंचर ट्रम्प और उनके बेटों से जुड़ा हुआ है। इस कंपनी के जरिए ट्रम्प की संस्थाओं को लगभग 800 मिलियन डॉलर यानी करीब 7,500 करोड़ रुपए की कमाई हुई। इसके अलावा ट्रम्प से जुड़े मीम कॉइन की बिक्री से भी भारी मुनाफा दर्ज किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प मीम कॉइन्स से करीब 635 मिलियन डॉलर यानी लगभग 6 हजार करोड़ रुपए की आय हुई।
क्रिप्टो से इतनी बड़ी कमाई ने ट्रम्प के बिजनेस प्रोफाइल को बदल दिया है। पहले उनकी पहचान मुख्य रूप से न्यूयॉर्क की रियल एस्टेट संपत्तियों, होटल्स और गोल्फ रिसॉर्ट्स के जरिए होती थी। लेकिन अब डिजिटल करेंसी से जुड़े निवेश और कंपनियां उनकी आर्थिक गतिविधियों का बड़ा हिस्सा बन चुकी हैं।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि ट्रम्प के पुराने कारोबार कमजोर हो गए हैं। उनके पारंपरिक बिजनेस अब भी मजबूत कमाई कर रहे हैं। साल 2025 में उनके गोल्फ कोर्स और रिसॉर्ट्स से लगभग 500 मिलियन डॉलर यानी करीब 4,700 करोड़ रुपए का रेवेन्यू हासिल हुआ। यह पिछले साल के मुकाबले करीब 15 प्रतिशत अधिक बताया गया है।
फ्लोरिडा स्थित ट्रम्प के प्रसिद्ध मार-ए-लागो रिसॉर्ट की कमाई में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार, इस रिसॉर्ट का राजस्व 2024 में करीब 50 मिलियन डॉलर यानी लगभग 470 करोड़ रुपए था, जो बढ़कर 77 मिलियन डॉलर यानी लगभग 730 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। इससे साफ है कि क्रिप्टो कारोबार के बढ़ने के बावजूद उनके पुराने बिजनेस भी लगातार आय का बड़ा स्रोत बने हुए हैं।
ट्रम्प की कमाई केवल क्रिप्टो और प्रॉपर्टी तक सीमित नहीं रही। रिपोर्ट में बताया गया है कि उन्हें मीडिया कंपनियों के साथ हुए समझौतों और सेटलमेंट से भी बड़ी रकम मिली। इन समझौतों से लगभग 80 मिलियन डॉलर यानी करीब 760 करोड़ रुपए की आय हुई। इसके अलावा विदेशी प्रॉपर्टी डेवलपर्स, खासकर मिडिल ईस्ट के साझेदारों को अपने नाम का इस्तेमाल करने की अनुमति देने से भी उन्हें लगभग 52 मिलियन डॉलर यानी करीब 500 करोड़ रुपए की कमाई हुई।
ट्रम्प के बिजनेस मॉडल में उनका नाम और ब्रांड वैल्यू भी एक बड़ा आर्थिक जरिया है। कई अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में ट्रम्प ब्रांड का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे उन्हें लाइसेंसिंग और ब्रांडिंग से आय मिलती है। यही वजह है कि राष्ट्रपति पद पर होने के बावजूद उनकी कमाई के कई अलग-अलग स्रोत बने हुए हैं।
हालांकि ट्रम्प की क्रिप्टो से हुई कमाई को लेकर राजनीतिक और नैतिक सवाल भी उठाए जा रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि राष्ट्रपति पद संभालने के बाद उनकी सरकार की कई नीतियां क्रिप्टो इंडस्ट्री के लिए अनुकूल रही हैं। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या राष्ट्रपति के निजी आर्थिक हित और सरकारी नीतियों के बीच टकराव की स्थिति बन सकती है।
ट्रम्प प्रशासन ने क्रिप्टो सेक्टर को बढ़ावा देने वाले कदम उठाए हैं। सरकार ने स्टेबलकॉइन्स को लेकर संघीय स्तर पर नियम बनाने की दिशा में काम किया है। इसके अलावा क्रिप्टो कंपनियों पर पहले की तुलना में सख्त कार्रवाई को कम करने के संकेत भी दिए गए हैं। इसी वजह से विपक्ष और आलोचक राष्ट्रपति के निजी कारोबार और सरकारी फैसलों के बीच संबंधों पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
वहीं व्हाइट हाउस ने इन आरोपों को खारिज किया है। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि ट्रम्प या उनके परिवार ने किसी भी तरह के हितों के टकराव वाले नियमों का उल्लंघन नहीं किया है। व्हाइट हाउस का कहना है कि राष्ट्रपति की नीतियों का उद्देश्य अमेरिका को दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टो अर्थव्यवस्था बनाना है, न कि निजी लाभ पहुंचाना।
ट्रम्प के व्यापारिक हितों को लेकर पहले भी चर्चा होती रही है। राष्ट्रपति पद संभालने के बाद उनके बिजनेस संचालन की जिम्मेदारी उनके बच्चों को दी गई थी। व्हाइट हाउस के अनुसार, ट्रम्प के बच्चे उनके व्यापारिक मामलों का प्रबंधन देखते हैं। हालांकि ट्रम्प अभी भी उस ट्रस्ट के मुख्य लाभार्थी हैं, जिसके जरिए उनकी संपत्तियों और डिजिटल एसेट्स से होने वाली आय अंततः जुड़ी हुई है।
फाइनेंशियल डिस्क्लोजर से यह भी पता चलता है कि ट्रम्प की संपत्ति का स्वरूप समय के साथ बदल रहा है। जहां पहले जमीन, इमारतें और लग्जरी प्रॉपर्टी उनकी आर्थिक पहचान का केंद्र थीं, वहीं अब डिजिटल करेंसी और क्रिप्टो से जुड़े निवेश उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा बन गए हैं।
क्रिप्टो बाजार की तेजी और ट्रम्प परिवार की डिजिटल एसेट्स में सक्रियता ने उन्हें इस सेक्टर के सबसे चर्चित नामों में शामिल कर दिया है। हालांकि भविष्य में यह कारोबार कितना स्थायी साबित होगा, यह क्रिप्टो मार्केट की स्थिति और सरकारी नीतियों पर निर्भर करेगा।
फिलहाल इतना साफ है कि ट्रम्प की आर्थिक तस्वीर में बड़ा बदलाव आया है। रियल एस्टेट और गोल्फ जैसे पुराने साम्राज्य के साथ अब क्रिप्टो उनका सबसे प्रभावशाली कमाई का माध्यम बन चुका है, जिसने उनके बिजनेस की दिशा को पूरी तरह बदल दिया है।