Skip to main content

The Scoopp

 

गमाडा जांच में ईडी की बड़ी कार्रवाई: 27 ठिकानों पर तलाशी, सरकारी दफ्तरों से लेकर अधिकारियों के घरों तक पहुंची टीम

ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। मंगलवार सुबह शुरू हुई कार्रवाई बुधवार तक कई स्थानों पर चलती रही। ईडी की टीमें दिल्ली, चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला और लुधियाना समेत अलग-अलग जगहों पर कुल 27 ठिकानों की तलाशी और सर्वे कर रही हैं। जांच का दायरा गमाडा से जुड़े सरकारी रिकॉर्ड, रियल एस्टेट कंपनियों के लेन-देन और कुछ अधिकारियों तथा उनसे जुड़े लोगों तक पहुंच गया है।

इसी बीच बुधवार देर रात पंजाब सरकार ने ईडी की कार्रवाई को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया। सरकार की तरफ से तत्काल सुनवाई की मांग की गई। अदालत ने मामले में वारंट ऑफिसर नियुक्त कर दिया है। कोर्ट की ओर से नियुक्त वारंट ऑफिसर ईडी की कार्रवाई वाले परिसरों का किसी भी समय निरीक्षण कर सकते हैं। उन्हें मामले की स्थिति से संबंधित रिपोर्ट गुरुवार दोपहर दो बजे तक अदालत के सामने पेश करने को कहा गया है।

ईडी की मौजूदा कार्रवाई का मुख्य फोकस गमाडा से जुड़ी जमीन, प्रॉपर्टी नीलामी, बकाया भुगतान और कथित वित्तीय राहत से जुड़े मामलों पर बताया जा रहा है। जांच एजेंसी तिरुपति इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और उससे संबंधित कंपनियों के लेन-देन की भी पड़ताल कर रही है। प्रारंभिक जांच में 100 करोड़ रुपये से अधिक के कथित अनुचित वित्तीय लाभ और सरकारी खजाने को संभावित नुकसान की आशंका से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।

गमाडा मुख्यालय में लगातार चली पूछताछ

फेज-8 स्थित पुडा भवन और गमाडा मुख्यालय में ईडी की कार्रवाई लंबे समय तक जारी रही। अधिकारियों ने अलग-अलग शाखाओं से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। इनमें लैंड एक्विजिशन, एस्टेट, इंजीनियरिंग और प्रशासन से संबंधित रिकॉर्ड शामिल बताए जा रहे हैं।

जांच के दौरान गमाडा मुख्यालय की तीन मंजिलों को सील किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के मोबाइल फोन और कार्यालय में इस्तेमाल किए जाने वाले कंप्यूटर भी जांच टीम द्वारा अपने कब्जे में लिए जाने की रिपोर्ट है। बुधवार को हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट विभाग के प्रमुख सचिव विकास गर्ग सहित कई अधिकारियों से पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई।

ईडी की टीम ने गमाडा से संबंधित फाइलों में जमीन आवंटन, नीलामी, भुगतान और सरकारी बकाया से जुड़े रिकॉर्ड को खंगाला। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विभिन्न कंपनियों और सरकारी विभागों के बीच वित्तीय लेन-देन किस तरह हुआ और किन परिस्थितियों में कुछ मामलों में बकाया रकम, ब्याज या अन्य शुल्क में राहत दी गई।

लुधियाना में मंत्री के रिश्तेदार के घर भी तलाशी

ईडी की कार्रवाई का एक सिरा लुधियाना तक भी पहुंचा। पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के भांजे प्रिंस के आवास पर जांच टीम के पहुंचने की जानकारी सामने आई। अधिकारियों ने वहां दस्तावेजों के साथ-साथ डिजिटल डिवाइस और वित्तीय लेन-देन से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की।

चंडीगढ़ में गमाडा के पूर्व चीफ एडमिनिस्ट्रेटर और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राजीव गुप्ता के आवास पर भी तलाशी लिए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा पंजाब कैडर के एक अन्य आईएएस अधिकारी के सेक्टर-19 स्थित सरकारी आवास पर भी मंगलवार दोपहर से ईडी की कार्रवाई चलने की बात सामने आई।

इस आवास पर बुधवार सुबह भी जांच टीम मौजूद रही और दस्तावेजों की जांच के साथ अधिकारी से पूछताछ की गई। बुधवार शाम तक ईडी की एक सफेद सरकारी अरटिगा और एक टैक्सी वहां खड़ी देखे जाने की जानकारी है। संबंधित अधिकारी घर से बाहर भी निकले, लेकिन मीडिया के सवालों पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

सेक्टर-39 की सरकारी कोठी नंबर 926 भी जांच के घेरे में

बुधवार देर शाम ईडी की टीम चंडीगढ़ के सेक्टर-39 स्थित सरकारी कोठी नंबर 926 पहुंची। सूत्रों के मुताबिक इस आवास में दिल्ली से जुड़े आम आदमी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के रहने की बात सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में ईडी की ओर से अभी कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

इसी बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने सोशल मीडिया पर कोठी नंबर 926 की तस्वीर साझा की। उन्होंने एक पोस्ट में यह भी दावा किया कि पंजाब सरकार का एक मंत्री विदेश चला गया है। हालांकि, उन्होंने अपने पोस्ट में किसी मंत्री का नाम नहीं बताया।

इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई। शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी ईडी की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि जांच के दौरान सब कुछ सामने आएगा। वहीं बिट्टू की पोस्ट के बाद पंजाब की राजनीति में इस कार्रवाई को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।

जांच में करीब 45 रियल एस्टेट कंपनियों का रिकॉर्ड

ईडी की जांच केवल दो प्रमुख नीलामी साइटों तक सीमित नहीं बताई जा रही है। एजेंसी मोहाली और आसपास के इलाकों में सक्रिय कई निजी रियल एस्टेट कंपनियों के लेन-देन की भी पड़ताल कर रही है। सूत्रों के अनुसार करीब 45 कंपनियां और फर्म जांच के दायरे में हैं।

जांच में जमीन अधिग्रहण, जमीन के इस्तेमाल में बदलाव यानी सीएलयू, प्रॉपर्टी की नीलामी, प्रोजेक्ट की मंजूरियों और निजी डेवलपर्स से जुड़े भुगतान जैसे पहलुओं को शामिल किया गया है। इसके अलावा सरकारी एजेंसियों की ओर से निजी कंपनियों को दिए गए बकाया, ब्याज, पेनल्टी अथवा दूसरे शुल्कों में कथित छूट की भी जांच की जा रही है।

एजेंसी यह समझने का प्रयास कर रही है कि इन फैसलों से सरकारी राजस्व पर कितना प्रभाव पड़ा और संबंधित कंपनियों को किसी प्रकार का वित्तीय लाभ मिला या नहीं।

तिरुपति इंफ्रा और सहयोगी कंपनियों के बीच संबंधों की पड़ताल

ईडी की जांच में तिरुपति इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड प्रमुख कंपनियों में शामिल है। बताया जा रहा है कि कंपनी और उससे जुड़े कारोबारी समूहों ने गमाडा से नीलामी के माध्यम से दो प्रमुख साइटें हासिल की थीं।

जांच का एक अहम पहलू इन साइटों से जुड़ी कंपनियों को बाद में गमाडा की देनदारियों में कथित तौर पर दी गई वित्तीय राहत है। एजेंसी यह पता लगा रही है कि नीलामी के बाद कंपनियों की ओर से किए गए भुगतान, बकाया रकम और सरकारी स्तर पर लिए गए फैसलों के बीच क्या संबंध था।

तिरुपति इंफ्रा के अलावा रेमिगेट बिल्ड एस्टेट्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, एमबी इंफ्राबिल्ड, मेरा बाबा रियलिटी एसोसिएट्स और मेरा बाबा इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रमोटर, निदेशक तथा अन्य संबंधित लोगों के रिकॉर्ड भी जांचे जा रहे हैं।

ईडी कंपनियों के आपसी कारोबारी संबंध, उनके वित्तीय लेन-देन और गमाडा के साथ हुए भुगतान से संबंधित दस्तावेजों को एक-दूसरे से जोड़कर देख रही है।

न्यू चंडीगढ़ प्रोजेक्ट से भी जोड़ी जा रही जांच की कड़ियां

ईडी की वर्तमान कार्रवाई को न्यू चंडीगढ़ के सनटेक सिटी प्रोजेक्ट से संबंधित पहले की जांच से भी जोड़ा जा रहा है। एजेंसी जमीन और प्रॉपर्टी से जुड़े लेन-देन के साथ-साथ सरकारी मंजूरियों और संबंधित दस्तावेजों की कड़ियां तलाश रही है।

जांच के दौरान टीम ने लंबे समय तक गमाडा कार्यालय में रिकॉर्ड खंगाले। कार्रवाई के लंबा चलने के संकेत उस समय भी मिले जब बुधवार शाम जांच टीम के लिए गद्दे और तकिए कार्यालय परिसर में पहुंचाए गए। इससे माना गया कि अधिकारी रात में भी परिसर में रहकर रिकॉर्ड की जांच जारी रख सकते हैं। सूत्रों के अनुसार जांच टीम के लिए भोजन की व्यवस्था भी कार्यालय परिसर में ही की गई।

हाईकोर्ट में पंजाब सरकार की याचिका के बाद बढ़ी हलचल

ईडी की लगातार चल रही कार्रवाई के बीच पंजाब सरकार ने बुधवार देर रात हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सरकार की ओर से मामले में तत्काल सुनवाई की मांग की गई। इसके बाद अदालत ने वारंट ऑफिसर नियुक्त करने का आदेश दिया।

वारंट ऑफिसर को ईडी की कार्रवाई वाले स्थानों का निरीक्षण करने की अनुमति दी गई है। उन्हें गुरुवार दोपहर दो बजे तक अदालत के समक्ष स्टेटस रिपोर्ट पेश करनी होगी। अब हाईकोर्ट की कार्रवाई के साथ यह मामला कानूनी स्तर पर भी आगे बढ़ गया है।

फिलहाल ईडी की ओर से 27 ठिकानों पर चल रही तलाशी में जुटाए जा रहे दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जांच का अहम हिस्सा हैं। एजेंसी कथित वित्तीय अनियमितताओं, सरकारी राजस्व पर संभावित प्रभाव और निजी रियल एस्टेट कंपनियों से जुड़े लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने में लगी है। दूसरी ओर पंजाब सरकार की हाईकोर्ट में याचिका के बाद आने वाले अदालत के निर्देशों पर भी पूरे मामले की आगे की दिशा निर्भर करेगी।