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गुलजार सिंह मामले में कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन आज, हर जिले में SP ऑफिस का घेराव; हरपाल चीमा पर FIR की मांग

गुलजार सिंह की मौत के मामले को लेकर पंजाब की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर भगवंत मान सरकार के खिलाफ प्रदेशव्यापी आंदोलन करने का फैसला किया है। शुक्रवार को पंजाब कांग्रेस के कार्यकर्ता राज्य के सभी जिलों में सड़कों पर उतरेंगे। पार्टी की ओर से संबंधित जिलों में पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के कार्यालयों तक मार्च निकालकर प्रदर्शन किया जाएगा।

कांग्रेस का मुख्य फोकस इस दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ मामला दर्ज कराने की मांग पर रहेगा। पार्टी कार्यकर्ता जिला स्तर पर एसपी और एसएसपी कार्यालयों का घेराव करेंगे। इसके बाद अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर गुलजार सिंह की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की जाएगी।

पंजाब कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यह प्रदर्शन केवल एक जिले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे प्रदेश में एक साथ आयोजित किया जाएगा। पार्टी नेताओं के मुताबिक, गुलजार सिंह को न्याय दिलाने के लिए सरकार और पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाया जाएगा। कांग्रेस का आरोप है कि इस मामले में कुछ गंभीर सवाल सामने आए हैं, जिनका जवाब जांच के जरिए सामने आना चाहिए।

जिला स्तर पर निकलेगा कांग्रेस का मार्च

प्रदेश कांग्रेस ने शुक्रवार के प्रदर्शन की जिम्मेदारी जिला कांग्रेस कमेटियों को सौंपी है। सभी जिला अध्यक्षों के नेतृत्व में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता संबंधित पुलिस अधिकारियों के कार्यालयों की ओर मार्च करेंगे। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर नारेबाजी भी करेंगे।

पार्टी नेतृत्व ने जिला प्रधानों से कहा है कि प्रदर्शन को प्रभावी बनाने के लिए अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। कांग्रेस की योजना है कि हर जिले में स्थानीय स्तर पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकजुट होकर पुलिस प्रशासन को ज्ञापन दें।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि गुलजार सिंह की मौत से जुड़े मामले में लोगों के बीच कई सवाल हैं। ऐसे में केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। पार्टी इसी मांग को लेकर पुलिस अधिकारियों के सामने अपनी बात रखेगी।

हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ FIR की मांग

इस पूरे आंदोलन में कांग्रेस की सबसे प्रमुख मांग वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की है। पार्टी का आरोप है कि गुलजार सिंह मामले में चीमा की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस चाहती है कि इन आरोपों की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत हो और यदि जांच में कोई तथ्य सामने आते हैं तो उसके आधार पर कार्रवाई की जाए।

कांग्रेस ने कहा है कि किसी भी व्यक्ति की भूमिका पर सवाल उठने की स्थिति में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पार्टी के अनुसार, जांच तभी प्रभावी मानी जाएगी जब सभी संबंधित पक्षों को समान रूप से जांच के दायरे में लाया जाए।

विपक्षी दल का कहना है कि गुलजार सिंह को न्याय दिलाने के लिए पुलिस प्रशासन को शिकायत और आरोपों पर गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए। इसी उद्देश्य से शुक्रवार को सभी जिलों में अधिकारियों को ज्ञापन दिए जाएंगे।

प्रदर्शन के दौरान पुतले भी जलाए जाएंगे

कांग्रेस ने अपने प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन को और आक्रामक बनाने की भी तैयारी की है। पार्टी की ओर से जानकारी दी गई है कि अलग-अलग जिलों में प्रदर्शन के दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के पुतले जलाए जाएंगे।

कांग्रेस कार्यकर्ता इस माध्यम से सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज कराएंगे। पार्टी नेताओं का कहना है कि गुलजार सिंह मामले में जब तक न्याय की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक कांग्रेस इस मुद्दे को उठाती रहेगी।

पार्टी का मानना है कि विपक्ष के तौर पर सरकार से जवाब मांगना उसका अधिकार है और गुलजार सिंह के मामले में भी कांग्रेस इसी भूमिका को निभाएगी। प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस पुलिस प्रशासन से लेकर राज्य सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने की कोशिश करेगी।

राजा वड़िंग ने कार्यकर्ताओं से जुटने की अपील की

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने प्रदेश के सभी जिला कांग्रेस अध्यक्षों और पार्टी कार्यकर्ताओं से प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने जिला इकाइयों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आंदोलन को व्यवस्थित तरीके से आयोजित करें।

राजा वड़िंग की अपील के बाद जिला कांग्रेस कमेटियों ने भी कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन में शामिल होने के लिए तैयार रहने को कहा है। पार्टी का उद्देश्य है कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में कांग्रेस की मौजूदगी प्रभावी तरीके से दिखाई दे और गुलजार सिंह मामले को लेकर सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाया जा सके।

कांग्रेस नेतृत्व का कहना है कि यह आंदोलन केवल राजनीतिक विरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य मामले में न्याय की मांग को प्रमुखता से उठाना है। पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करते हुए अपनी मांग पुलिस अधिकारियों के सामने रखें।

सरकार पर बढ़ाया जाएगा दबाव

गुलजार सिंह की मौत का मामला अब पंजाब की राजनीति में बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। कांग्रेस लगातार इस मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठा रही है और अब पार्टी ने इसे प्रदेशव्यापी आंदोलन में बदलने का फैसला किया है।

शुक्रवार के प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस राज्य सरकार को यह संदेश देने की कोशिश करेगी कि वह इस मामले को आसानी से छोड़ने वाली नहीं है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि मामले में किसी की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं तो जांच एजेंसियों को उसकी जांच करनी चाहिए।

कांग्रेस का कहना है कि न्याय व्यवस्था में लोगों का विश्वास बनाए रखने के लिए पारदर्शी और निष्पक्ष जांच आवश्यक है। पार्टी इसी आधार पर हर जिले में पुलिस अधिकारियों से कार्रवाई की मांग करेगी।

एसपी और एसएसपी कार्यालयों पर रहेगा फोकस

प्रदेश कांग्रेस के कार्यक्रम के मुताबिक, जिला स्तर पर प्रदर्शन का प्रमुख केंद्र एसपी और एसएसपी कार्यालय रहेंगे। कार्यकर्ता मार्च करते हुए इन कार्यालयों तक पहुंचेंगे और वहां अधिकारियों को ज्ञापन सौंपेंगे।

ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस गुलजार सिंह मामले में एफआईआर दर्ज करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग रखेगी। पार्टी के स्थानीय नेता अपने-अपने जिलों में प्रदर्शन की अगुवाई करेंगे।

कांग्रेस की रणनीति है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में एक ही दिन विरोध प्रदर्शन कर इस मुद्दे को राज्यव्यापी बनाया जाए। इससे पार्टी कार्यकर्ताओं को भी एकजुट करने और सरकार के खिलाफ विरोध को मजबूत करने की कोशिश की जाएगी।

मुद्दे को आगे भी उठाने के संकेत

कांग्रेस नेताओं ने संकेत दिया है कि शुक्रवार का प्रदर्शन इस मामले को लेकर पार्टी के आंदोलन का अहम हिस्सा है। यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती है तो आने वाले समय में भी इस मुद्दे को राजनीतिक और सार्वजनिक मंचों पर उठाया जा सकता है।

पार्टी का कहना है कि गुलजार सिंह को न्याय मिलने तक कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी। नेताओं के मुताबिक, मामले की जांच में किसी तरह का पक्षपात नहीं होना चाहिए और जिन लोगों की भूमिका को लेकर सवाल हैं, उनकी जांच कानून के मुताबिक की जानी चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस इस मामले को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बनाने की तैयारी में है। शुक्रवार को होने वाले प्रदर्शनों में जिला स्तर के नेताओं के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के शामिल होने की उम्मीद है।

इस तरह गुलजार सिंह की मौत के मामले ने पंजाब में सियासी टकराव को और बढ़ा दिया है। कांग्रेस ने जहां वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ एफआईआर की मांग को अपने आंदोलन का मुख्य मुद्दा बनाया है, वहीं सरकार से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग भी दोहराई है। अब शुक्रवार को होने वाले प्रदेशव्यापी प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस इस मामले में अपना विरोध कितनी मजबूती से दर्ज करा पाती है, इस पर सभी की नजर रहेगी।