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The Scoopp

 

जालंधर के डीएवी कॉलेज में पंजाबी गाने की शूटिंग पर बवाल, हथियारों वाले वीडियो से उठे सवाल; गायक निज्जर पर FIR

शहर के प्रतिष्ठित डीएवी कॉलेज में पंजाबी गायक हरिंदर पाल सिंह निज्जर के नए गाने की शूटिंग को लेकर विवाद सामने आया है। शूटिंग से जुड़े वीडियो में कथित तौर पर हथियारों के प्रदर्शन को लेकर आपत्ति जताई गई है। मामले में थाना डिवीजन नंबर-1, जालंधर में गायक निज्जर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 223 और 190 के अलावा आर्म्स एक्ट की धाराओं 25-30 के तहत कार्रवाई की है।

कॉलेज परिसर में शूटिंग और उससे जुड़े वीडियो सामने आने के बाद शहर के ट्यूटर एवं समाजसेवक प्रो. एमपी सिंह ने इस मामले को उठाया। उन्होंने जालंधर के डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया और डीएवी कॉलेज की मैनेजमेंट कमेटी को पत्र भेजकर पूरे घटनाक्रम की जांच कराने की मांग की। शिकायत में शूटिंग के दौरान हथियारों के कथित प्रदर्शन, कॉलेज परिसर में इस तरह की शूटिंग की अनुमति और इससे जुड़े भुगतान की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए हैं।

प्रो. एमपी सिंह की शिकायत के बाद पुलिस की ओर से यह कानूनी कार्रवाई की गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार मामले में पुलिस की विस्तृत जांच, आरोपों पर गायक या कॉलेज प्रबंधन का पक्ष और शूटिंग के दौरान इस्तेमाल किए गए हथियारों की कानूनी स्थिति से जुड़ी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

शूटिंग के वीडियो को लेकर शुरू हुआ विवाद

डीएवी कॉलेज जालंधर में पंजाबी गायक हरिंदर पाल सिंह निज्जर के नए गीत की शूटिंग की गई थी। इसी शूटिंग से संबंधित वीडियो सामने आने के बाद विवाद ने तूल पकड़ा। वीडियो में कथित तौर पर हथियारों के प्रदर्शन को लेकर आपत्ति जताई गई। प्रो. एमपी सिंह ने इस तरह के दृश्यों को लेकर चिंता जाहिर करते हुए संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच करने का आग्रह किया।

उनका कहना है कि किसी शैक्षणिक संस्थान में फिल्माए जाने वाले कंटेंट का असर वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों और युवाओं पर भी पड़ सकता है। ऐसे में शूटिंग के दौरान दिखाए गए दृश्यों की प्रकृति और उनके संभावित प्रभाव को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने इसी आधार पर कॉलेज परिसर में हथियारों से जुड़े दृश्य फिल्माए जाने पर आपत्ति दर्ज कराई।

शिकायतकर्ता ने अधिकारियों से यह पता लगाने की मांग की है कि शूटिंग के लिए कॉलेज परिसर का इस्तेमाल किस प्रक्रिया के तहत किया गया था। इसके साथ ही यह भी जांचने का अनुरोध किया गया है कि शूटिंग की अनुमति किसने दी और क्या इसके लिए निर्धारित नियमों का पालन हुआ था।

गन कल्चर के खिलाफ लंबे समय से आवाज उठा रहे हैं प्रो. एमपी सिंह

प्रो. एमपी सिंह ने कहा कि वह लंबे समय से गन कल्चर के खिलाफ अपनी आवाज उठाते रहे हैं। उनके मुताबिक, हथियारों को प्रदर्शित करने वाले दृश्य युवाओं के बीच गलत संदेश पहुंचा सकते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मनोरंजन के माध्यम से प्रस्तुत किए जाने वाले कंटेंट में भी सामाजिक जिम्मेदारी का ध्यान रखा जाना चाहिए।

उनका कहना है कि डीएवी कॉलेज जालंधर केवल एक सामान्य शिक्षण संस्थान नहीं है, बल्कि इसका शिक्षा, संगीत और प्रशासन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कॉलेज से कई प्रतिष्ठित हस्तियां जुड़ी रही हैं और इस संस्थान की अपनी एक पहचान है। ऐसे में कॉलेज परिसर में गन कल्चर से जुड़े कथित दृश्य फिल्माए जाने पर उन्होंने चिंता जताई है।

शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया कि यदि शूटिंग के दौरान कोई अप्रिय घटना घट जाती तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होती। उनके अनुसार, किसी भी शूटिंग की अनुमति देने से पहले सुरक्षा व्यवस्था, इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं और शूटिंग से जुड़े जोखिमों का आकलन किया जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस पहलू की भी जांच करने को कहा है।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में शूटिंग के दौरान किसी अप्रिय घटना के घटित होने की पुष्टि नहीं है। प्रो. एमपी सिंह ने यह सवाल संभावित सुरक्षा जोखिमों के संदर्भ में उठाया है।

डीएवी कॉलेज की अनुमति प्रक्रिया पर भी जांच की मांग

मामले में केवल वीडियो में दिखाई देने वाले कथित हथियारों को लेकर ही आपत्ति नहीं जताई गई, बल्कि कॉलेज परिसर में शूटिंग की अनुमति से जुड़े पहलुओं पर भी सवाल उठाए गए हैं। प्रो. एमपी सिंह ने डीएवी कॉलेज की मैनेजमेंट कमेटी को पत्र भेजकर पूरे मामले की जांच की मांग की है।

उन्होंने जानना चाहा है कि गायक और उनकी टीम को कॉलेज में शूटिंग करने की अनुमति किस आधार पर दी गई। क्या इसके लिए कॉलेज प्रशासन से औपचारिक मंजूरी ली गई थी? शूटिंग के दौरान किन शर्तों का पालन किया जाना था? क्या परिसर में किसी प्रकार के हथियार या हथियार जैसे दिखने वाले उपकरण लाने को लेकर कोई नियम निर्धारित थे? शिकायतकर्ता ने ऐसे ही सवालों का जवाब जांच के माध्यम से सामने लाने की मांग की है।

प्रो. एमपी सिंह के मुताबिक, शिक्षण संस्थानों में होने वाली किसी भी गतिविधि को लेकर पारदर्शिता जरूरी है। यदि किसी बाहरी टीम को शूटिंग के लिए परिसर उपलब्ध कराया जाता है, तो उसके लिए तय प्रक्रिया का पालन होना चाहिए। उन्होंने कॉलेज प्रबंधन से इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया है।

शूटिंग के भुगतान और पैसों के इस्तेमाल की भी जांच हो

प्रो. एमपी सिंह ने अपने पत्र में शूटिंग से जुड़े आर्थिक लेनदेन की जांच की मांग भी रखी है। उन्होंने कहा कि यदि गाने की शूटिंग के लिए कॉलेज को कोई राशि प्राप्त हुई है, तो यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि भुगतान किस प्रक्रिया के तहत लिया गया।

शिकायतकर्ता ने कॉलेज प्रबंधन से यह जानकारी सामने लाने का आग्रह किया है कि शूटिंग के लिए किसी प्रकार का शुल्क निर्धारित किया गया था या नहीं। यदि राशि ली गई है, तो उसके इस्तेमाल और संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जानी चाहिए। उनका कहना है कि इस तरह के मामलों में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है, ताकि अनुमति देने की प्रक्रिया और उससे जुड़े वित्तीय पहलुओं को लेकर किसी तरह का संदेह न रहे।

उन्होंने मैनेजमेंट कमेटी से यह भी मांग की है कि मामले की आंतरिक जांच कराई जाए और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो उसके संबंध में उचित कार्रवाई की जाए।

हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि शूटिंग के लिए कॉलेज को वास्तव में कोई भुगतान किया गया था या नहीं। उपलब्ध जानकारी में किसी राशि, भुगतानकर्ता या आर्थिक रिकॉर्ड का विवरण नहीं दिया गया है। यह पहलू जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

पुलिस ने इन धाराओं के तहत दर्ज किया केस

विवाद के बाद थाना डिवीजन नंबर-1, जालंधर में गायक हरिंदर पाल सिंह निज्जर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 223, धारा 190 और आर्म्स एक्ट की धाराएं 25-30 लगाई गई हैं।

पुलिस की ओर से दर्ज की गई धाराओं के आधार पर मामले में कानूनी जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। हालांकि, उपलब्ध विवरण में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि प्रत्येक धारा के तहत किस विशेष आरोप को आधार बनाया गया है। न ही पुलिस की ओर से अभी तक जांच के दौरान सामने आए सभी तथ्यों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई है।

आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत कार्रवाई किए जाने से यह मामला हथियारों के कथित प्रदर्शन से जुड़े कानूनी पहलू तक पहुंच गया है। ऐसे में जांच के दौरान शूटिंग में इस्तेमाल की गई वस्तुओं, उनके प्रकार, अनुमति और अन्य संबंधित तथ्यों की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी।

यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि केस दर्ज होना आरोपों की जांच शुरू होने का संकेत है। इससे किसी व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोप स्वतः साबित नहीं हो जाते। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।

गायक निज्जर और कॉलेज प्रबंधन का पक्ष सामने आना बाकी

इस विवाद में शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए सवालों के अलावा गायक हरिंदर पाल सिंह निज्जर का विस्तृत पक्ष अभी सामने नहीं आया है। यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने शूटिंग के वीडियो में दिखाए गए कथित हथियारों को लेकर क्या सफाई दी है या पुलिस की कार्रवाई पर उनकी क्या प्रतिक्रिया है।

इसी तरह, डीएवी कॉलेज जालंधर की मैनेजमेंट कमेटी की ओर से भी शूटिंग की अनुमति, सुरक्षा व्यवस्था और भुगतान से जुड़े सवालों पर विस्तृत जवाब उपलब्ध नहीं है। कॉलेज परिसर में शूटिंग के लिए किन नियमों का पालन किया गया था, इसकी जानकारी भी अभी सामने नहीं आई है।

मामले की निष्पक्ष तस्वीर के लिए शिकायतकर्ता के आरोपों के साथ-साथ गायक, शूटिंग टीम और कॉलेज प्रशासन का पक्ष भी सामने आना जरूरी है। पुलिस जांच और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया के बाद ही पूरे घटनाक्रम के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।

युवाओं के लिए सकारात्मक गीतों को बढ़ावा देने की अपील

प्रो. एमपी सिंह ने इस मामले को उठाने के साथ ही पंजाबी गायकों से युवाओं को सकारात्मक संदेश देने वाले गीतों को बढ़ावा देने की अपील की है। उनका कहना है कि संगीत और मनोरंजन का युवाओं पर प्रभाव पड़ता है। इसलिए कलाकारों को ऐसे विषयों और प्रस्तुतियों पर भी ध्यान देना चाहिए, जिनसे समाज में सकारात्मक संदेश जाए।

उन्होंने गन कल्चर से जुड़े कंटेंट को लेकर अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि युवाओं के बीच हथियारों का प्रदर्शन सामान्य या आकर्षक गतिविधि के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, गीतों और वीडियो के माध्यम से युवाओं को रचनात्मकता, शिक्षा, मेहनत और सकारात्मक सोच से जुड़े संदेश दिए जा सकते हैं।

शिकायतकर्ता ने कॉलेज प्रबंधन से भी आग्रह किया है कि परिसर में होने वाली शूटिंग और अन्य गतिविधियों के दौरान संस्थान की शैक्षणिक गरिमा और विद्यार्थियों की सुरक्षा का ध्यान रखा जाए। साथ ही, किसी भी बाहरी गतिविधि को अनुमति देने से पहले उसके उद्देश्य, कंटेंट और सुरक्षा व्यवस्था की उचित जांच की जानी चाहिए।

जांच के बाद स्पष्ट होगी आगे की दिशा

डीएवी कॉलेज में पंजाबी गाने की शूटिंग से शुरू हुआ यह विवाद अब पुलिस केस तक पहुंच चुका है। एक तरफ शिकायतकर्ता ने कथित हथियार प्रदर्शन, कॉलेज परिसर में शूटिंग की अनुमति और भुगतान प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, वहीं पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की है।

अब मामले में आगे की जांच के दौरान यह स्पष्ट होना बाकी है कि शूटिंग में किस प्रकार की वस्तुओं का इस्तेमाल हुआ था, क्या उनके लिए आवश्यक अनुमति थी और कॉलेज परिसर में शूटिंग की मंजूरी किन शर्तों पर दी गई थी। इसके अलावा, कॉलेज प्रबंधन और गायक की ओर से आने वाला पक्ष भी इस मामले को समझने में महत्वपूर्ण होगा।

फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार केस दर्ज किया जा चुका है और शिकायतकर्ता ने पूरे घटनाक्रम की जांच की मांग की है। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और संबंधित दस्तावेजों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।