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जालंधर में आज अमित शाह की महारैली, नशामुक्त पंजाब अभियान का होगा समापन; सुरक्षा से लेकर पार्किंग तक पुख्ता इंतजाम

जालंधर के परागपुर में आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की बड़ी जनसभा आयोजित होगी। जीटी रोड पर लिली रिजॉर्ट के नजदीक करीब 63 एकड़ में बनाए गए विशाल रैली परिसर में होने वाली इस सभा को लेकर प्रशासन और भारतीय जनता पार्टी की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम में पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना जताई गई है। रैली के दौरान चार दिशाओं से निकाली गई ‘नशा मुक्त पंजाब यात्राओं’ का समापन भी किया जाएगा। आयोजन को देखते हुए रैली स्थल से लेकर आसपास के मार्गों तक सुरक्षा, यातायात, पार्किंग और लोगों की सुविधा के लिए अलग-अलग स्तर पर व्यवस्थाएं की गई हैं।

रैली परिसर में करीब 28 एकड़ जमीन पर विशाल पंडाल तैयार किया गया है। इसमें 25 हजार से ज्यादा लोगों के बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था की गई है। मौसम को ध्यान में रखते हुए पंडाल को वातानुकूलित बनाया गया है, ताकि सभा में आने वाले लोगों को लंबे समय तक बैठने में परेशानी न हो। मंच पर होने वाले संबोधन को दूर बैठे लोगों तक पहुंचाने के लिए पंडाल के अंदर और आसपास एलईडी स्क्रीन भी लगाई गई हैं। आयोजन स्थल के अलग-अलग हिस्सों में प्रशासनिक और सुरक्षा टीमों के लिए भी व्यवस्थाएं की गई हैं।

देवी तालाब मंदिर में दर्शन के बाद रैली स्थल पहुंचेंगे शाह

कार्यक्रम के अनुसार अमित शाह बुधवार को दोपहर करीब सवा एक बजे जालंधर पहुंचेंगे। रैली में शामिल होने से पहले उनके देवी तालाब मंदिर जाने का कार्यक्रम बताया गया है, जहां वह दर्शन करेंगे। मंदिर के सामने स्थित कॉलेज परिसर में उनके हेलीकॉप्टर के लिए हेलिपैड तैयार किया गया है। मंदिर कार्यक्रम के बाद अमित शाह रैली स्थल की ओर रवाना होंगे और वहां सभा को संबोधित करेंगे।

रैली स्थल के पास भी केंद्रीय गृह मंत्री के हेलीकॉप्टर के उतरने के लिए विशेष हेलिपैड बनाया गया है। वीवीआईपी कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए हेलिपैड से सभा स्थल तक आने-जाने वाले मार्ग को सुरक्षा घेरे में रखा गया है। उनके रैली संबोधन के बाद सड़क मार्ग से दिल्ली लौटने के बजाय हेलीकॉप्टर से सीधे दिल्ली जाने की योजना है। इसके लिए रैली स्थल पर ही आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।

पंजाब के 117 विधानसभा क्षेत्रों से लोगों के पहुंचने का दावा

भाजपा की ओर से रैली में पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों से कार्यकर्ताओं और समर्थकों के पहुंचने की बात कही गई है। पार्टी स्तर पर पिछले कई दिनों से लोगों को कार्यक्रम तक पहुंचाने की तैयारियां चल रही थीं। अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले वाहनों के लिए रूट और पार्किंग की व्यवस्था भी उसी हिसाब से तैयार की गई है। आयोजकों का अनुमान है कि रैली में हजारों वाहन पहुंच सकते हैं, जिसके कारण शहर के सामान्य यातायात पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की संभावना को देखते हुए विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है।

दोआबा, माझा और मालवा क्षेत्रों से आने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग व्यवस्था की गई है। कुल चार प्रमुख पार्किंग साइट तैयार की गई हैं। इनमें एक स्थान वीआईपी वाहनों के लिए निर्धारित किया गया है, जबकि बाकी पार्किंग क्षेत्रों का इस्तेमाल अलग-अलग दिशाओं से आने वाले लोगों के लिए किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार तीन हजार से ज्यादा बसें और करीब दो हजार छोटे वाहन रैली स्थल तक पहुंच सकते हैं। इसी को देखते हुए वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए संबंधित विभागों की टीमें तैनात की गई हैं।

कई दिनों से चल रहा था रैली स्थल तैयार करने का काम

परागपुर में प्रस्तावित महारैली को लेकर पिछले कई दिनों से निर्माण और व्यवस्थाओं का काम चल रहा था। रैली के लिए चुने गए बड़े क्षेत्र में मंच, पंडाल, पार्किंग, प्रवेश और निकास मार्ग तथा अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया है। आयोजन स्थल पर लोगों की बड़ी संख्या को देखते हुए बैठने की व्यवस्था के साथ-साथ सार्वजनिक संबोधन को सुनने के लिए तकनीकी इंतजाम भी किए गए हैं।

रैली परिसर के बाहर भीड़ और वाहनों के प्रबंधन को लेकर प्रशासन ने अलग-अलग टीमें लगाई हैं। विभिन्न दिशाओं से आने वाले लोगों को उनके निर्धारित पार्किंग क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए रूट व्यवस्था बनाई गई है। इसका उद्देश्य रैली में आने वाले वाहनों को सीधे शहर के व्यस्त हिस्सों में प्रवेश करने से रोकना और यातायात को अलग-अलग मार्गों पर व्यवस्थित रखना है।

सुरक्षा के लिए पंजाब पुलिस के साथ केंद्रीय टीमें भी सक्रिय

अमित शाह के दौरे को देखते हुए जालंधर में सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों में बांटा गया है। पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी लगातार रैली स्थल का निरीक्षण कर रहे हैं। पंजाब पुलिस के अलावा पीएपी से भी अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है। रैली स्थल और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को अलग-अलग जोन में बांटकर निगरानी की जा रही है।

केंद्रीय गृह मंत्री की सुरक्षा से जुड़े प्रबंधों की समीक्षा के लिए दिल्ली से उच्चस्तरीय सुरक्षा टीमें भी जालंधर पहुंची हैं। इन टीमों ने स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया है। खुफिया एजेंसियों के अधिकारी भी इलाके में सक्रिय हैं और स्थानीय सुरक्षा अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहे हैं।

रैली में आने वाले लोगों के प्रवेश और निकास के लिए अलग व्यवस्था रखी गई है। वाहनों की जांच, पार्किंग, वीआईपी आवाजाही और आपात स्थिति में इस्तेमाल होने वाले रास्तों पर विशेष ध्यान दिया गया है। आयोजन स्थल के आसपास संवेदनशील स्थानों और प्रमुख रास्तों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है।

डीजीपी समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा

रैली से पहले पंजाब पुलिस के डीजीपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने आयोजन स्थल का दौरा किया। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था के अलावा यातायात संचालन, पार्किंग, अग्निशमन, चिकित्सा सुविधाओं और आपातकालीन मार्गों की स्थिति की समीक्षा की। प्रशासन की ओर से भी संबंधित विभागों के साथ बैठकें कर अंतिम समय की व्यवस्थाओं को जांचा गया।

रैली के दौरान किसी तरह की आपात स्थिति पैदा होने पर संबंधित एजेंसियां तत्काल कार्रवाई कर सकें, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं रखने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस और प्रशासन की टीमें रैली स्थल के आसपास लगातार सक्रिय रहेंगी। वीआईपी मूवमेंट के दौरान आम यातायात को नियंत्रित करने के लिए भी अलग से पुलिस बल लगाया गया है।

भाजपा नेताओं ने भी मौके पर पहुंचकर तैयारियों को देखा

रैली की तैयारियों का जायजा लेने के लिए पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों और पंजाब भाजपा प्रभारी एवं राष्ट्रीय महामंत्री सतीश पूनिया भी आयोजन स्थल पर पहुंचे। इस दौरान सिविल प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। भाजपा नेताओं ने अधिकारियों के साथ रैली से संबंधित सुरक्षा, पार्किंग, यातायात और लोगों की सुविधाओं पर चर्चा की।

केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि 30 सितंबर को आयोजित होने वाली महारैली को नशे के खिलाफ जागरूकता से जुड़े अभियान के तौर पर आयोजित किया जा रहा है। उनके अनुसार पार्टी कार्यकर्ता पिछले कई दिनों से कार्यक्रम की तैयारियों में जुटे हुए हैं। रैली के जरिए पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान को आगे बढ़ाने का संदेश देने की योजना है।

रैली में यात्राओं का होगा समापन

अमित शाह की सभा को ‘नशा मुक्त महारैली’ के रूप में आयोजित किया जा रहा है। इससे पहले पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से चार दिशाओं में ‘नशा मुक्त पंजाब यात्राएं’ निकाली गई थीं। इन यात्राओं का समापन भी इसी कार्यक्रम के दौरान किया जाएगा। पार्टी की ओर से इन यात्राओं को रैली से जोड़कर लोगों के बीच नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने की मुहिम के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

रैली स्थल पर पहुंचने वाले लोगों के लिए अलग-अलग प्रवेश मार्ग और पार्किंग क्षेत्र तय किए गए हैं। बड़ी संख्या में बसों के पहुंचने की संभावना के कारण पार्किंग स्थलों से रैली परिसर तक लोगों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए भी व्यवस्था की गई है। प्रशासन की कोशिश है कि कार्यक्रम के दौरान जालंधर शहर के नियमित यातायात पर कम से कम असर पड़े।

परागपुर में बढ़ाई गई निगरानी, चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा

अमित शाह के आगमन से पहले परागपुर और उसके आसपास के इलाके में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है। रैली स्थल के आसपास आने-जाने वाले रास्तों पर निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां आयोजन स्थल के विभिन्न हिस्सों की लगातार जांच कर रही हैं। पंडाल, हेलिपैड, पार्किंग क्षेत्र और वीआईपी मार्गों को अलग-अलग सुरक्षा घेरे में रखा गया है।

अमित शाह के हेलीकॉप्टर से पहुंचने और वापस दिल्ली जाने के कार्यक्रम को देखते हुए हवाई तथा जमीनी सुरक्षा के बीच समन्वय बनाया गया है। हेलिपैड से पंडाल तक आने-जाने वाले मार्ग पर भी सुरक्षा बल तैनात रहेंगे। वीआईपी काफिले की आवाजाही के समय संबंधित मार्गों पर यातायात नियंत्रण किया जाएगा।

इस तरह जालंधर के परागपुर में होने वाली आज की महारैली के लिए मंच से लेकर पंडाल, पार्किंग, यातायात और सुरक्षा तक की तैयारियां अंतिम चरण में पूरी कर ली गई हैं। अब सभी की नजर अमित शाह के संबोधन और कार्यक्रम के दौरान होने वाली गतिविधियों पर रहेगी। पंजाब के विभिन्न हिस्सों से लोगों के पहुंचने के कारण प्रशासन के सामने कार्यक्रम को सुचारु रखने के साथ-साथ शहर की सामान्य यातायात व्यवस्था बनाए रखने की भी चुनौती रहेगी।