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ट्रंप की यात्रा के बाद चीन पहुंचेंगे पुतिन, रूस-चीन की बढ़ती नजदीकियों से अमेरिका चिंतित

रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin जल्द ही चीन के दौरे पर जाने वाले हैं। इस बात की पुष्टि क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने की है। खास बात यह है कि पुतिन की यह यात्रा ऐसे समय में होने जा रही है जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump चीन के दौरे पर हैं। माना जा रहा है कि दुनिया की बड़ी शक्तियों के बीच चीन को लेकर कूटनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज हो चुकी है।

पिछले कुछ वर्षों में रूस और चीन के रिश्ते लगातार मजबूत हुए हैं। रूसी राष्ट्रपति पुतिन और चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping कई बार आमने-सामने मुलाकात कर चुके हैं। दोनों नेताओं ने साल 2022 में एक ऐसी रणनीतिक साझेदारी का ऐलान किया था, जिसे “सीमाहीन सहयोग” कहा गया था। यह समझौता रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने से ठीक पहले सामने आया था।

यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी देशों ने रूस पर कई आर्थिक प्रतिबंध लगाए, लेकिन चीन लगातार रूस के साथ खड़ा दिखाई दिया। चीन ने कभी भी रूस के सैन्य अभियान की खुलकर आलोचना नहीं की। यही वजह है कि मौजूदा समय में चीन, रूस का सबसे अहम आर्थिक और व्यापारिक सहयोगी बन चुका है।

पुतिन की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य चीन के साथ रक्षा, ऊर्जा, टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करना माना जा रहा है। इसके अलावा रूस चाहता है कि वैश्विक दबाव और पश्चिमी देशों की पाबंदियों के बीच चीन उसका मजबूत साथी बना रहे।

विशेषज्ञों का मानना है कि रूस और चीन दोनों ही अमेरिका के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने के लिए एक-दूसरे के करीब आ रहे हैं। दोनों देश मिलकर ऐसी वैश्विक व्यवस्था की बात कर रहे हैं, जहां केवल पश्चिमी देशों का दबदबा न हो।