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The Scoopp

 

ट्रम्प का बड़ा दावा: “8–9 साल और रहूंगा राष्ट्रपति”, भीड़ हंस पड़ी तो बोले- मैं गंभीर हूं

अमेरिका में राष्ट्रपति पद की सीमाओं और संविधानिक अड़चनों के बीच डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर लंबे समय तक सत्ता में बने रहने की इच्छा जताई है। व्हाइट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि वे अगले कई वर्षों तक पद पर रह सकते हैं और करीब 8 से 9 साल बाद ही पद छोड़ने की बात सोचते हैं।

उनके इस बयान पर मौजूद लोगों ने हल्की हंसी में प्रतिक्रिया दी, लेकिन ट्रम्प ने तुरंत स्पष्ट किया कि वह मजाक नहीं कर रहे हैं और उन्हें काम करना जारी रखना पसंद है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका कार्यकाल अभी शुरुआती दौर में है और बहुत बड़े फैसले बाकी हैं।

इसी दौरान ट्रम्प ने अपनी उम्र पर भी हल्का-फुल्का अंदाज अपनाया। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही 80 साल के होने वाले हैं, लेकिन खुद को “बुजुर्ग नहीं बल्कि पहले से ज्यादा ऊर्जावान” महसूस करते हैं। उनके मुताबिक उन्हें आज भी वैसी ही ऊर्जा लगती है जैसी 50 साल पहले थी।


तीसरे कार्यकाल की चर्चा और संविधानिक बाधाएं

ट्रम्प के तीसरे कार्यकाल को लेकर पहले भी राजनीतिक हलकों में चर्चा होती रही है। हालांकि अमेरिकी संविधान का 22वां संशोधन (1951) किसी भी व्यक्ति को सिर्फ दो बार राष्ट्रपति बनने की अनुमति देता है। इस नियम को बदलने के लिए प्रक्रिया बेहद कठिन है। इसके लिए अमेरिकी संसद के दोनों सदनों सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में दो-तिहाई बहुमत जरूरी होता है। इसके बाद कम से कम 38 राज्यों की मंजूरी भी अनिवार्य है। वर्तमान राजनीतिक स्थिति में यह बहुमत हासिल करना लगभग असंभव माना जा रहा है, क्योंकि कई राज्यों और सदनों में विपक्षी डेमोक्रेट्स का प्रभाव है।


2025 में पेश हुआ था बदलाव का प्रस्ताव

23 जनवरी 2025 को रिपब्लिकन सांसद एंडी ओगल्स ने एक प्रस्ताव पेश किया था, जिसका उद्देश्य संविधान में संशोधन कर ट्रम्प को तीसरी बार चुनाव लड़ने की अनुमति देना था। प्रस्ताव में यह तर्क दिया गया था कि जो व्यक्ति लगातार दो बार राष्ट्रपति न रहा हो, उसे फिर से चुनाव लड़ने का अवसर मिलना चाहिए। चूंकि ट्रम्प 2020 में चुनाव हार गए थे, इसलिए तकनीकी रूप से वे इसके दायरे में आ सकते थे।

हालांकि यह बिल आगे बढ़ ही नहीं पाया और संसद में मतदान तक नहीं पहुंच सका।


इतिहास में एक अपवाद और संभावित रणनीतियां

अमेरिका में लंबे समय तक अनौपचारिक परंपरा रही कि कोई राष्ट्रपति दो कार्यकाल से अधिक नहीं रहेगा। यह स्थिति तब बदली जब फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट चार बार राष्ट्रपति चुने गए थे, जिसके बाद नियम को औपचारिक रूप दिया गया।

विशेषज्ञों के मुताबिक अगर ट्रम्प तीसरा कार्यकाल हासिल नहीं कर पाते, तो वे वैकल्पिक राजनीतिक रास्तों की ओर जा सकते हैं जैसे उपराष्ट्रपति बनकर वास्तविक सत्ता पर प्रभाव बनाए रखना या किसी करीबी सहयोगी को राष्ट्रपति बनाकर प्रशासनिक नियंत्रण बनाए रखना।

कुछ विश्लेषक इसकी तुलना रूस की उस राजनीतिक व्यवस्था से करते हैं, जहां व्लादिमीर पुतिन ने राष्ट्रपति पद छोड़कर अपने करीबी सहयोगी को पद सौंपा था और बाद में सत्ता पर प्रभाव बनाए रखा।