अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अपने 80वें जन्मदिन को बेहद अलग अंदाज में मनाने की तैयारी कर रहे हैं। 14 जून को व्हाइट हाउस परिसर में UFC यानी अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप के मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। यह आयोजन अमेरिका की स्थापना के 250वें वर्ष के जश्न से भी जोड़ा जा रहा है।
UFC अध्यक्ष डाना व्हाइट के मुताबिक, इस आइडिया की शुरुआत खुद ट्रम्प ने की थी। व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में खास फाइटिंग सेटअप तैयार किया जा रहा है, जहां हजारों दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होगी। इसके अलावा पास स्थित एलिप्स मैदान में बड़ी स्क्रीन लगाकर लाख तक लोगों को मुकाबले मुफ्त में दिखाने की योजना है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, मेन इवेंट में अमेरिकी स्टार जस्टिन गेथजी और जॉर्जिया के फाइटर इलिया टोपूरिया आमने-सामने आ सकते हैं। मुकाबले से पहले खिलाड़ियों का वेट-इन लिंकन मेमोरियल में कराने की तैयारी भी चल रही है।
डाना व्हाइट ने बताया कि उनके पास सीमित टिकट होंगे, जबकि ट्रम्प करीब 1000 टिकट बांटेंगे। कई टिकट अमेरिकी सैनिकों और विशेष मेहमानों को दिए जाएंगे। ट्रम्प ने हाल ही में कहा था कि इस इवेंट को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह है और UFC इतिहास का यह सबसे अलग शो साबित हो सकता है।
ट्रम्प और UFC के बीच रिश्ता नया नहीं है। राजनीति में आने से पहले ट्रम्प ने अपने होटल और कैसीनो में UFC इवेंट्स को जगह दी थी, जब इस खेल को ज्यादा समर्थन नहीं मिल रहा था। बदले में डाना व्हाइट भी कई बार ट्रम्प के समर्थन में खुलकर सामने आए हैं।
UFC की शुरुआत 1993 में अमेरिका में हुई थी। इसका मकसद अलग-अलग मार्शल आर्ट्स के फाइटर्स को एक ही मंच पर मुकाबला कराने का था। समय के साथ यह दुनिया की सबसे बड़ी MMA संस्था बन गई। आज इसमें बॉक्सिंग, कुश्ती, जिउ-जित्सु, कराटे और किकबॉक्सिंग जैसी तकनीकों का मिश्रण देखने को मिलता है।
2001 में डाना व्हाइट और फर्टिटा भाइयों ने UFC को खरीदा था। उस वक्त कंपनी आर्थिक संकट से गुजर रही थी, लेकिन बाद में यह अरबों डॉलर की संस्था बन गई। दिलचस्प बात यह है कि डाना व्हाइट के नेतृत्व में पहला बड़ा UFC इवेंट ट्रम्प की ही प्रॉपर्टी में आयोजित हुआ था।
UFC और WWE के बीच भी बड़ा अंतर है। UFC में मुकाबले असली होते हैं और जीत-हार पहले से तय नहीं रहती, जबकि WWE मुख्य रूप से मनोरंजन और स्क्रिप्टेड शो पर आधारित होता है।