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The Scoopp

 

ट्रम्प प्रशासन ने लॉन्च किए डिपोर्टेशन वाले वीडियो गेम: खिलाड़ी प्रवासियों का पीछा कर पकड़ेंगे

अमेरिका में अवैध प्रवासियों के खिलाफ ट्रम्प प्रशासन की सख्त नीति अब वीडियो गेम के जरिए भी लोगों तक पहुंचाई जा रही है। व्हाइट हाउस ने ऐसी ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइट शुरू की है, जिसमें खिलाड़ियों को अमेरिका की सीमा सुरक्षित करने और बिना दस्तावेज वाले प्रवासियों को देश से बाहर भेजने जैसी गतिविधियों को गेम के रूप में खेलने का मौका दिया गया है। इन खेलों को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की इमिग्रेशन नीति और उनके ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ यानी MAGA अभियान से जोड़ा गया है।

व्हाइट हाउस की ओर से लॉन्च किए गए इन गेम्स में खिलाड़ियों को अलग-अलग मिशन दिए जाते हैं। कहीं उन्हें सीमा पार करने वाले लोगों को पकड़ना है तो कहीं अमेरिका और मैक्सिको के बीच दीवार खड़ी करनी है। इन गेम्स के जरिए प्रशासन अपनी इमिग्रेशन नीति को मनोरंजन के अंदाज में लोगों के सामने रखने की कोशिश कर रहा है।

हालांकि, इन खेलों के सामने आने के बाद अमेरिका में विवाद भी शुरू हो गया है। मानवाधिकार संगठनों और प्रवासी अधिकारों के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं ने इसे गंभीर मुद्दे को मनोरंजन और मजाक में बदलने वाला कदम बताया है। उनका कहना है कि जिन लोगों की जिंदगी इमिग्रेशन नीतियों से प्रभावित हो रही है, उन्हें वीडियो गेम के किरदार की तरह पेश करना संवेदनहीन रवैया है।

‘रियो रन’ में बॉर्डर चीफ का डिजिटल किरदार

व्हाइट हाउस की गेमिंग वेबसाइट पर उपलब्ध खेलों में ‘रियो रन’ नाम का गेम खास तौर पर चर्चा में है। इसका डिजाइन पुराने लोकप्रिय ‘स्नेक’ गेम की तर्ज पर तैयार किया गया है। इसमें खिलाड़ी एक डिजिटल किरदार को नियंत्रित करते हैं, जो रियो ग्रांडे नदी के आसपास प्रवासियों का पीछा करता है।

इस गेम में अमेरिका के बॉर्डर प्रमुख टॉम होमन के नाम और किरदार का इस्तेमाल किया गया है। खिलाड़ी को गेम के दौरान सीमा क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए प्रवासियों को पकड़ने का लक्ष्य दिया जाता है। गेम की पूरी थीम ट्रम्प प्रशासन की उस नीति पर आधारित है, जिसमें अमेरिका-मेक्सिको सीमा से अवैध तरीके से प्रवेश करने वालों को रोकने और उन्हें वापस भेजने पर जोर दिया जा रहा है।

गेम का तरीका भले ही मनोरंजन पर आधारित हो, लेकिन इसके पीछे प्रशासन की राजनीतिक और नीतिगत प्राथमिकताएं साफ दिखाई देती हैं। सरकार लंबे समय से अवैध इमिग्रेशन को राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमा नियंत्रण और कानून-व्यवस्था से जोड़कर पेश करती रही है।

‘बिल्ड द वॉल’ में खिलाड़ी बनाएंगे सीमा की दीवार

दूसरा गेम ‘बिल्ड द वॉल’ नाम से पेश किया गया है। इसमें खिलाड़ी को अमेरिका और मैक्सिको के बीच सीमा पर दीवार तैयार करने का काम दिया जाता है। गेम में अलग-अलग ब्लॉक्स को जोड़कर एक मजबूत सीमा संरचना तैयार करनी होती है।

इस खेल का संदेश भी सीधे तौर पर ट्रम्प की बहुचर्चित बॉर्डर वॉल नीति से जुड़ा हुआ है। गेम में खिलाड़ियों से आने वाली भीड़ से सीमा की रक्षा करने के लिए दीवार बनाने को कहा जाता है। यानी जिस सीमा दीवार को ट्रम्प ने अपने राजनीतिक अभियानों में अवैध इमिग्रेशन रोकने के प्रमुख उपायों में शामिल किया था, उसी विचार को अब डिजिटल गेम में बदल दिया गया है।

ट्रम्प के पहले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान भी अमेरिका-मैक्सिको सीमा पर दीवार निर्माण उनका एक प्रमुख चुनावी मुद्दा रहा था। 2024 के चुनाव अभियान में भी उन्होंने सीमा सुरक्षा और अवैध प्रवासियों की वापसी को अपनी प्राथमिकताओं में रखा था।

व्हाइट हाउस ने गेम्स को बताया नीतियों से जोड़ने का तरीका

इन खेलों को लेकर आलोचना शुरू होने के बाद व्हाइट हाउस ने इनके उद्देश्य का बचाव किया। प्रशासन का कहना है कि गेम्स का इस्तेमाल राष्ट्रपति की नीतियों और उनके प्रशासन की उपलब्धियों को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।

सरकार के अनुसार, जटिल नीतिगत मुद्दों को ऐसे माध्यम से पेश किया जा सकता है, जिसे लोग आसानी से समझ सकें और जिसके साथ वे सीधे जुड़ सकें। डिजिटल मनोरंजन की लोकप्रियता को देखते हुए प्रशासन ने गेमिंग को अपने संदेश के प्रचार के एक नए माध्यम के तौर पर इस्तेमाल किया है।

व्हाइट हाउस के सोशल मीडिया अकाउंट से भी इन गेम्स का प्रचार किया गया। एक पोस्ट में MAGA अभियान से मिलता-जुलता विजुअल इस्तेमाल किया गया था। इसमें जीत, दीवार बनाने और डिपोर्टेशन जैसे संदेशों को एक साथ जोड़ा गया।

पोस्ट में लोगों को ट्रम्प प्रशासन के राजनीतिक संदेशों के अनुरूप गतिविधियां करने के लिए प्रेरित किया गया। इस प्रचार शैली ने भी सोशल मीडिया पर काफी ध्यान खींचा।

मानवाधिकार संगठनों ने जताई नाराजगी

गेम्स की लॉन्चिंग के साथ ही प्रवासी अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठनों ने प्रशासन की आलोचना शुरू कर दी। उनका मुख्य तर्क यह है कि अमेरिका में इमिग्रेशन का मुद्दा लाखों लोगों की वास्तविक जिंदगी से जुड़ा हुआ है। ऐसे में इसे पीछा करने, पकड़ने और डिपोर्ट करने वाले खेल में बदलना संवेदनशीलता की कमी को दर्शाता है।

टेक्सास के ईगल पास इलाके में काम करने वाली फ्रोंटेरा फेडरेशन की सह-निदेशक अमेरिका गार्सिया ग्रेवाल ने प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार लंबे समय से लोगों की जिंदगी को एक खेल की तरह ले रही थी, लेकिन अब उसने इसे सच में वीडियो गेम का रूप दे दिया है।

उनके बयान का आशय यह था कि सीमा पर रहने और इमिग्रेशन कार्रवाई का सामना करने वाले लोगों के लिए यह कोई काल्पनिक स्थिति नहीं है। उनके लिए गिरफ्तारी, हिरासत और देश से बाहर भेजे जाने का खतरा वास्तविक है।

सैन डिएगो कम्युनिटी में बॉर्डर से जुड़े मुद्दों पर काम करने वाली संस्था AMIGOS की प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर एड्रियाना जासो ने भी इस पहल पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि ऐसे गेम प्रशासन के रवैये में गंभीरता की कमी को दिखाते हैं।

उनके मुताबिक, प्रवासियों को मानवीय परिस्थितियों से अलग करके एक मनोरंजन का हिस्सा बना देना समस्या की वास्तविकता को छिपाता है। उन्होंने यह भी कहा कि हिरासत केंद्रों में लोगों की मौत जैसे गंभीर मामले सामने आते रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ उन्हीं लोगों की स्थिति को गेम के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।

ट्रम्प के सत्ता में लौटते ही इमिग्रेशन नीति हुई सख्त

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान ही अवैध प्रवासियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई का वादा किया था। उन्होंने अमेरिका के इतिहास के सबसे बड़े मास डिपोर्टेशन अभियान को लागू करने की बात कही थी।

जनवरी 2025 में दोबारा राष्ट्रपति पद संभालने के बाद उनकी सरकार ने इस दिशा में तेजी से कदम उठाए। बिना वैध दस्तावेज अमेरिका में रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान, गिरफ्तारी और उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया को तेज किया गया।

इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट यानी ICE को भी कार्रवाई के लिए ज्यादा अधिकार और संसाधन दिए गए। इसके साथ ही अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई।

सरकार का कहना है कि उसका उद्देश्य देश की सीमाओं को सुरक्षित रखना और उन लोगों को बाहर भेजना है, जिन्हें अमेरिकी कानून के तहत देश में रहने का अधिकार नहीं है।

करीब 9.61 लाख लोगों को डिपोर्ट करने का दावा

ट्रम्प प्रशासन की इमिग्रेशन नीति का एक बड़ा हिस्सा बड़े पैमाने पर डिपोर्टेशन अभियान है। अमेरिकी सरकार के आंकड़ों के अनुसार, अब तक करीब 9.61 लाख अवैध प्रवासियों को अमेरिका से बाहर भेजा जा चुका है।

प्रशासन के मुताबिक, 20 जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 के बीच ही 6.05 लाख से अधिक अवैध प्रवासियों को डिपोर्ट किया गया था। सरकार इन आंकड़ों को अपनी सीमा और इमिग्रेशन नीति की सफलता के रूप में पेश करती है।

इन कार्रवाई के दायरे में ऐसे विदेशी नागरिक शामिल हैं, जिनके पास अमेरिका में रहने के लिए आवश्यक वैध कानूनी अनुमति नहीं थी। प्रशासन का कहना है कि अवैध रूप से देश में मौजूद लोगों को वापस भेजना अमेरिकी कानून लागू करने का हिस्सा है।

बॉर्डर सिक्योरिटी को ट्रम्प ने बनाया प्रमुख राजनीतिक मुद्दा

अमेरिका में इमिग्रेशन लंबे समय से राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा रहा है, लेकिन ट्रम्प ने इसे अपने चुनावी अभियान के सबसे महत्वपूर्ण विषयों में शामिल किया। उन्होंने अमेरिका की दक्षिणी सीमा पर अवैध प्रवेश को रोकने, सीमा सुरक्षा बढ़ाने और बड़े पैमाने पर डिपोर्टेशन का वादा किया।

ट्रम्प प्रशासन का तर्क है कि कमजोर सीमा व्यवस्था से अवैध प्रवेश बढ़ता है और इससे राष्ट्रीय सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था से जुड़े खतरे पैदा हो सकते हैं। इसी वजह से सरकार सीमा पर कड़े नियंत्रण, निगरानी और प्रवर्तन को जरूरी बताती है।

वहीं, मानवाधिकार और प्रवासी अधिकार संगठनों का कहना है कि सरकारी नीतियों को लागू करते समय मानवीय पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, प्रवासियों के साथ व्यवहार को मनोरंजन या राजनीतिक प्रचार के साधन में बदलना समाज में उनके प्रति नकारात्मक धारणा को और मजबूत कर सकता है।

गेमिंग के जरिए राजनीतिक संदेश की नई रणनीति

व्हाइट हाउस द्वारा इन गेम्स को लॉन्च करना केवल इमिग्रेशन नीति का डिजिटल प्रदर्शन नहीं है, बल्कि राजनीतिक संचार की बदलती शैली का भी उदाहरण माना जा सकता है। सोशल मीडिया, छोटे वीडियो और ऑनलाइन इंटरैक्टिव कंटेंट के बाद अब गेमिंग को भी राजनीतिक संदेश फैलाने के माध्यम के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।

‘रियो रन’ और ‘बिल्ड द वॉल’ जैसे गेम सीधे तौर पर ट्रम्प प्रशासन के दो प्रमुख मुद्दों—डिपोर्टेशन और सीमा सुरक्षा—से जुड़े हैं। इनके जरिए लोगों को नीतियों को पढ़ने के बजाय उन्हें एक इंटरैक्टिव गतिविधि के रूप में देखने का मौका मिलता है।

समर्थकों के लिए यह ट्रम्प की नीतियों को आसान और आधुनिक तरीके से पेश करने का तरीका हो सकता है, जबकि आलोचकों की नजर में यही पहल गंभीर मानवीय मुद्दे को हल्का और मनोरंजक बनाती है।

फिलहाल इन गेम्स ने अमेरिका में इमिग्रेशन को लेकर चल रही पुरानी राजनीतिक बहस को एक नए डिजिटल मोड़ पर ला दिया है। एक तरफ ट्रम्प प्रशासन इन्हें अपनी नीतियों को जनता तक पहुंचाने का आधुनिक माध्यम बता रहा है, वहीं मानवाधिकार संगठन इन्हें प्रवासियों की वास्तविक परेशानियों को नजरअंदाज करने वाला कदम मान रहे हैं। ऐसे में इन गेम्स को लेकर विवाद इस बात पर भी केंद्रित हो गया है कि राजनीतिक संदेशों को जनता तक पहुंचाने के लिए मनोरंजन का इस्तेमाल कहां तक उचित है।