The Scoopp

 

‘थलपति’ विजय का सियासी धमाका: फिल्मों से निकले स्टार ने तमिलनाडु की राजनीति में पलटा समीकरण

तमिल सिनेमा के सुपरस्टार Joseph Vijay Chandrasekhar ने अब राजनीति में भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा दी है। उनकी पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam राज्य की राजनीति में तेजी से उभरती नजर आ रही है। शुरुआती रुझानों में TVK को 234 सीटों वाली विधानसभा में 110 से अधिक सीटों पर बढ़त मिलती दिख रही है, जिसने पारंपरिक दलों की रणनीति को चुनौती दे दी है।

राजनीति में एंट्री और बड़ा दांव

विजय ने फरवरी 2024 में आधिकारिक तौर पर राजनीति में कदम रखते हुए TVK की घोषणा की थी। उन्होंने साफ किया था कि उनका लक्ष्य 2026 विधानसभा चुनाव होंगे, न कि लोकसभा। इसी रणनीति के तहत उन्होंने सिनेमा से दूरी बना ली और पूरी तरह राजनीति पर फोकस किया। अक्टूबर 2024 में विल्लुपुरम जिले के विक्रवंडी में हुई उनकी पहली रैली में भारी भीड़ उमड़ी, जिससे उनके जनाधार का अंदाजा मिल गया था।

फिल्मी सफर से ‘थलपति’ तक

22 जून 1974 को चेन्नई में जन्मे विजय के पिता S. A. Chandrasekhar फिल्म निर्देशक और मां Shoba Chandrasekhar गायिका हैं। उन्होंने बतौर बाल कलाकार 1984 में फिल्म ‘वेट्री’ से शुरुआत की और बाद में 1992 में ‘नालैया थीरपु’ से लीड एक्टर बने।
फैंस ने उनकी लोकप्रियता को देखते हुए उन्हें ‘थलपति’ यानी “कमांडर” का नाम दिया। शुरुआत में उन्हें “इलया थलपति” कहा जाता था, जिसका अर्थ “युवा नेता” है, लेकिन 2017 में फिल्म ‘मर्सल’ के साथ उनका नाम सिर्फ “थलपति” कर दिया गया, जो अब उनकी पहचान बन चुका है।

विरोधियों पर सीधा हमला

अपनी रैलियों में विजय ने सत्ताधारी Dravida Munnetra Kazhagam और All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य की राजनीति में परिवारवाद और विभाजनकारी राजनीति हावी रही है, जिसे बदलने की जरूरत है।

रैलियों में भीड़ और विवाद

करूर में आयोजित एक रैली के दौरान भगदड़ में 39 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना पर विजय ने गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों को 20-20 लाख रुपये और घायलों को 2-2 लाख रुपये की सहायता देने का ऐलान किया।

सिनेमा से सत्ता तक

फिल्मों में सुपरस्टार का दर्जा हासिल करने वाले विजय अब राजनीतिक मंच पर भी मजबूत खिलाड़ी बनकर उभरे हैं। शुरुआती आंकड़े इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि “थलपति” का करिश्मा सिर्फ पर्दे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जनता के बीच भी असरदार साबित हो रहा है।