Skip to main content

The Scoopp

 

पंजाब में मौसम लेगा करवट: 12 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

पंजाब में अक्टूबर की शुरुआत के साथ मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। राज्य में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले चार दिनों के दौरान कई इलाकों में बादल छाने, गरज-चमक के साथ बारिश होने और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने 6 अक्टूबर से पंजाब के लिए चार दिन का यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान राज्य के 12 जिलों में मौसम खराब रहने की आशंका है। विभाग के अनुसार कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। बारिश और तेज हवाओं के कारण दिन के तापमान में गिरावट आने की संभावना है, जिससे मौजूदा गर्मी से लोगों को कुछ राहत मिल सकती है और मौसम में ठंडक बढ़ सकती है।

मौसम विभाग की ओर से जिन जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी की गई है, उनमें पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर और मोहाली शामिल हैं। इन क्षेत्रों में मौसम के अचानक बदलने के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। कुछ इलाकों में बारिश होने की भी संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण बनने वाली मौसमी परिस्थितियां खासतौर पर उत्तरी और मध्य पंजाब के कई हिस्सों को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में लोगों को अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

पिछले दिनों पंजाब में दिन के समय मौसम अपेक्षाकृत गर्म बना हुआ था। सोमवार को भी राज्य में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहा। बारिश नहीं होने और धूप निकलने के कारण अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई। राज्य के औसत अधिकतम तापमान में करीब 0.1 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई और यह सामान्य से लगभग 1.8 डिग्री सेल्सियस ऊपर पहुंच गया। हालांकि, अब पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में बदलाव की संभावना है। विशेषज्ञों के मुताबिक बादल और बारिश की गतिविधि बढ़ने के साथ दिन के तापमान में अगले कुछ दिनों में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक कमी आ सकती है।

सोमवार को पंजाब में सबसे अधिक गर्मी बठिंडा में दर्ज की गई। यहां अधिकतम तापमान 37.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा अमृतसर में 35.2 डिग्री, लुधियाना में 35.0 डिग्री और पटियाला में 35.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। पठानकोट में अधिकतम तापमान 33.0 डिग्री, गुरदासपुर में 34.0 डिग्री और रूपनगर में 34.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इन आंकड़ों से साफ है कि बारिश से पहले राज्य के कई हिस्सों में दिन के समय गर्मी अभी भी सामान्य से अधिक बनी हुई है।

मौसम विभाग के अनुसार 6 और 7 अक्टूबर को पंजाब के कुछ हिस्सों में मौसम अधिक सक्रिय रह सकता है। इन दोनों दिनों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। तेज हवाओं के साथ गरज और बिजली चमकने की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं। कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना के कारण लोगों को खुले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की जरूरत होगी। विशेष रूप से तेज आंधी के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों के आसपास जाने से बचना बेहतर रहेगा।

इसके बाद 8 और 9 अक्टूबर को भी पंजाब में मौसम पूरी तरह शांत रहने की संभावना नहीं है। इन दोनों दिनों के लिए भी गरज-चमक के साथ तेज हवाओं का पूर्वानुमान जारी किया गया है। हालांकि इन दिनों हवा की गति 6 और 7 अक्टूबर की तुलना में कुछ कम रह सकती है। मौसम विभाग ने 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई है। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में बादल और बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। यानी आने वाले चार दिनों में पंजाब के मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

बारिश और बादलों का असर केवल दिन के तापमान पर ही नहीं पड़ेगा, बल्कि रात के मौसम में भी बदलाव दिखाई दे सकता है। फिलहाल पंजाब का औसत न्यूनतम तापमान सामान्य स्तर से करीब 3.5 डिग्री सेल्सियस अधिक चल रहा है। राज्य के न्यूनतम तापमान में भी लगभग 0.4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऐसे में रात के समय भी अभी अपेक्षित ठंड महसूस नहीं हो रही है। हालांकि, बारिश और बादल छाने के बाद मौसम में नमी तथा तापमान के स्तर में बदलाव आ सकता है।

राज्य में सोमवार को सबसे कम न्यूनतम तापमान बठिंडा में रिकॉर्ड किया गया, जहां रात का पारा 21.2 डिग्री सेल्सियस रहा। यह स्थिति बताती है कि अक्टूबर शुरू होने के बावजूद पंजाब में रात का तापमान अभी पूरी तरह नीचे नहीं आया है। मौसम में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बदलाव आने के बाद न्यूनतम तापमान में भी आगे उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। दिन के तापमान में गिरावट के साथ लोगों को मौसम अपेक्षाकृत सुहावना महसूस हो सकता है।

पंजाब के लिए जारी यलो अलर्ट का मतलब यह है कि मौसम में संभावित बदलाव को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है। तेज हवाओं और गरज-चमक के दौरान विशेष सतर्कता जरूरी होगी। खुले मैदानों, निर्माणाधीन स्थानों और बिजली के तारों के आसपास सावधानी बरतनी चाहिए। वाहन चालकों को भी अचानक बारिश या तेज हवाओं के दौरान गति नियंत्रित रखने की सलाह दी जाती है। ग्रामीण इलाकों में खेतों में काम करने वाले लोगों को भी आकाशीय बिजली और तेज हवा के दौरान खुले स्थानों पर रुकने से बचना चाहिए।

पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पंजाब के मौसम में होने वाला यह बदलाव अक्टूबर के शुरुआती दिनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य में इस समय कई जगहों पर अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। ऐसे में बारिश और तेज हवाएं तापमान को नीचे लाने में मदद कर सकती हैं। विभाग के अनुमान के अनुसार कुछ क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। तापमान में यह कमी होने से दिन में गर्मी का असर कम होगा और सुबह-शाम मौसम में ठंडक बढ़ने की संभावना है।

मौसम में बदलाव का असर पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में एक जैसा नहीं होगा। जिन 12 जिलों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया गया है, वहां तेज हवा, गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत ज्यादा देखने को मिल सकती हैं। पठानकोट और गुरदासपुर से लेकर अमृतसर, तरनतारन तथा जालंधर और कपूरथला तक कई इलाकों में मौसम का मिजाज बदल सकता है। इसी तरह होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब और फिरोजपुर में भी अगले कुछ दिनों के दौरान बादल और तेज हवाओं का प्रभाव देखने को मिल सकता है।

फिलहाल सोमवार को राज्य में मौसम शांत और शुष्क रहा था, लेकिन मौसम विभाग का ताजा पूर्वानुमान बताता है कि यह स्थिति लंबे समय तक कायम नहीं रहने वाली। पश्चिमी विक्षोभ के असर से अगले चार दिन पंजाब के लिए मौसम की दृष्टि से सक्रिय रहने वाले हैं। खासतौर पर 6 और 7 अक्टूबर को तेज हवाओं का असर अधिक रहने की संभावना है, जबकि 8 और 9 अक्टूबर को भी गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं का दौर जारी रह सकता है।

कुल मिलाकर पंजाब में आने वाले दिनों में गर्मी से राहत और मौसम में ठंडक बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, राहत के साथ तेज हवाओं और गरज-चमक का जोखिम भी रहेगा। फिलहाल राज्य के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से ऊपर है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से इसमें गिरावट आने का अनुमान है। मौसम विभाग ने जिन 12 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है, वहां रहने वाले लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है। अगले चार दिनों में मौसम के बदलते मिजाज के बीच बारिश, बादल, बिजली चमकने और तेज हवाओं की गतिविधियां पंजाब में अक्टूबर की गर्मी को कुछ हद तक कम कर सकती हैं।