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पद्मिनी एकादशी व्रत का पारण आज नहीं, जानिए 28 मई का शुभ समय और नियम

अधिकमास में आने वाली पद्मिनी एकादशी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह एकादशी हर साल नहीं बल्कि लगभग तीन वर्ष में एक बार आती है, इसलिए श्रद्धालु इसे बेहद शुभ मानते हैं। इस पावन दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना और व्रत का विधान किया जाता है। पद्मिनी एकादशी को कमला एकादशी और पुरुषोत्तम एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।

इस बार कई लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि एकादशी तिथि सुबह समाप्त हो चुकी है और द्वादशी शुरू हो गई है, ऐसे में व्रत का पारण 27 मई को किया जाए या 28 मई को। पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि बुधवार सुबह 6 बजकर 21 मिनट तक रही, जिसके बाद द्वादशी तिथि प्रारंभ हो गई।

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, एकादशी व्रत का पारण हमेशा द्वादशी तिथि में और सूर्योदय के बाद करना श्रेष्ठ माना जाता है। इसी कारण इस वर्ष पद्मिनी एकादशी का पारण गुरुवार 28 मई को किया जाएगा। पारण का शुभ समय सुबह 5:25 बजे से 7:56 बजे तक रहेगा। इस अवधि में व्रत खोलना शुभ फलदायी माना गया है।

पारण से पहले स्नान करके भगवान श्रीहरि की पूजा करनी चाहिए और तुलसी को जल अर्पित करना शुभ माना जाता है। व्रत खोलते समय पहले जल, फल या तुलसी मिश्रित पानी ग्रहण किया जाता है, उसके बाद सात्विक भोजन करना चाहिए। धार्मिक मान्यता है कि पारण वाले दिन भी तामसिक भोजन से दूरी बनाए रखनी चाहिए। लहसुन, प्याज और मांसाहार का सेवन करने से बचना बेहतर माना गया है। इसके अलावा जरूरतमंदों और ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा देने का भी विशेष महत्व बताया गया है।

मान्यता यह भी है कि एकादशी पारण के दिन भोजन में चावल शामिल करना शुभ माना जाता है। इसलिए कई लोग इस दिन पारण के समय चावल का सेवन जरूर करते हैं।

(Photo : AI Generated)