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पाकिस्तान का 18.77 ट्रिलियन रुपये का नया बजट पेश, सेना पर खर्च बढ़ा तो विकास परियोजनाओं के लिए फंड घटाया

पाकिस्तान सरकार ने आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपना नया बजट संसद में पेश कर दिया है। वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगज़ेब ने शुक्रवार को बजट दस्तावेज़ प्रस्तुत करते हुए कई अहम घोषणाएं कीं, जिनमें रक्षा क्षेत्र के लिए बड़े पैमाने पर अतिरिक्त धन आवंटित करने और विकास योजनाओं के बजट में कटौती जैसे फैसले शामिल हैं। सरकार का कहना है कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों और सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए यह बजट तैयार किया गया है।

प्रस्तावित बजट के अनुसार कुल सरकारी व्यय 18.77 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपये रहने का अनुमान लगाया गया है। डॉलर के हिसाब से इसकी कीमत करीब 67.49 अरब डॉलर बताई जा रही है। यह पिछले वित्त वर्ष की तुलना में कुछ अधिक है, लेकिन सरकार ने कई क्षेत्रों में खर्च सीमित रखने का संकेत भी दिया है।

इस बजट की सबसे ज्यादा चर्चा रक्षा क्षेत्र के लिए किए गए प्रावधान को लेकर हो रही है। सरकार ने सैन्य खर्च में लगभग 18 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव रखा है। अधिकारियों का तर्क है कि क्षेत्रीय सुरक्षा परिस्थितियों और सीमावर्ती तनावों को देखते हुए सेना की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देना जरूरी हो गया है।

दूसरी ओर, देश के विकास कार्यक्रमों और सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए आवंटित धनराशि में कमी की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बुनियादी ढांचा, सामाजिक योजनाएं और कई विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि सरकार का दावा है कि वित्तीय संतुलन बनाए रखने के लिए यह कदम आवश्यक था।

वेतनभोगी वर्ग को भी बजट में कुछ राहत देने की कोशिश की गई है। सरकार ने सीमित कर राहत का प्रस्ताव रखा है ताकि महंगाई के दबाव से जूझ रहे नौकरीपेशा लोगों को कुछ सहायता मिल सके। हालांकि राहत का दायरा बड़ा नहीं माना जा रहा और इस पर आगे संसद में चर्चा होने की संभावना है।

पाकिस्तान का नया वित्त वर्ष 1 जुलाई 2026 से शुरू होगा। संसद में बजट प्रस्तावों पर बहस के बाद इसी महीने मतदान कराया जाएगा। यदि प्रस्ताव मंजूर हो जाते हैं तो नई कर व्यवस्था और खर्च संबंधी योजनाएं अगले वित्त वर्ष से लागू हो जाएंगी।

सरकार ने अगले साल के लिए 4 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि दर हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके साथ ही अनुमान लगाया गया है कि महंगाई दर करीब 8.2 प्रतिशत रह सकती है। वित्त मंत्री ने स्वीकार किया कि बढ़ती कीमतें अब भी आम परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं और सरकार आर्थिक स्थिरता लाने के प्रयास कर रही है।

बजट तैयार करने में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के साथ चल रहे 7 अरब डॉलर के कार्यक्रम को भी ध्यान में रखा गया है। बताया गया है कि राजस्व संग्रह बढ़ाने, कर आधार का विस्तार करने और लंबे समय से बने वित्तीय घाटे को कम करने के उद्देश्य से कई संरचनात्मक सुधारों को बजट में शामिल किया गया है। सरकार का मानना है कि इन उपायों से भविष्य में अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

हाल के महीनों में पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था धीमी वृद्धि, ऊंची महंगाई और राजकोषीय दबाव जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे माहौल में सरकार के सामने एक ओर वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की जिम्मेदारी है, वहीं दूसरी ओर जनता को राहत देने की भी अपेक्षा है। इसी संतुलन को साधने की कोशिश इस बजट में दिखाई देती है।

बजट भाषण के दौरान क्षेत्रीय परिस्थितियों का भी उल्लेख किया गया। रिपोर्टों के मुताबिक पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका के बीच संवाद बहाल कराने की दिशा में मध्यस्थ की भूमिका निभाने का प्रयास किया है। हालांकि फिलहाल वार्ताएं आगे नहीं बढ़ सकी हैं और केवल अस्थायी युद्धविराम जैसी स्थिति बनी हुई है।

अफगानिस्तान के साथ पाकिस्तान के संबंध भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। पाकिस्तान लगातार आरोप लगाता रहा है कि काबुल उसकी सीमा के पार सक्रिय पाकिस्तान विरोधी उग्रवादियों को पनाह देता है, जबकि अफगान पक्ष इन आरोपों को खारिज करता रहा है। फरवरी के बाद से सीमा क्षेत्रों में हिंसा बढ़ने और सैकड़ों लोगों की मौत की खबरें सामने आई हैं, जिससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं और गहरी हुई हैं।

विश्लेषकों का कहना है कि रक्षा बजट में उल्लेखनीय वृद्धि और विकास मदों में कटौती से सरकार की प्राथमिकताएं साफ दिखाई देती हैं। सुरक्षा जरूरतों को प्राथमिकता देने के साथ-साथ आर्थिक सुधारों और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों की अपेक्षाओं को पूरा करने की कोशिश भी इस बजट का प्रमुख हिस्सा है।

आने वाले दिनों में संसद में होने वाली चर्चा और मतदान यह तय करेंगे कि प्रस्तावित प्रावधान अंतिम रूप में लागू होते हैं या उनमें बदलाव किया जाता है। फिलहाल पाकिस्तान का यह बजट आर्थिक सुधार, वित्तीय अनुशासन और सुरक्षा आवश्यकताओं के बीच संतुलन बनाने की एक महत्वपूर्ण कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।