फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 में मंगलवार का दिन बड़े उलटफेरों से भरा रहा। चार बार की विश्व विजेता जर्मनी का सफर टूर्नामेंट में अचानक खत्म हो गया। राउंड ऑफ 32 के मुकाबले में पैराग्वे ने जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर इतिहास रच दिया। यह पहली बार है जब जर्मन टीम किसी वर्ल्ड कप मुकाबले में पेनल्टी शूटआउट के जरिए हारकर बाहर हुई है।
दूसरी ओर पांच बार की चैंपियन ब्राजील ने जापान को बेहद रोमांचक मुकाबले में 2-1 से मात देकर प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की कर ली। ब्राजील के लिए जीत का हीरो गैब्रियल मार्टिनेली रहे, जिन्होंने इंजरी टाइम के अंतिम पलों में गोल दागकर टीम को हार से बचाते हुए अगले दौर में पहुंचाया।
वहीं अफ्रीकी टीम मोरक्को ने भी शानदार प्रदर्शन जारी रखा। उसने नीदरलैंड को पेनल्टी शूटआउट में 3-2 से हराकर अंतिम-16 में प्रवेश कर लिया। अब आगे के मुकाबलों में ब्राजील का सामना आइवरी कोस्ट या नॉर्वे से होगा, जबकि पैराग्वे की भिड़ंत फ्रांस और स्वीडन के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगी। मोरक्को 4 जुलाई को कनाडा के खिलाफ मैदान में उतरेगा।
पैराग्वे ने जर्मनी को दिखाया बाहर का रास्ता
फॉक्सबोरो में खेले गए मुकाबले में फीफा रैंकिंग में 34वें स्थान पर मौजूद पैराग्वे ने 12वीं रैंक वाली जर्मनी को कड़ी चुनौती दी। शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिला। जर्मनी के पास ज्यादा समय तक गेंद का कब्जा रहा, लेकिन पैराग्वे की मजबूत रक्षात्मक रणनीति के सामने उसके स्टार खिलाड़ी ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ सके।
पहले हाफ में जर्मनी ने लगभग 78 प्रतिशत समय तक गेंद अपने नियंत्रण में रखी, लेकिन पैराग्वे ने मौके का इंतजार किया और 42वें मिनट में पहला बड़ा वार कर दिया। मिगेल अल्मिरोन के शानदार पास के बाद मातियास गालार्सा ने गेंद को आगे बढ़ाया, जहां जूलियो एनसिसो ने हेडर लगाकर गोल कर दिया। इस गोल के साथ पैराग्वे ने 1-0 की बढ़त बना ली।
दूसरे हाफ में जर्मनी ने वापसी की कोशिश तेज कर दी। 52वें मिनट में फ्लोरियन विर्ट्ज के शानदार क्रॉस पर काई हैवर्ट्ज ने हेडर के जरिए गोल करके स्कोर 1-1 कर दिया। इसके बाद दोनों टीमों ने कई हमले किए, लेकिन निर्धारित समय तक कोई भी बढ़त नहीं बना सका।
अतिरिक्त समय में जर्मनी को जीत का मौका मिला। 102वें मिनट में जोनाथन ताह ने कॉर्नर से मिले मौके पर गेंद को गोल में पहुंचा दिया, लेकिन वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) जांच के बाद यह गोल रद्द कर दिया गया। रिप्ले में देखा गया कि वाल्डेमार एंटोन ने पैराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल को धक्का दिया था।
इसके बाद मुकाबला पेनल्टी शूटआउट तक पहुंचा, जहां पैराग्वे ने अपना संयम बनाए रखा। शूटआउट में जोस कैनाले ने निर्णायक पेनल्टी को गोल में बदल दिया। वहीं गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने दो शानदार बचाव करते हुए अपनी टीम की जीत पक्की कर दी।
जर्मनी के लिए टूर्नामेंट खत्म, नेयुर ने लिया संन्यास
जर्मनी के लिए यह हार बेहद निराशाजनक रही। टीम ने ग्रुप स्टेज में शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 गोल किए थे, लेकिन नॉकआउट मुकाबले में उसकी आक्रमण क्षमता कमजोर नजर आई। पैराग्वे की 4-5-1 डिफेंसिव रणनीति ने जर्मन अटैक को लगातार परेशान किया।
हार के बाद जर्मनी के दिग्गज गोलकीपर मैनुअल नेयुर ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास की घोषणा कर दी। नेयुर 2014 की वर्ल्ड कप विजेता जर्मन टीम का हिस्सा थे। उन्होंने अपने करियर में 124 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले और 2017 फीफा कन्फेडरेशंस कप भी जीता।
नेयुर का जाना जर्मन फुटबॉल के लिए एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। वह लंबे समय तक टीम की कप्तानी और गोलपोस्ट की जिम्मेदारी संभालते रहे।
ऑरलैंडो गिल बने पैराग्वे की जीत के हीरो
मुकाबले के बाद पैराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने अपनी जीत का श्रेय तैयारी को दिया। उन्होंने कहा कि टीम ने जर्मनी के हर खिलाड़ी की कमजोरी और पेनल्टी लेने के तरीके का पहले से अध्ययन किया था।
गिल ने कहा कि टीम ने हर छोटी-बड़ी बात पर ध्यान दिया और उसी तैयारी की वजह से वह शूटआउट में महत्वपूर्ण बचाव कर सके। उन्होंने कहा कि यह जीत पूरे पैराग्वे के लोगों के लिए बेहद खास है।
टीम के खिलाड़ी जोस कैनाले ने भी जीत के बाद कहा कि पैराग्वे ने साबित कर दिया कि उनकी टीम में एकजुटता और आत्मविश्वास कितना मजबूत है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने दबाव के समय अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाया।
वहीं जर्मनी के काई हैवर्ट्ज ने हार के बाद निराशा जाहिर की। उन्होंने कहा कि टीम को वर्ल्ड कप से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन वह उन उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। उनके मुताबिक टीम को मौके बनाने और मैच की गति बनाए रखने में परेशानी हुई।
ब्राजील ने आखिरी मिनट में छीनी जापान से जीत
ब्राजील और जापान के बीच खेला गया मुकाबला भी काफी रोमांचक रहा। पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील ने जापान को 2-1 से हराकर अगले दौर में जगह बना ली।
ब्राजील की जीत खास इसलिए भी रही क्योंकि यह उसके पहले वर्ल्ड कप खिताब (1958, स्वीडन) की सालगिरह के दिन आई। टीम ने इस जीत के साथ वर्ल्ड कप इतिहास में 20वीं बार राउंड ऑफ 16 में पहुंचने का रिकॉर्ड भी बनाया।
मुकाबले में दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। जापान ने ब्राजील को कई बार दबाव में डाला, लेकिन ब्राजील के खिलाड़ियों ने अनुभव का फायदा उठाया।
मैच के आखिरी क्षणों में सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी के रूप में उतरे गैब्रियल मार्टिनेली ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने इंजरी टाइम के छठे मिनट में गोल करके ब्राजील को बढ़त दिलाई और टीम की जीत सुनिश्चित कर दी।
मार्टिनेली का यह गोल पूरे मैच का सबसे निर्णायक पल साबित हुआ। ब्राजील अब अगले दौर में और मजबूत चुनौती के लिए तैयार है।
मोरक्को ने भी किया बड़ा उलटफेर
मोरक्को ने नीदरलैंड के खिलाफ शानदार संयम दिखाते हुए मुकाबला अपने नाम किया। निर्धारित समय में दोनों टीमें बराबरी पर रहीं, जिसके बाद फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ।
शूटआउट में मोरक्को के खिलाड़ियों ने दबाव को बेहतर तरीके से संभाला और 3-2 से जीत हासिल कर ली। टीम के गोलकीपर ने भी अहम भूमिका निभाई और नीदरलैंड के प्रयासों को रोकने में सफल रहे।
मोरक्को की यह जीत बताती है कि इस वर्ल्ड कप में छोटी रैंक वाली टीमें भी बड़ी टीमों को चुनौती देने में सक्षम हैं।
फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 में अब तक कई बड़े नाम बाहर हो चुके हैं और नॉकआउट दौर में मुकाबले और भी रोमांचक होते जा रहे हैं। जर्मनी जैसी दिग्गज टीम के बाहर होने के बाद अब सभी की नजरें ब्राजील, मोरक्को और पैराग्वे जैसी टीमों पर होंगी, जो इस बार इतिहास बदलने के इरादे से मैदान में उतर रही हैं।