बठिंडा में रविवार को आयोजित ‘यूथ रन पंजाब-2026’ ने पंजाब में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को बड़े जनसमर्थन का संदेश दिया। इस आयोजन में करीब 20,000 युवाओं, खिलाड़ियों और अलग-अलग आयु वर्ग के लोगों ने हिस्सा लिया। बड़ी संख्या में लोगों के एक साथ दौड़ने से शहर की सड़कों पर फिटनेस, खेल और नशामुक्ति का संदेश दिखाई दिया।
आयोजकों के मुताबिक, इस रन का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखते हुए उन्हें खेल और स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ना है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से चलाए जा रहे ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के साथ जोड़कर आयोजित की गई इस मैराथन में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने भागीदारी की। प्रतिभागियों में महिलाओं और खिलाड़ियों की संख्या भी काफी रही।
इस आयोजन को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मण ने कहा कि बठिंडा में लोगों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को खास बना दिया। उनके मुताबिक, जिस तरह अलग-अलग उम्र के लोग पूरे उत्साह के साथ दौड़ में शामिल हुए, उससे पंजाब में खेल और फिटनेस को लेकर लोगों की रुचि का पता चलता है।
उन्होंने कहा कि पंजाब को नशे की समस्या से जोड़कर पेश करने वाले नकारात्मक प्रचार के सामने इस तरह के आयोजन एक अलग तस्वीर सामने रखते हैं। उनके मुताबिक, पंजाब के युवाओं में प्रतिभा और ऊर्जा की कमी नहीं है और उसे सही दिशा देने के लिए खेल एक प्रभावी माध्यम हो सकता है।
मोहाली से शुरू हुई थी मैराथन की सीरीज
राजबीर सिंह घुम्मण ने बताया कि बठिंडा में हुई यह दौड़ ‘यूथ रन’ सीरीज का तीसरा बड़ा आयोजन है। उन्होंने कहा कि इस सीरीज की शुरुआत मोहाली से हुई थी और इसके बाद अलग-अलग शहरों में लोगों को इस मुहिम से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि बठिंडा में लगभग 20 हजार लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराकर दौड़ में हिस्सा लिया। उनके अनुसार, प्रतिभागियों की संख्या और लोगों का उत्साह इस बात का संकेत है कि फिटनेस और खेल को लेकर पंजाब के लोगों में मजबूत भावना मौजूद है।
घुम्मण ने कहा कि इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए लोग खुद आगे आए। उनके मुताबिक, प्रतिभागियों ने अपनी इच्छा से रजिस्ट्रेशन करवाया और निर्धारित स्थान पर पहुंचकर रन में हिस्सा लिया। उन्होंने इसे युवाओं के बीच बढ़ती जागरूकता और खेलों के प्रति लगाव का सकारात्मक संकेत बताया।
बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने लिया हिस्सा
बठिंडा की इस यूथ रन की खास बात यह रही कि यह केवल युवा खिलाड़ियों तक सीमित नहीं रही। दौड़ में बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने भी हिस्सा लिया। अलग-अलग उम्र के प्रतिभागियों ने पूरे जोश के साथ रन में भाग लेकर नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
आयोजन के दौरान प्रतिभागियों में काफी उत्साह नजर आया। बड़ी संख्या में लोग एक जैसी टी-शर्ट पहनकर और हाथों में नशामुक्ति से जुड़े संदेशों के साथ दौड़ते दिखाई दिए। खेल और फिटनेस को बढ़ावा देने वाले इस कार्यक्रम में लोगों की भागीदारी ने इसे बड़े सार्वजनिक आयोजन का रूप दे दिया।
आयोजकों की ओर से प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कारों का भी इंतजाम किया गया था। अलग-अलग श्रेणियों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को 11 हजार रुपये तक की नकद पुरस्कार राशि दी गई। इसके अलावा रन में शामिल होने वाले प्रतिभागियों को टी-शर्ट और पार्टिसिपेशन मेडल भी प्रदान किए गए।
केजरीवाल ने कहा- युवाओं में फिर लौटी उम्मीद
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी बठिंडा की यूथ रन को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि पंजाब में एक नई तस्वीर दिखाई दे रही है और युवाओं में उम्मीद का माहौल फिर मजबूत हुआ है।
केजरीवाल ने कहा कि पंजाब के युवाओं में जिस तरह का उत्साह दिखाई दे रहा है, वह काफी प्रेरणादायक है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब सरकार के सहयोग से युवा नशे की समस्या को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
उनके मुताबिक, युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में इस्तेमाल करना जरूरी है। खेल और फिटनेस जैसी गतिविधियां युवाओं को नशे से दूर रखने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। बठिंडा में हजारों लोगों की भागीदारी को उन्होंने इसी बदलाव की एक तस्वीर के रूप में पेश किया।
‘उड़ता पंजाब’ वाली छवि पर भी निशाना
बठिंडा की यूथ रन के दौरान पंजाब की पुरानी नकारात्मक छवि को लेकर भी राजनीतिक संदेश दिया गया। मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मण ने कहा कि पंजाब को सिर्फ नशे की समस्या के नजरिए से देखना राज्य की पूरी तस्वीर नहीं है।
उन्होंने ‘उड़ता पंजाब’ जैसे प्रचार का उल्लेख करते हुए कहा कि बठिंडा में हजारों लोगों का सड़कों पर उतरना उस छवि का जवाब है जिसमें पंजाब को लगातार नशे से जोड़कर दिखाने की कोशिश की जाती है।
घुम्मण के मुताबिक, इस तरह के आयोजनों के जरिए पंजाब की दूसरी तस्वीर देश के सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज जरूरत इस बात को सामने रखने की है कि पंजाब का युवा खेलना चाहता है, फिट रहना चाहता है और अपने भविष्य को बेहतर बनाना चाहता है।
उन्होंने इसके लिए ‘चढ़ता पंजाब, खेलता पंजाब और भागता पंजाब-रंगला पंजाब’ का संदेश दिया। उनके अनुसार, हजारों लोगों की मौजूदगी इसी सोच को मजबूत करती है।
नशे के खिलाफ मुहिम को खेलों से जोड़ने की कोशिश
पंजाब में नशे की समस्या लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का बड़ा मुद्दा रही है। ऐसे में सरकार की ओर से नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में युवाओं और खेल गतिविधियों को प्रमुखता देने की कोशिश की जा रही है।
यूथ रन पंजाब-2026 भी इसी रणनीति का हिस्सा बताई जा रही है। इसके जरिए युवाओं को केवल नशे के नुकसान के बारे में जागरूक करने के बजाय उन्हें खेल, दौड़ और फिटनेस जैसी गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया गया।
बठिंडा में हुए आयोजन में खिलाड़ियों की भागीदारी ने भी इस संदेश को मजबूत किया। बड़ी संख्या में युवाओं ने दौड़ में हिस्सा लेकर यह दिखाने की कोशिश की कि खेलों को जीवनशैली का हिस्सा बनाया जा सकता है। नियमित शारीरिक गतिविधि युवाओं को सक्रिय रखने के साथ-साथ उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने का माध्यम बन सकती है।
भागीदारी ने आने वाले आयोजनों की उम्मीद बढ़ाई
बठिंडा में मिले रिस्पॉन्स को लेकर राजबीर सिंह घुम्मण ने शहर के लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से आने वाले आयोजनों को लेकर उत्साह और बढ़ा है।
उन्होंने बताया कि इस सीरीज के तहत आगे पटियाला और लुधियाना में भी मैराथन आयोजित की जानी हैं। बठिंडा में जिस स्तर पर लोगों ने भाग लिया, उसे उन्होंने आने वाले कार्यक्रमों के लिए नया बेंचमार्क बताया।
घुम्मण के अनुसार, बठिंडा की भागीदारी ने यह उम्मीद पैदा की है कि अगले शहरों में भी बड़ी संख्या में लोग इस मुहिम से जुड़ेंगे। उनका कहना है कि ऐसे आयोजनों का मकसद सिर्फ एक दिन दौड़ आयोजित करना नहीं, बल्कि युवाओं के बीच खेल और फिटनेस की आदत को बढ़ावा देना है।
उन्होंने कहा कि लोगों की स्वेच्छा से हुई भागीदारी इस अभियान के लिए खास मायने रखती है। उनके अनुसार, जब लोग खुद आगे आकर किसी सामाजिक संदेश का हिस्सा बनते हैं, तो उसका प्रभाव और मजबूत होता है।
पंजाब के लिए सकारात्मक संदेश देने की कोशिश
बठिंडा की यूथ रन में उमड़ी भीड़ ने आयोजकों को पंजाब के युवाओं को लेकर सकारात्मक संदेश देने का मौका दिया। एक तरफ नशे के खिलाफ अभियान को जनसमर्थन दिखाने की कोशिश हुई, तो दूसरी तरफ खेल और फिटनेस को लेकर लोगों की दिलचस्पी भी सामने आई।
इस आयोजन में शामिल लोगों का संदेश साफ था कि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा दी जानी चाहिए। दौड़ जैसे कार्यक्रमों के जरिए समाज में स्वास्थ्य, अनुशासन और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा सकता है।
करीब 20 हजार लोगों की भागीदारी ने बठिंडा के कार्यक्रम को इस सीरीज के प्रमुख आयोजनों में शामिल कर दिया है। अब नजर पटियाला और लुधियाना में होने वाली अगली मैराथन पर रहेगी। बठिंडा की भीड़ ने आयोजकों के सामने बड़ा मानक जरूर खड़ा कर दिया है।
सरकार और आयोजकों की ओर से इस आयोजन को पंजाब के युवाओं की बदलती सोच से जोड़कर देखा जा रहा है। उनका जोर इस बात पर है कि राज्य की पहचान को नशे से नहीं, बल्कि खेल, मेहनत, फिटनेस और युवाओं की उपलब्धियों से जोड़ा जाए। बठिंडा की सड़कों पर हजारों लोगों की मौजूदगी इसी संदेश को मजबूती से सामने रखने की कोशिश रही।