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The Scoopp

 

बिना चीनी की चाय पीने वाले भी हो रहे डायबिटीज के शिकार, जानिए कौन-सी आदतें हैं जिम्मेदार

आजकल कई लोग मानते हैं कि चाय या कॉफी में चीनी छोड़ देने से वे डायबिटीज जैसी बीमारी से दूर रहेंगे। सुबह बिना शक्कर की चाय पीना हेल्दी आदत जरूर हो सकती है, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ इतना करने से ब्लड शुगर कंट्रोल में नहीं रहता। असली समस्या हमारी खराब लाइफस्टाइल से जुड़ी हुई है।

डॉक्टरों के अनुसार, आज बड़ी संख्या में लोग बिना चीनी वाली चाय पीने के बावजूद डायबिटीज का शिकार हो रहे हैं। वजह यह है कि शरीर पर असर सिर्फ मीठा खाने से नहीं, बल्कि पूरे दिन की आदतों से पड़ता है।

डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहना शरीर को धीरे-धीरे इंसुलिन के प्रति कम संवेदनशील बना देता है। ऑफिस में घंटों लैपटॉप के सामने बैठना, कम शारीरिक गतिविधि और दिनभर कुर्सी न छोड़ना ब्लड शुगर बढ़ाने का बड़ा कारण बन चुका है। रिसर्च में भी सामने आया है कि लगातार बैठे रहने से शरीर ग्लूकोज का सही इस्तेमाल नहीं कर पाता और इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ने लगता है।

इसके अलावा नींद की कमी भी डायबिटीज के खतरे को बढ़ाती है। देर रात तक मोबाइल चलाना या काम करना शरीर के हार्मोनल बैलेंस को बिगाड़ देता है। कम सोने से स्ट्रेस हार्मोन बढ़ते हैं, जिससे ब्लड शुगर लेवल प्रभावित होता है। विशेषज्ञों के मुताबिक रोज 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद शरीर के लिए बेहद जरूरी है।

तनाव भी इस बीमारी की बड़ी वजह माना जा रहा है। लगातार स्ट्रेस में रहने पर शरीर ज्यादा मात्रा में ग्लूकोज रिलीज करने लगता है। यही कारण है कि कई लोग मीठा कम खाने के बावजूद हाई ब्लड शुगर की समस्या से परेशान रहते हैं।

एक्सपर्ट्स ने यह भी चेतावनी दी है कि बाजार में मिलने वाले कई “शुगर फ्री” प्रोडक्ट पूरी तरह हेल्दी नहीं होते। इनमें रिफाइंड मैदा, प्रोसेस्ड ऑयल और हाई कार्ब्स मौजूद हो सकते हैं, जो शरीर पर नकारात्मक असर डालते हैं।

डॉक्टरों की सलाह है कि डायबिटीज से बचाव के लिए रोजाना वॉक करना, हर घंटे थोड़ी देर चलना, संतुलित डाइट लेना, तनाव कम करना और पर्याप्त नींद लेना बेहद जरूरी है। केवल चाय से चीनी हटाने से नहीं, बल्कि पूरी लाइफस्टाइल सुधारने से ही असली फायदा मिलता है।

(Photo : AI Generated)