स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गए हैं। इस बार मामला कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में प्रस्तावित उनके कॉमेडी शो से जुड़ा है। हिंदू संगठनों द्वारा लगातार विरोध किए जाने के बाद व्हाइटफील्ड इलाके में आयोजित किए जाने वाले उनके सभी निर्धारित शो रद्द कर दिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने भी पुष्टि की है कि कार्यक्रमों को लेकर सुरक्षा और विरोध की स्थिति को देखते हुए कामरा ने स्वयं शो नहीं करने का निर्णय लिया।
जानकारी के अनुसार, रविवार को कुणाल कामरा खुद व्हाइटफील्ड पुलिस स्टेशन पहुंचे थे। वहां उन्होंने अधिकारियों को बताया कि मौजूदा परिस्थितियों में उसी स्थान पर कार्यक्रम आयोजित करना उचित नहीं होगा। पुलिस को उन्होंने स्पष्ट रूप से सूचित किया कि वे व्हाइटफील्ड में होने वाले अपने सभी निर्धारित शो रद्द कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हिंदुत्ववादी संगठनों की ओर से लगातार हो रहे विरोध को देखते हुए यह फैसला लिया गया।
हालांकि, कार्यक्रम पूरी तरह समाप्त नहीं किए गए हैं। कॉमेडियन ने अपने दर्शकों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी की है। उन्होंने बताया कि सोमवार से गुरुवार तक आयोजित होने वाले शो अब व्हाइटफील्ड की बजाय कोरमंगला स्थित एक अन्य वेन्यू पर आयोजित किए जाएंगे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने इसकी जानकारी दी और लोगों से नए स्थान पर पहुंचने की अपील की।
कामरा ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने व्हाइटफील्ड के शो के लिए पहले से टिकट खरीद रखे थे, उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। उनके अनुसार, टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म बुकमायशो के जरिए सभी योग्य टिकट धारकों को रिफंड की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कोरमंगला के नए वेन्यू की क्षमता सीमित है, इसलिए वहां आने के इच्छुक दर्शकों को जल्द टिकट बुक कर लेनी चाहिए।
इस पूरे घटनाक्रम से पहले भी कुणाल कामरा अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में रहे थे। उन्होंने अपने कार्यक्रमों को लेकर हो रही आलोचनाओं का जवाब देते हुए एक ट्रोलर को चेतावनी दी थी। उसी दौरान उन्होंने यह भी कहा था कि वे 2 अगस्त को पुलिस स्टेशन जाएंगे। इसके बाद अब उनका पुलिस के पास जाकर शो रद्द करने की सूचना देना चर्चा का विषय बन गया है।
दरअसल, बीते कुछ दिनों से हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति सहित कई हिंदुत्ववादी संगठनों ने कामरा के कार्यक्रमों का विरोध शुरू कर दिया था। इन संगठनों ने बेंगलुरु पुलिस को लिखित शिकायत देकर मांग की थी कि 3 अगस्त को यूआरयू (URU) व्हाइटफील्ड में प्रस्तावित स्टैंड-अप शो को अनुमति न दी जाए। उनका कहना था कि यदि कार्यक्रम आयोजित हुआ तो इससे धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं और कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित होने की आशंका रहेगी।
विरोध करने वाले संगठनों का आरोप था कि कुणाल कामरा पहले भी अपने कार्यक्रमों और सार्वजनिक मंचों पर हिंदू देवी-देवताओं को लेकर विवादित टिप्पणियां कर चुके हैं। उनका कहना था कि ऐसे व्यक्ति के कार्यक्रम से सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है। इसी आधार पर उन्होंने पुलिस प्रशासन से कार्यक्रम रद्द कराने की मांग की थी।
इसी बीच कुणाल कामरा का नाम उस विवाद से भी जुड़ गया, जिसकी शुरुआत जुलाई महीने में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान हुई थी। 15 जुलाई को आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में कामरा भी मंच पर पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने भगवान राम और माता सीता का उल्लेख करते हुए कुछ टिप्पणियां की थीं। इन टिप्पणियों को लेकर कई लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई और उन पर धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप लगाए।
बयान सार्वजनिक होने के बाद विभिन्न स्थानों पर उनके खिलाफ शिकायतें दर्ज कराने की मांग उठी। इसी क्रम में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में भी इस मामले को लेकर याचिका दायर की गई। याचिकाकर्ता का कहना था कि सार्वजनिक मंच से दिए गए बयान करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने वाले हैं और इस मामले में कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
हाईकोर्ट में दायर याचिका अधिवक्ता विभु वीरभद्र सैनी की ओर से प्रस्तुत की गई। याचिका में कहा गया कि 15 जुलाई 2026 को जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान कुणाल कामरा ने भगवान राम और माता सीता को लेकर कथित रूप से अभद्र टिप्पणियां कीं। याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की कि संबंधित एजेंसियों को मामले की जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं।
अदालत ने प्रारंभिक सुनवाई के दौरान चंडीगढ़ पुलिस से इस मामले में रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने पुलिस से पूछा है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर प्रथम दृष्टया कोई मामला बनता है या नहीं। साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि क्या उपलब्ध तथ्यों के आधार पर एफआईआर दर्ज किए जाने की आवश्यकता है। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त निर्धारित की है।
कानूनी प्रक्रिया जारी रहने के बीच बेंगलुरु में उनके शो का विरोध और फिर कार्यक्रमों का स्थान बदलना इस पूरे विवाद को और अधिक चर्चा में ले आया है। एक ओर उनके समर्थक इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दा बता रहे हैं, वहीं विरोध करने वाले संगठन इसे धार्मिक आस्थाओं से जुड़ा मामला मानते हुए कार्यक्रमों का विरोध कर रहे हैं।
फिलहाल व्हाइटफील्ड में प्रस्तावित सभी शो रद्द कर दिए गए हैं और आयोजकों ने दर्शकों को नए वेन्यू की जानकारी उपलब्ध करा दी है। टिकट रिफंड की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। दूसरी ओर, जंतर-मंतर वाले कथित विवादित बयान को लेकर अदालत में कानूनी कार्यवाही अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले पर न्यायालय की अगली सुनवाई और प्रशासनिक कदमों पर सभी की नजर बनी रहेगी।