शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती के मौके पर आज, 28 सितंबर को लुधियाना में बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) का मैदान इस अवसर पर होने वाले ‘जश्न-ए-इंकलाब’ कार्यक्रम का केंद्र रहेगा। आयोजन दोपहर 3 बजे से शुरू होगा और इसमें पंजाब की संस्कृति, इतिहास, संगीत और शहीदों की विरासत को अलग-अलग प्रस्तुतियों के माध्यम से सामने रखने की तैयारी है। कार्यक्रम को लेकर पिछले कई दिनों से तैयारियां चल रही थीं और आयोजकों की ओर से पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से लोगों को इसमें शामिल होने की अपील की गई है।
इस आयोजन को लेकर सामने आई जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। आयोजक इसे भगत सिंह की जयंती के साथ पंजाब की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को याद करने के अवसर के तौर पर पेश कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने 27 सितंबर को लोगों से कार्यक्रम में परिवार सहित शामिल होने की अपील की थी। उनके अनुसार, मुख्य कार्यक्रम PAU ग्राउंड में दोपहर 3 बजे शुरू होगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान, मंत्री और विधायक भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।
कार्यक्रम की खास बात इसका सांस्कृतिक स्वरूप भी रहने वाला है। आयोजन में पंजाब के इतिहास और शहीदों की विरासत से जुड़ी प्रस्तुतियां होंगी। रिपोर्टों के मुताबिक प्रसिद्ध नाटक ‘गगन दमामा बजियो’ का मंचन भी किया जाएगा। इसके अलावा पंजाबी संगीत जगत से जुड़े कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। रंजीत बावा और कुलविंदर बिल्ला के नाम कार्यक्रम से जुड़े कलाकारों में सामने आए हैं। इनके साथ ढाडी जत्थों की प्रस्तुतियां भी रखी गई हैं। इस तरह आयोजन में गीत-संगीत, नाटक और पारंपरिक पंजाबी प्रस्तुति के जरिए भगत सिंह और पंजाब के स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को याद करने की कोशिश की जाएगी।
आयोजन स्थल पर युवाओं की भागीदारी को भी विशेष महत्व दिया गया है। इससे पहले कार्यक्रम की तैयारियों की जानकारी देते हुए आयोजकों ने बताया था कि बड़ी संख्या में युवाओं ने इसके लिए पंजीकरण कराया है। 25 सितंबर को जारी जानकारी में 1.25 लाख से ज्यादा युवाओं के रजिस्ट्रेशन का दावा किया गया था। हालांकि, यह संख्या पंजीकरण पर आधारित है और वास्तविक कार्यक्रम में उपस्थित लोगों की संख्या इससे अलग हो सकती है। इसी वजह से कार्यक्रम में संभावित भीड़ को लेकर प्रशासन और आयोजकों के स्तर पर व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।
कार्यक्रम को लेकर PAU परिसर में तैयारियों का एक अहम हिस्सा मंच भी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक मंच को शहीद भगत सिंह के पैतृक घर की तर्ज पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य आयोजन के दृश्य स्वरूप को भगत सिंह के जीवन और उनके ऐतिहासिक दौर से जोड़ना है। मंच की बनावट और सजावट के जरिए कार्यक्रम में पहुंचने वाले लोगों को पंजाब के स्वतंत्रता आंदोलन के उस दौर की झलक देने की कोशिश की जाएगी। आयोजकों ने कार्यक्रम को केवल एक सांस्कृतिक समारोह तक सीमित रखने के बजाय इतिहास, विरासत और संगीत को एक साथ जोड़ने की योजना बनाई है।
जश्न-ए-इंकलाब में लोगों की पोशाक को लेकर भी अपील की गई है। आयोजकों ने पंजाब के लोगों और खासकर युवाओं से कहा है कि वे कार्यक्रम में बसंती रंग के कपड़े पहनकर पहुंचें। पीला कुर्ता-पायजामा और बसंती पगड़ी पहनने की अपील भी की गई है। इसके पीछे कार्यक्रम स्थल पर भगत सिंह से जुड़े बसंती रंग के प्रतीकात्मक माहौल को तैयार करना है। बड़ी संख्या में लोग अगर इसी रंग की पोशाक में कार्यक्रम में पहुंचते हैं तो PAU का मैदान एक समान रंग में नजर आ सकता है। इस अपील को कार्यक्रम की थीम से जोड़कर देखा जा रहा है।
कार्यक्रम के आयोजन को लेकर सामने आई जानकारी में युवाओं पर विशेष फोकस दिखाई देता है। आयोजकों की ओर से पहले भी पंजाब में यूथ मैराथन और खेल गतिविधियों का जिक्र करते हुए युवाओं को सार्वजनिक आयोजनों से जोड़ने की बात कही गई थी। कार्यक्रम से पहले मोहाली, जालंधर और बठिंडा में आयोजित मैराथन का भी उल्लेख किया गया था। आयोजकों के मुताबिक इन गतिविधियों में बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया। हालांकि, इन आंकड़ों और कार्यक्रम से जुड़े दावों को आयोजकों के बयानों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
भगत सिंह की जयंती के मौके पर होने वाला यह आयोजन इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसमें पंजाब की ऐतिहासिक विरासत के साथ मौजूदा सांस्कृतिक परिदृश्य को एक मंच पर लाने की योजना है। मंच पर होने वाली प्रस्तुतियों में जहां स्वतंत्रता आंदोलन और शहीदों की स्मृति से जुड़े कार्यक्रम शामिल होंगे, वहीं पंजाबी संगीत के लोकप्रिय कलाकार भी दर्शकों के सामने प्रस्तुति देंगे। रंजीत बावा और कुलविंदर बिल्ला जैसे कलाकारों की मौजूदगी से कार्यक्रम का संगीत पक्ष भी प्रमुख रहने की उम्मीद है। इसके साथ ढाडी परंपरा को शामिल किए जाने से पंजाब की लोक-सांस्कृतिक अभिव्यक्ति को भी जगह मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के मौजूद रहने की भी जानकारी सामने आई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार मुख्यमंत्री युवाओं को संबोधित कर सकते हैं। वहीं कार्यक्रम में पंजाब सरकार के मंत्री और विधायक भी शामिल होंगे। यह जानकारी आयोजकों और संबंधित नेताओं की ओर से दी गई है। कार्यक्रम का आधिकारिक केंद्र भगत सिंह की जयंती और उनकी विरासत है, जबकि आयोजन में पंजाब के इतिहास, संस्कृति और संगीत को भी प्रमुखता दी जा रही है।
इस पूरे आयोजन का स्थान भी महत्वपूर्ण है। पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी लुधियाना का बड़ा परिसर होने के कारण यहां बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम दोपहर 3 बजे शुरू होना है और मुख्य आयोजन से पहले विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की ओर से कला एवं प्रतिभा से जुड़ी प्रस्तुतियां भी रखी गई हैं। इससे कार्यक्रम की शुरुआत में ही स्थानीय और युवा प्रतिभाओं को मंच मिलने की बात सामने आई है। बाद के हिस्से में बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
आयोजकों ने पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोगों से इस कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। बलतेज पन्नू ने इसे पंजाब की संस्कृति, इतिहास, संगीत और शहीदों की विरासत से जुड़ा आयोजन बताया है। उनके अनुसार राज्य के विभिन्न हिस्सों से लोग इसमें शामिल होंगे। वहीं अन्य आयोजकों की ओर से युवाओं की बड़ी भागीदारी का दावा किया गया है। इस वजह से PAU परिसर में भीड़ को संभालने, बैठने और कार्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए व्यवस्थाओं पर जोर दिया गया है।
‘जश्न-ए-इंकलाब’ के जरिए भगत सिंह की जयंती को एक बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम के रूप में मनाने की तैयारी की गई है। मंच की विशेष सजावट, बसंती रंग की थीम, पंजाबी कलाकारों की प्रस्तुतियां, नाटक और ढाडी जत्थों की भागीदारी इसे सामान्य श्रद्धांजलि कार्यक्रम से अलग सांस्कृतिक आयोजन का रूप देती है। कार्यक्रम में आने वाले लोगों के लिए भगत सिंह से जुड़े इतिहास और पंजाब की सांस्कृतिक पहचान को एक साथ प्रस्तुत करने की योजना है।
वहीं, कार्यक्रम को लेकर जारी विभिन्न जानकारियों में भीड़ और पंजीकरण से जुड़े आंकड़ों में अंतर हो सकता है। 25 सितंबर की जानकारी में आयोजकों की ओर से 1.25 लाख से अधिक युवाओं के रजिस्ट्रेशन का दावा किया गया था, जबकि अन्य रिपोर्टों में एक लाख से अधिक लोगों के पहुंचने की संभावना बताई गई है। इसलिए वास्तविक उपस्थिति का आंकड़ा कार्यक्रम के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल इतना तय है कि 28 सितंबर को लुधियाना का PAU परिसर भगत सिंह की जयंती पर होने वाले इस बड़े आयोजन का मुख्य केंद्र रहेगा।
, ‘जश्न-ए-इंकलाब’ में शहीद भगत सिंह की जयंती के साथ पंजाब के इतिहास और संस्कृति को केंद्र में रखा गया है। दोपहर 3 बजे शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों से लेकर नाटक, लोक-सांस्कृतिक कार्यक्रम, ढाडी जत्थों और पंजाबी गायकों की प्रस्तुतियां शामिल हैं। आयोजकों की ओर से लोगों को बसंती रंग की पोशाक में आने का आग्रह किया गया है। PAU मैदान में होने वाले इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है और कार्यक्रम के दौरान भगत सिंह की विरासत तथा पंजाब की सांस्कृतिक पहचान को अलग-अलग प्रस्तुतियों के जरिए सामने रखा जाएगा।