भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा पर एक बार फिर तनाव की स्थिति सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार को बांग्लादेश की ओर से बड़ी संख्या में लोग भारतीय सीमा की तरफ बढ़े और घुसपैठ की कोशिश की। भारतीय सुरक्षा बलों ने स्थिति को संभालते हुए उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।
बताया जा रहा है कि शुरुआत में करीब 20 लोगों का एक समूह भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों ने उन्हें रोककर वापस भेज दिया। इसके बाद बांग्लादेश की तरफ बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, इस भीड़ में करीब एक हजार लोग शामिल थे और कई लोगों के हाथों में लाठी-डंडे थे।
सीमा पर भीड़ जुटने के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। हालांकि, कुछ समय बाद यह समूह वहां से हट गया और स्थिति सामान्य हुई। सुरक्षा एजेंसियां लगातार सीमा क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
अवैध घुसपैठियों को लेकर दोनों देशों के बीच बढ़ा विवाद
पिछले कुछ समय से भारत-बांग्लादेश सीमा पर अवैध प्रवासियों को लेकर दोनों देशों के सुरक्षा बलों के बीच तनाव बढ़ा है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया चला रही हैं। वहीं, बांग्लादेश की ओर से कहा गया है कि किसी भी व्यक्ति की वापसी तय नियमों और आपसी सहमति के आधार पर होनी चाहिए।
रिपोर्ट्स के अनुसार, कई मामलों में भारतीय सीमा से भेजे गए लोगों को स्वीकार करने को लेकर बांग्लादेशी अधिकारियों ने आपत्ति जताई है। इसके बाद सीमा पर तैनात दोनों देशों के सुरक्षा बलों के बीच बातचीत और विवाद की स्थिति बनी है।
सीमा पर आमने-सामने आए BSF और BGB
भारत की सीमा सुरक्षा बल (BSF) और बांग्लादेश की बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के बीच हाल के दिनों में ऐसे मामलों को लेकर कई बार तनाव देखने को मिला है। बांग्लादेशी सीमा बल का कहना है कि लोगों की वापसी प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए, जबकि भारत अवैध घुसपैठ और गैरकानूनी प्रवेश को रोकने पर जोर दे रहा है।
बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने संसद में जानकारी दी थी कि 5 अगस्त 2024 के बाद से भारत से कई लोगों को बांग्लादेश भेजा गया है। उनके अनुसार, इस अवधि में हजारों लोगों की पहचान और वापसी से जुड़े मामले सामने आए हैं।
सीमा पर सुरक्षा बढ़ाई गई
मामले को देखते हुए सीमा इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जवानों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कोई भी समूह जबरदस्ती सीमा पार न कर सके।
मानवाधिकार संगठनों की कुछ रिपोर्टों में भी भारत-बांग्लादेश सीमा पर लोगों की आवाजाही और वापसी से जुड़े मामलों का जिक्र किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल के महीनों में सीमा पर कई बार ऐसे प्रयास हुए हैं, जिनमें लोगों को एक देश से दूसरे देश की ओर भेजने की कोशिश की गई।
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
सीमा और अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर दोनों देशों के नेताओं के बीच बयानबाजी भी जारी है। भारत में अवैध घुसपैठ रोकने को लेकर राजनीतिक दल लगातार आवाज उठा रहे हैं। वहीं, बांग्लादेश सरकार ने भी बिना प्रक्रिया के किसी भी व्यक्ति को सीमा पार भेजे जाने का विरोध किया है।
फिलहाल सीमा पर हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं, लेकिन दोनों देशों के सुरक्षा बल लगातार निगरानी कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।