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मानसून की रफ्तार फिर धीमी, 23 जून के आसपास छत्तीसगढ़ तक पहुंचने के आसार

देश में मानसून की प्रगति एक बार फिर धीमी पड़ गई है। मौसम विभाग के ताज़ा अनुमान के अनुसार, मानसून 23 जून तक छत्तीसगढ़ के हिस्सों में दस्तक दे सकता है, जबकि अभी यह तेलंगाना के आसपास ही रुका हुआ है। पिछले कई दिनों से इसकी आगे की चाल लगभग ठहर-सी गई थी, जिससे मध्य और उत्तर भारत में गर्मी का असर बना हुआ है।

इसी बीच देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम ने कहर भी बरपाया है। बिहार के वैशाली में आकाशीय बिजली गिरने से 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि झारखंड में पिछले 24 घंटों में वज्रपात की घटनाओं में 8 लोगों की जान चली गई। मध्य प्रदेश के राजगढ़ में भी बिजली गिरने से एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें काका-भतीजे की मौत हो गई।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, महाराष्ट्र, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और तेलंगाना के कई क्षेत्रों में मानसून को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी मौसमीय परिस्थितियाँ बनने लगी हैं। मध्य भारत में बना चक्रवाती सिस्टम धीरे-धीरे मानसून की नमी को आगे धकेल सकता है, जिससे आने वाले दिनों में इसकी रफ्तार तेज होने की उम्मीद है।

हालांकि फिलहाल स्थिति यह है कि मानसून करीब 11 दिनों से तेलंगाना क्षेत्र में ही अटका हुआ है। इसके बावजूद यह 15 दिनों के भीतर देश के लगभग 19 राज्यों तक पहुंच चुका है, जो इसकी कुल प्रगति को दर्शाता है। दूसरी ओर, गर्मी का असर भी कम नहीं हुआ है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और तेलंगाना के कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। सबसे अधिक तापमान उत्तर प्रदेश के बांदा में 44.2°C रिकॉर्ड किया गया।

प्रयागराज में पारा 43.6°C तक पहुंच गया, जबकि मध्य प्रदेश के खजुराहो में 42.4°C, महाराष्ट्र के ब्रह्मपुरी में 42.1°C, छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में 42°C, बिहार के छपरा में 41.8°C और झारखंड के डाल्टनगंज में लगभग 40°C तापमान दर्ज हुआ। मौसम विभाग ने मध्य और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक अस्थिर मौसम की चेतावनी दी है। पश्चिमी मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में 19 से 23 जून तक तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान की संभावना जताई गई है, जहां हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

छत्तीसगढ़ में भी इसी अवधि के दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका बनी हुई है। वहीं दक्षिण भारत में तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। पूर्वोत्तर राज्यों में भी मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश के आसार हैं, जबकि सिक्किम और उत्तर बंगाल में भी तेज वर्षा हो सकती है।

आने वाले दो दिनों के पूर्वानुमान के अनुसार, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। कई जगहों पर हवा की रफ्तार 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। इसी तरह राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई गई है।

कुल मिलाकर देश के एक हिस्से में जहां मानसून की रफ्तार धीमी है, वहीं दूसरी ओर आंधी, बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं लगातार चिंता बढ़ा रही हैं।