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रोनाल्डो का कमाल, पुर्तगाल ने आखिरी पलों में मारी बाजी; स्पेन और स्विट्जरलैंड भी पहुंचे प्री-क्वार्टर फाइनल

फुटबॉल वर्ल्ड कप के नॉकआउट चरण में जगह बनाने की जंग अब और रोमांचक हो गई है। शुक्रवार को खेले गए मुकाबलों में पुर्तगाल, स्पेन और स्विट्जरलैंड ने शानदार जीत दर्ज कर अंतिम-16 (प्री-क्वार्टर फाइनल) में अपनी जगह पक्की कर ली। सबसे ज्यादा चर्चा पुर्तगाल और क्रोएशिया के बीच हुए मुकाबले की रही, जहां इंजरी टाइम में हुए घटनाक्रम ने मैच का पूरा नतीजा बदल दिया। क्रिस्टियानो रोनाल्डो की टीम ने 2-1 से जीत दर्ज की, जबकि क्रोएशिया का आखिरी मिनट में किया गया गोल वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) की जांच के बाद ऑफसाइड करार देकर रद्द कर दिया गया। इस फैसले से नाराज दर्शकों ने मैदान में बोतलें फेंककर अपना विरोध जताया।

अब पुर्तगाल का अगला मुकाबला 7 जुलाई को 2010 की विश्व चैंपियन स्पेन से होगा। दूसरी ओर, स्विट्जरलैंड ने भी अल्जीरिया को हराकर लगातार चौथी बार वर्ल्ड कप के अंतिम-16 में जगह बना ली।

आखिरी मिनटों में पलटा मैच का पूरा रोमांच

टोरेंटो स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले का पहला हाफ बिना किसी गोल के समाप्त हुआ। पुर्तगाल ने गेंद पर ज्यादा समय तक कब्जा बनाए रखा और कई बार आक्रमण किया, लेकिन क्रोएशियाई रक्षा पंक्ति ने उन्हें सफलता नहीं मिलने दी। दोनों टीमों के बीच लगातार संघर्ष देखने को मिला और हाफ टाइम तक स्कोर 0-0 रहा।

दूसरे हाफ की शुरुआत के बाद क्रोएशिया ने खेल की रफ्तार बदल दी। 53वें मिनट में जोसिप स्टानिशिच ने दाएं फ्लैंक से शानदार क्रॉस भेजा, जिस पर अनुभवी स्ट्राइकर इवान पेरिशिच ने सटीक फिनिश करते हुए गेंद को नेट में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ क्रोएशिया ने मुकाबले में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली।

रोनाल्डो ने पेनल्टी पर बराबरी दिलाई

गोल खाने के बाद पुर्तगाल ने लगातार हमले तेज कर दिए। 68वें मिनट में टीम को पेनल्टी मिली और कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने बिना कोई गलती किए गेंद को गोलपोस्ट के अंदर पहुंचा दिया। इस गोल के साथ स्कोर 1-1 हो गया और मुकाबला फिर से बराबरी पर आ गया।

यह गोल कई मायनों में ऐतिहासिक भी रहा। रोनाल्डो ने पहली बार विश्व कप के नॉकआउट चरण में गोल दागा। इसके साथ ही 41 वर्ष 147 दिन की उम्र में वे विश्व कप नॉकआउट मुकाबलों में गोल करने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए। उन्होंने अपने ही देश के पूर्व डिफेंडर पेपे का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।

इंजरी टाइम में रामोस बने जीत के हीरो

90 मिनट पूरे होने के बाद ऐसा लग रहा था कि मुकाबला अतिरिक्त समय में जाएगा, लेकिन इंजरी टाइम में पुर्तगाल ने निर्णायक हमला किया। राफेल लियाओ ने बाएं छोर से शानदार क्रॉस दिया, जिस पर गोंकालो रामोस ने बेहतरीन हेडर लगाकर गेंद गोल में पहुंचा दी। इस गोल ने पुर्तगाल को 2-1 की बढ़त दिला दी और टीम जीत के बेहद करीब पहुंच गई।

हालांकि मुकाबले का रोमांच यहीं खत्म नहीं हुआ। अंतिम क्षणों में क्रोएशिया ने भी गेंद को नेट में पहुंचा दिया और खिलाड़ियों ने बराबरी का जश्न मनाना शुरू कर दिया। लेकिन रेफरी ने VAR की मदद ली। जांच में मारियो पासालिच ऑफसाइड पाए गए, जिसके कारण गोल अमान्य घोषित कर दिया गया। फैसला आते ही क्रोएशियाई खिलाड़ी और प्रशंसक बेहद निराश नजर आए।

VAR फैसले पर भड़के दर्शक

गोल रद्द होने के बाद स्टेडियम का माहौल अचानक बदल गया। बड़ी संख्या में मौजूद क्रोएशिया के समर्थकों ने रेफरी के फैसले का विरोध किया। कुछ प्रशंसकों ने मैदान की ओर बोतलें भी फेंकी। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित किया और मुकाबला समाप्त होने के बाद खिलाड़ियों को सुरक्षित बाहर ले जाया गया।

अब स्पेन से होगी कड़ी टक्कर

पुर्तगाल की जीत के साथ ही उसका अगला मुकाबला स्पेन से तय हो गया है। दोनों यूरोपीय दिग्गजों के बीच होने वाला यह प्री-क्वार्टर फाइनल टूर्नामेंट के सबसे बड़े मुकाबलों में से एक माना जा रहा है। दोनों टीमों के पास अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा सितारों का भी बेहतरीन मिश्रण है।

स्पेन ने ऑस्ट्रिया को नहीं दिया कोई मौका

दूसरे मुकाबले में स्पेन ने ऑस्ट्रिया को 3-0 से हराकर शानदार अंदाज में अंतिम-16 में जगह बनाई। खास बात यह रही कि 2010 में विश्व चैंपियन बनने के बाद स्पेन ने पहली बार विश्व कप के नॉकआउट चरण में जीत दर्ज की है।

पूरे मुकाबले के दौरान स्पेन ने गेंद पर अपना नियंत्रण बनाए रखा। ऑस्ट्रिया की टीम एक भी ऑन-टारगेट शॉट नहीं लगा सकी। इसका नतीजा यह रहा कि स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन को पूरे मैच में एक भी सेव नहीं करनी पड़ी। लगातार चौथे मुकाबले में स्पेन ने क्लीन शीट भी बरकरार रखी।

ओयारजाबाल ने दिखाया दम

पहले हाफ में शुरुआती मिनटों तक दोनों टीमों ने संतुलित खेल दिखाया, लेकिन हाइड्रेशन ब्रेक के बाद स्पेन ने आक्रामक रुख अपना लिया। 36वें मिनट में मार्क कुकुरेला ने बेहतरीन पास दिया, जिसे मिकेल ओयारजाबाल ने शानदार गोल में बदल दिया। इस गोल के साथ स्पेन ने 1-0 की बढ़त बना ली।

दूसरे हाफ में भी स्पेन का दबदबा कायम रहा। एलेक्स बैएना ने शानदार मूव तैयार किया और गेंद पेड्रो पोरो तक पहुंचाई। पोरो ने हेडर के जरिए अपना पहला अंतरराष्ट्रीय गोल करते हुए स्कोर 2-0 कर दिया।

इसके बाद 89वें मिनट में एक बार फिर कुकुरेला ने सटीक पास दिया और ओयारजाबाल ने अपना दूसरा तथा टीम का तीसरा गोल दागकर जीत पूरी तरह सुनिश्चित कर दी।

यामाल ने फिर किया प्रभावित

स्पेन के युवा स्टार लामिन यामाल ने एक बार फिर अपने प्रदर्शन से सभी का ध्यान खींचा। 18 वर्षीय विंगर पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा समय मैदान पर बिताने वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं। ऑस्ट्रिया के खिलाफ उन्होंने कई बेहतरीन मौके बनाए और चार ऑन-टारगेट शॉट लगाए।

85वें मिनट में उनका एक शानदार शॉट लगभग गोल में बदल गया था, लेकिन ऑस्ट्रिया के डिफेंडर डेविड अलाबा ने गोललाइन पर शानदार बचाव कर टीम को एक और गोल खाने से बचा लिया। कुछ देर बाद कोच ने उन्हें आराम देने के लिए मैदान से बाहर बुला लिया।

स्पेन के कोच ने टीम की तारीफ की

जीत के बाद स्पेन के मुख्य कोच लुइस डे ला फुएंते ने खिलाड़ियों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि बड़ी टीमें मुश्किल समय में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करती हैं। उनके मुताबिक टीम ने लगभग बेहतरीन खेल दिखाया, लेकिन अगले दौर में और बेहतर प्रदर्शन की जरूरत होगी क्योंकि अब हर मुकाबला बेहद कठिन रहने वाला है।

गोलकीपर ने बचाई इज्जत

हालांकि ऑस्ट्रिया मुकाबला हार गया, लेकिन गोलकीपर अलेक्जेंडर श्लेगर ने कई शानदार बचाव किए। उन्होंने छह अहम सेव कर स्पेन को और बड़े अंतर से जीतने से रोका। इसके बावजूद ऑस्ट्रिया की टीम 1998 के बाद पहली बार नॉकआउट चरण में पहुंचने के सफर को आगे नहीं बढ़ा सकी।

स्विट्जरलैंड ने लगातार चौथी बार बनाई जगह

तीसरे मुकाबले में स्विट्जरलैंड ने अल्जीरिया को 2-0 से हराकर लगातार चौथी बार विश्व कप के अंतिम-16 में प्रवेश किया। स्विस टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और विरोधी टीम पर लगातार दबाव बनाए रखा।

मुकाबले के सिर्फ 10वें मिनट में जोहान मंजांबी ने शानदार दौड़ लगाते हुए पेनल्टी बॉक्स में प्रवेश किया और सटीक कटबैक पास दिया। ब्रील एम्बोलो ने बिना देर किए गेंद को गोल में पहुंचाकर टीम को शुरुआती बढ़त दिला दी।

पहले हाफ के बाद भी स्विट्जरलैंड 1-0 से आगे रहा। दूसरे हाफ की शुरुआत में अल्जीरिया की रक्षा पंक्ति ने गलती कर दी। रफीक बेलघाली की अधूरी क्लियरेंस सीधे डैन एनडोये के पास पहुंची और उन्होंने 46वें मिनट में गोलकीपर को छकाते हुए दूसरा गोल कर दिया।

दो गोल से पिछड़ने के बाद अल्जीरिया वापसी नहीं कर सका। स्विट्जरलैंड की मजबूत डिफेंस ने विरोधी खिलाड़ियों को कोई बड़ा मौका नहीं दिया। पूरे मैच में स्विस टीम ने अनुशासित और संतुलित प्रदर्शन करते हुए आरामदायक जीत अपने नाम की।

अब टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण में पुर्तगाल और स्पेन के बीच होने वाला मुकाबला सबसे ज्यादा चर्चा में है। वहीं, स्विट्जरलैंड भी अपने शानदार फॉर्म के दम पर अगले दौर में चुनौती पेश करने के लिए तैयार नजर आ रहा है।