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लेबनान को लेकर फिर बढ़ा तनाव, ईरान ने इजरायल को दी सीधी चेतावनी; पश्चिम एशिया में संघर्ष का खतरा गहराया

पश्चिम एशिया में एक बार फिर हालात तनावपूर्ण होते नजर आ रहे हैं। लेबनान में इजरायली सैन्य गतिविधियों और हमलों की आशंकाओं के बीच ईरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि यदि बेरूत या अन्य लेबनानी इलाकों पर बड़ा हमला हुआ तो उसका जवाब दिया जाएगा। इस चेतावनी के बाद क्षेत्र में नए संघर्ष की आशंका बढ़ गई है।

ईरानी सेना के शीर्ष सैन्य ढांचे खातम अल-अंबिया मुख्यालय के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फगारी ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि इजरायल की ओर से लेबनान के नागरिकों को इलाका खाली करने के निर्देश और हमले की धमकियां अस्वीकार्य हैं। उन्होंने कहा कि यदि इन धमकियों को अमल में लाया गया तो ईरान समर्थित जवाबी कार्रवाई की जा सकती है।

जोल्फगारी ने उत्तरी इजरायल में रहने वाले लोगों को भी चेतावनी देते हुए कहा कि संभावित सैन्य प्रतिक्रिया से बचने के लिए वे संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहें। उनके अनुसार, लेबनान में किसी बड़े हमले के परिणाम सीमित नहीं रहेंगे।

इस बीच, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी सख्त संदेश दिया है। संगठन का कहना है कि गाजा और लेबनान तेहरान की सुरक्षा और रणनीतिक प्राथमिकताओं में शामिल हैं। यदि इन क्षेत्रों में स्थिति और बिगड़ती है तो ईरान नए मोर्चों पर कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।

तनाव बढ़ने के साथ ही ईरान ने अमेरिका के साथ जारी अप्रत्यक्ष संवाद की प्रक्रिया भी रोक दी है। तेहरान ने मध्यस्थ देशों के जरिए होने वाले संदेशों के आदान-प्रदान को फिलहाल निलंबित कर दिया है। बताया जा रहा है कि इजरायल द्वारा विभिन्न मोर्चों पर कथित युद्धविराम उल्लंघनों से ईरानी नेतृत्व नाराज है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी कहा कि क्षेत्र में लागू संघर्षविराम को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर नहीं देखा जा सकता। उनके अनुसार, यदि किसी एक क्षेत्र में युद्धविराम का उल्लंघन होता है तो उसका असर पूरे समझौते पर पड़ेगा और इसके लिए अमेरिका तथा इजरायल जिम्मेदार होंगे।

गौरतलब है कि अमेरिका और इजरायल की ओर से फरवरी के अंत में शुरू हुई सैन्य कार्रवाई के बाद कई सप्ताह तक क्षेत्र में संघर्ष चला था। अप्रैल में अस्थायी युद्धविराम लागू होने के बाद स्थिति कुछ शांत हुई, लेकिन लेबनान को लेकर बढ़ते विवाद ने एक बार फिर पूरे पश्चिम एशिया को नए टकराव के मुहाने पर ला खड़ा किया है।