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वेनेजुएला में भूकंप की तबाही: 589 लोगों की मौत, हजारों घायल; मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी, भारत ने भेजी मदद

दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप ने भारी तबाही मचा दी है। दो बड़े झटकों के बाद देश के कई हिस्सों में इमारतें धराशायी हो गईं और बड़ी संख्या में लोग मलबे के नीचे दब गए। अब तक 589 लोगों की मौत की पुष्टि की जा चुकी है, जबकि करीब 2,980 लोग घायल बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है, लेकिन प्रभावित इलाकों में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं।

स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, अभी भी बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। सरकार ने जानकारी दी है कि करीब 39 हजार लोगों का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। आशंका जताई जा रही है कि कई लोग अब भी गिरी हुई इमारतों और मलबे के अंदर फंसे हो सकते हैं। बचावकर्मियों को कई जगहों से लोगों की आवाजें सुनाई देने की बात सामने आई है, जिससे उम्मीद बनी हुई है कि मलबे में दबे कुछ लोगों को जिंदा बाहर निकाला जा सकता है।

भूकंप के समय बड़ी संख्या में लोग अपने घरों में मौजूद थे, जिससे नुकसान और बढ़ गया। 25 जून को वेनेजुएला में साल 1821 के काराबोबो युद्ध की याद में राष्ट्रीय अवकाश था। छुट्टी होने के कारण ज्यादातर लोग घरों पर थे और कई लोग फीफा वर्ल्ड कप के मुकाबले देख रहे थे। इसी वजह से भूकंप आने के समय बड़ी संख्या में लोग इमारतों के अंदर मौजूद थे और कई लोग बाहर निकलने का मौका नहीं पा सके।

अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुमान के अनुसार, इस भूकंप के बाद बड़ी मानवीय त्रासदी की आशंका बनी हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मरने वालों की संख्या 10 हजार से ज्यादा होने की संभावना 44 प्रतिशत तक है। वहीं, एक लाख लोगों तक मौत का आंकड़ा पहुंचने की संभावना भी जताई गई है। हालांकि अंतिम आंकड़े राहत और बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे।

भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में ला गुआइरा राज्य शामिल है। यहां कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है और बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने राहत कार्यों को तेज करने के लिए सेना को तैनात किया है। जवानों की मदद से प्रभावित लोगों तक भोजन, पानी और जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है।

वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने देश में आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी है। उन्होंने कहा कि सरकार का पूरा ध्यान फिलहाल लोगों की जान बचाने और प्रभावित इलाकों में मदद पहुंचाने पर है। उन्होंने दुनिया के अलग-अलग देशों से पहुंचे बचाव दलों का स्वागत करते हुए कहा कि मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए चौबीसों घंटे अभियान चलाया जा रहा है।

राष्ट्रपति रोड्रिगेज ने कहा कि राहत और बचाव टीमें दिन-रात काम कर रही हैं। कई स्थानों पर भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है, जबकि प्रशिक्षित बचावकर्मी छोटे-छोटे स्थानों में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। कई परिवार अभी भी अपने लापता परिजनों की जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

इस प्राकृतिक आपदा ने वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को भी बड़ा झटका दिया है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, भूकंप से देश को करीब 9.5 लाख करोड़ रुपये तक का आर्थिक नुकसान हो सकता है। सड़कों, इमारतों, बिजली व्यवस्था और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। सरकार के सामने अब लोगों को राहत देने के साथ-साथ पुनर्निर्माण की बड़ी चुनौती भी खड़ी हो गई है।

दुनिया के कई देशों ने वेनेजुएला के लिए मदद का हाथ बढ़ाया है। अंतरराष्ट्रीय बचाव दल प्रभावित इलाकों में पहुंच रहे हैं और राहत सामग्री भेजी जा रही है। मेडिकल टीमों के साथ-साथ खोजी दल भी मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।

भारत ने भी वेनेजुएला की मदद के लिए राहत अभियान शुरू किया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जानकारी दी कि भारत ने ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ के तहत सहायता भेजी है। भारतीय वायुसेना के दो C-17 विमान राहत सामग्री और भारतीय सेना की फील्ड हॉस्पिटल यूनिट लेकर वेनेजुएला के लिए रवाना हुए हैं।

भारत की ओर से भेजी गई सहायता में 35 टन से ज्यादा राहत सामग्री शामिल है। इसमें चिकित्सा उपकरण, जरूरी दवाएं और आपदा प्रभावित लोगों के लिए आवश्यक सामान शामिल हैं। विदेश मंत्री ने कहा कि भारत इस मुश्किल समय में वेनेजुएला के लोगों के साथ खड़ा है और राहत एवं बचाव कार्यों में हर संभव सहयोग देगा।

भूकंप के बाद कई इलाकों में संचार व्यवस्था प्रभावित हुई है। कुछ स्थानों पर बिजली और पानी की समस्या भी सामने आई है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में सेवाएं बहाल करने की कोशिश कर रहा है। राहत शिविरों में बड़ी संख्या में लोगों को रखा गया है, जहां उन्हें भोजन और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप के बाद आने वाले झटके यानी आफ्टरशॉक्स भी खतरा पैदा कर सकते हैं। इसलिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। बचाव दल भी लगातार सावधानी के साथ काम कर रहे हैं क्योंकि कमजोर हो चुकी इमारतें कभी भी गिर सकती हैं।

इस आपदा के बाद वेनेजुएला के सामने सबसे बड़ी चुनौती मलबे में दबे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकालना और घायलों तक चिकित्सा सहायता पहुंचाना है। सरकार और अंतरराष्ट्रीय टीमें मिलकर राहत अभियान चला रही हैं। आने वाले दिनों में ही इस त्रासदी की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी कि भूकंप ने कितनी बड़ी तबाही मचाई है।